मधुबनी में बिहार अग्निशमन सेवा सप्ताह का विधिवत शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बैच धारण कर इस कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर अन्य पदाधिकारियों ने भी बैच धारण कर अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। यह सप्ताह प्रतिवर्ष 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक ‘सुरक्षा और जागरूकता के पर्व’ के रूप में मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को आग से बचाव के प्रति जागरूक करना और कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर अग्निशमन कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करना है। पछुआ हवाओं के कारण आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती सप्ताह की शुरुआत 14 अप्रैल को ‘अग्निशमन सेवा दिवस’ से होती है। बिहार में, विशेषकर गर्मी के मौसम में पछुआ हवाओं के कारण आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, ऐसे में इस सप्ताह की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है। अग्निशमन सेवा सप्ताह के दौरान पूरे जिले में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें अस्पतालों, स्कूलों और बहुमंजिला इमारतों में आग से बचाव के जीवंत प्रदर्शन शामिल हैं। साथ ही, गांवों और शहरी मुहल्लों में पैम्फलेट और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को सावधान किया जाएगा। “अग्नि सुरक्षा से बचाव ही सर्वोत्तम उपाय है” का संदेश प्रसारित किया जाएगा इस अवधि में “अग्नि सुरक्षा से बचाव ही सर्वोत्तम उपाय है” का संदेश प्रसारित किया जाएगा। लोगों को सलाह दी जाएगी कि वे रसोई में काम करते समय सूती कपड़े पहनें, बिजली के उपकरणों की नियमित जांच कराएं और आग लगने पर तुरंत 101 या 112 नंबर पर सूचना दें। यह सप्ताह इस बात के प्रति जागरूक करता है कि थोड़ी सी सतर्कता बड़ी दुर्घटना को टाल सकती है। यह केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि जन-भागीदारी का संकल्प है ताकि बिहार को अग्नि-सुरक्षित बनाया जा सके। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार, अपर समाहर्ता मुकेश रंजन, डीपीआरओ परिमल कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) चंदन कुमार झा, मुख्यालय डीएसपी रश्मि, जिला समादेष्टा (गृहरक्षावाहिनी) अमित कुमार सहित अग्निशमन सेवा के कई कर्मी उपस्थित थे। मधुबनी में बिहार अग्निशमन सेवा सप्ताह का विधिवत शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बैच धारण कर इस कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर अन्य पदाधिकारियों ने भी बैच धारण कर अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। यह सप्ताह प्रतिवर्ष 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक ‘सुरक्षा और जागरूकता के पर्व’ के रूप में मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को आग से बचाव के प्रति जागरूक करना और कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर अग्निशमन कर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करना है। पछुआ हवाओं के कारण आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती सप्ताह की शुरुआत 14 अप्रैल को ‘अग्निशमन सेवा दिवस’ से होती है। बिहार में, विशेषकर गर्मी के मौसम में पछुआ हवाओं के कारण आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, ऐसे में इस सप्ताह की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है। अग्निशमन सेवा सप्ताह के दौरान पूरे जिले में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें अस्पतालों, स्कूलों और बहुमंजिला इमारतों में आग से बचाव के जीवंत प्रदर्शन शामिल हैं। साथ ही, गांवों और शहरी मुहल्लों में पैम्फलेट और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को सावधान किया जाएगा। “अग्नि सुरक्षा से बचाव ही सर्वोत्तम उपाय है” का संदेश प्रसारित किया जाएगा इस अवधि में “अग्नि सुरक्षा से बचाव ही सर्वोत्तम उपाय है” का संदेश प्रसारित किया जाएगा। लोगों को सलाह दी जाएगी कि वे रसोई में काम करते समय सूती कपड़े पहनें, बिजली के उपकरणों की नियमित जांच कराएं और आग लगने पर तुरंत 101 या 112 नंबर पर सूचना दें। यह सप्ताह इस बात के प्रति जागरूक करता है कि थोड़ी सी सतर्कता बड़ी दुर्घटना को टाल सकती है। यह केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि जन-भागीदारी का संकल्प है ताकि बिहार को अग्नि-सुरक्षित बनाया जा सके। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार, अपर समाहर्ता मुकेश रंजन, डीपीआरओ परिमल कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) चंदन कुमार झा, मुख्यालय डीएसपी रश्मि, जिला समादेष्टा (गृहरक्षावाहिनी) अमित कुमार सहित अग्निशमन सेवा के कई कर्मी उपस्थित थे।


