हंगरी में 16 साल बाद सत्ता परिवर्तन: डोनाल्ड ट्रंप के करीबी की हार, पीटर मागयार बनेंगे नए PM

हंगरी में 16 साल बाद सत्ता परिवर्तन: डोनाल्ड ट्रंप के करीबी की हार, पीटर मागयार बनेंगे नए PM

Government Change in Hungary: हंगरी की संसदीय चुनावों में प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान का 16 साल का लंबा शासन सोमवार को समाप्त हो गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाने वाले ओरबान को उनके पूर्व सहयोगी 45 वर्षीय पीटर मागयार ने भारी मतों से हरा दिया है। मागयार की तिस्जा पार्टी को 199 सदस्यीय संसद में 138 सीटें मिली हैं, जबकि ओरबान की फिदेज पार्टी मात्र 55 सीटों पर सिमट गई।

जीत के बाद क्या बोले पीटर मागयार?

पीटर मागयार की तिस्जा पार्टी को 199 सदस्यीय संसद में 138 सीटें मिली हैं। जीत के बाद मागयार ने समर्थकों से कहा- हमने मिलकर विक्टर ओरबान की सरकार को हटा दिया है। हमने हंगरी की व्यवस्था को बदल दिया। उन्होंने ओरबान शासन को ‘चुनावी तानाशाही’ करार दिया। मागयार ने वादा किया कि वे लोकतंत्र को मजबूत करेंगे।

विक्टर ओरबान पर लगे थे भ्रष्टाचार, पक्षपात सहित कई गंभीर आरोप

विक्टर ओरबान पर भ्रष्टाचार, पक्षपात, मीडिया और न्यायपालिका पर नियंत्रण तथा यूरोपीय संघ से दूरी बनाने के आरोप लगते रहे। जनता में इन मुद्दों को लेकर गहरी नाराजगी थी। चुनाव रिजल्ट के बाद विक्टर ओरबान ने नतीजों को साफ लेकिन दर्दनाक बताया। उन्होंने हार स्वीकार कर ली है। उन्होंने कहा कि चुनावी नतीजे स्पष्ट हैं, लेकिन यह दर्दनाक है।

नई सरकार के एजेंडे

पीटर मागयार ने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े सुधार, भ्रष्टाचार पर सख्त रोक, न्यायपालिका को स्वतंत्र बनाने और ओरबान समर्थकों को मिलने वाले अनुचित फायदों को खत्म करने का वादा किया है। उन्होंने कहा कि रूस पर निर्भरता कम की जाएगी और यूरोपीय संघ तथा यूक्रेन के साथ संबंध सुधारे जाएंगे। प्रवासन और राष्ट्रीय सुरक्षा पर उनका रुख सख्त रहेगा।

कौन हैं पीटर मागयार?

पीटर मागयार पेशे से वकील और डिप्लोमैट हैं। वे पहले ओरबान की फिदेज पार्टी से जुड़े थे और कई अहम पदों पर रहे। पूर्व न्याय मंत्री जुटिट वर्गा से उनकी शादी हुई थी। एक बड़े पार्डन स्कैंडल के बाद उन्होंने सरकार से दूरी बनाई और भ्रष्टाचार व सत्ता के दुरुपयोग के आरोप लगाए। साल 2024 के यूरोपीय संसद चुनाव में उनकी पार्टी को अच्छा समर्थन मिला और अब वे हंगरी के नए प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। यह जीत साम्यवाद के पतन के बाद हंगरी में सबसे बड़ा राजनीतिक बदलाव मानी जा रही है। यूरोपीय संघ में इसे लोकतंत्र की वापसी के रूप में देखा जा रहा है।

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