JJM Scam: 55 ‘पोटलियों’ में कोर्ट पहुंचा 960 करोड़ का घोटाला, रिटायर्ड IAS की बढ़ाई रिमांड, इंजीनियर समेत 10 आरोपी के खिलाफ चार्जशीट पेश

JJM Scam: 55 ‘पोटलियों’ में कोर्ट पहुंचा 960 करोड़ का घोटाला, रिटायर्ड IAS की बढ़ाई रिमांड, इंजीनियर समेत 10 आरोपी के खिलाफ चार्जशीट पेश

Jal Jeevan Mission Scam Case Update: सेवानिवृत्त आइएएस सुबोध अग्रवाल की रिमांड अवधि पूरी होने पर सोमवार को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से उनका रिमांड दो दिन बढ़ाकर फिर एसीबी को सौंप दिया गया। एसीबी ने रिमांड बढ़ाने का आग्रह किया था।

डीआइजी डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि अनुसंधान अधिकारी एएसपी महावीर शर्मा ने इस मामले में 17 फरवरी को गिरफ्तार सभी 10 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की। सूत्रों के अनुसार चार्जशीट करीब 16 हजार पेजों की है। इससे संबंधित 3.15 लाख से अधिक पेज की फोटो कॉपी करवाई गई है। अब लोकसेवकों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू होगी।

फिर लिया सुधांश पंत का नाम, 33 टेंडर 600 करोड़ के उनके समय के

एसीबी आरोपी सुबोध अग्रवाल को कोर्ट में लेकर पहुंची, तब मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि 37 टेंडरों में से केवल 4 उनके कार्यकाल के हैं, जबकि अन्य 33 टेंडर पूर्व अधिकारी सुधांश पंत के समय के हैं। एसीबी जिनमें पैसा ही नहीं दिया गया, उनमें उनसे पूछताछ कर रही है, जबकि जिनमें 600 करोड़ रुपए गए उनमें पूछताछ नहीं कर रही।

सुबोध अग्रवाल के खिलाफ प्रमाणित सबूत

एसीबी सूत्रों के अनुसार, अग्रवाल के खिलाफ दस्तावेजी सबूत प्रमाणित हैं। इरकॉन के फर्जी प्रमाण पत्र को लेकर अन्य फर्म ने उन्हें शिकायत की। बाद में इरकॉन के मुख्य सतर्कता अधिकारी ने ई-मेल भेजकर प्रमाण पत्र को फर्जी बताया। इसके बावजूद जांच कमेटी बनाई और फर्जीवाड़ा करने वाली फर्म को भुगतान कर दिया। टेंडर भी जारी किए। यह सब रिकॉर्ड पर है।

वांटेड तीन आरोपियों की सम्पत्ति कुर्क की कार्रवाई

एसीबी ने मामले में फर्म एक्जीक्यूटिव इंजीनियर जितेन्द्र शर्मा, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर मुकेश गोयल और दलाल संजीव गुप्ता की सम्पति की कुर्क करने की कवायद शुरू कर दी। न्यायालय में इस संबंध में आवेदन पेश किया है।

11 रिटों की सुनवाई अब 21 को

इस प्रकरण से जुड़ी 11 याचिकाओं पर हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 21 अप्रेल को होगी। इससे पहले सुनवाई की तारीख सोमवार को थी।

इनके खिलाफ चार्जशीट

  • दिनेश गोयल (मुख्य अभियंता)
  • केडी गुप्ता (मुख्य अभियंता, ग्रामीण)
  • सुभांशु दीक्षित (तत्कालीन सचिव, RWSSMC)
  • सुशील शर्मा (वित्तीय सलाहकार)
  • निरिल कुमार (मुख्य अभियंता, चूरू)
  • विशाल सक्सेना (अधिशासी अभियंता)
  • अरुण श्रीवास्तव (अतिरिक्त मुख्य अभियंता, सेवानिवृत्त)
  • दिलीप कुमार गौड़ (तत्कालीन मुख्य अभियंता)
  • महेंद्र प्रकाश सोनी (अधीक्षण अभियंता)
  • मुकेश पाठक (निजी व्यक्ति)

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