Cylinders Scam: सिलेंडर में गैस की जगह पानी, दो दिन चलने के बाद अचानक हुआ बंद, जनता को लगा रहे चूना

Cylinders Scam: सिलेंडर में गैस की जगह पानी, दो दिन चलने के बाद अचानक हुआ बंद, जनता को लगा रहे चूना

Cylinders Scam: रायपुर में एक तरफ आम जनता जहां सिलेंडर के संकट से जूझ रही है, वहीं दूसरी तरफ गैस सिलेंडर में पानी भरकर एजेंसी आम जनता को धोखा दे रही है। क्योकि एक ऐसा ही मामला रायपुरा चौक स्थित इंद्रप्रस्थ फेस-2 से सामने आया है। उपभोक्ता धर्मेंद ने बताया कि करीब दो माह पहले उसने टाटीबंध स्थित परवेज गैस एजेंसी से सिलेंडर 14 फरवरी- बुकिंग नंबर 587026, बुक किया था। उस दौरान उन्हें सिलेंडर तौल के नहीं दिया गया।

लेकिन वजन देखकर उपभोक्ता ने सिलेंडर रख लिया। जब घर में इस्तेमाल हो रहा दूसरा सिलेंडर खतम हुआ तो, उपभोक्ता ने फरवरी माह में लिए सिलेंडर को इस्तेमाल करने निकाला, दो दिन चलने के बाद अचानक गैस बंद हो गया। जब सिलेंडर को हिलाकर देखा तो उसमें से पानी की आवाज आने लगा। जिसके बाद उपभोक्ता ने सिलेंडर को नीचें झुकाकर छेद में पिन डाला तो भारी मात्रा में पानी निकलने लगा। इसको लेकर उपभोक्ता ने खाद्य विभाग में शिकायत भी की है।

पहले भी हो चुके है इस तरह के मामले

खादय् विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पहले भी गैस एजेंसी की ओर से सिलेंडर में पानी मिलाने के कई मामले आ चुके है। इससे पहले भनपुरी स्थित एक मामला सामने आया था। जिसमें कुछ दिन तक सिलेंडर चलने के बाद बंद हो गया। शिकायत के बाद कंपनी, गैस एजेंसी और विभाग के बीच पत्राचार कर कार्रवाई की गई थीं।

परवेज गैस एजेंसी ने गोलमोल जवाब दिया

इस मामले को लेकर पत्रिका ने जब परवेज गैस एजेंसी संचालक से बात की तो उनका कहना था कि, इस तरह के मामले होते रहते है। हर दो तीन माह में एकात ऐसा मामला आता है। पहले संचालक ने कहा कि गैस के अंदर के लिक्विड भरा होता है, जो पानी की तरह निकलता है। बाद में बात को घुमाते हुए कहा कि कई बार सिलेंडर में लिकेज होता है, ढक्कन खुला होता है, तो कंपनी में धूलने के समय उसमें पानी भर जाता है।

जिस उपभोक्ता का सिलेंडर है उसे लेकर आने बोल दिजिए पत्राचार कर सिलेंडर को वापस कर लिया जाएगा। वहीं वजन के अनुसार उपभोक्ता को पैसा रिटर्न कर दिया जाएगा।

पुराने सिलेंडर से खतरा, वजन भी नहीं कर रहे

लगातार कई एजेंसियों से खराब, कबाड़ जैसे पुराने सिलेंडर उपभोक्ताओं को दिए जा रहे है। इससे भी किसी बड़ी दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। क्योकि ऐसे कबाड़ और पुराने दिखने वाले सिलेंडर में लिकेज का खतरा ज्यादा होता है, एजेंसी के लोग गाड़ी से सीधे सड़क पर पटक देते है। जिससे भी सिलेंडर डैमेज हो जाता है। इसके कारण दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। वहीं जिले में सिलेंडर को वजन करके भी नहीं दिया जा रहा है।

जबकि कई बरा मामले सामने आते है, जिसमें सिलेंडर माफिया दो-तीन किलो गैस निकाल लेते है। और बिना वजन के उपभोक्ता को दे देते है, जिससे शक भी नहीं होता।

वर्जन
सिलेंडर में पानी भरा होने की शिकायत मिली है। इसकी जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है। पहले भी दूसरे एजेंसी को लेकर इस तरह की शिकायत हुई थीं।

  • भूपेंद मिश्रा, खादय् नियंत्रक रायपुर

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