Sensex Recovery: सेंसेक्स 700 और निफ्टी 207 अंक गिरकर हुआ बंद, उधर इन शेयरों में दिखी तेजी

Sensex Recovery: सेंसेक्स 700 और निफ्टी 207 अंक गिरकर हुआ बंद, उधर इन शेयरों में दिखी तेजी

Sensex-Nifty recovery: सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट के बाद निवेशकों की सतर्क खरीदारी से बाजार में कुछ सुधार देखने को मिला। सेंसक्स और निफ्टी दिन के निचले स्तर से उबरकर सीमित गिरावट के साथ ट्रेड करते नजर आए, जबकि EV सेक्टर की एक कंपनी ने बाजार के विपरीत शानदार प्रदर्शन किया। अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई शांतिवार्ता के फेल होने से दो हफ्तों के युद्ध विराम पर संकट दिखाई दे रहा है। इस असमंजस के चलते वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने शेयर बाजार को दबाव में रखा।

गिरावट के बाद बाजार में रिकवरी

भारतीय शेयर बाजार ने दिन की शुरुआत में कमजोर की थी, लेकिन बाद में कुछ हद तक रिकवरी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स करीब 702 अंक गिरकर 76,847 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में भी कुछ सुधार होकर यह 207 अंकों की गिरावट के बाद 23,842 के स्तर पर बंद हुआ।

इंट्राडे में सेंसक्स 1,682 अंक टूटकर 75,868 तक पहुंच गया था, वहीं निफ्टी 23,555 तक गिर गया था। हालांकि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में गिरावट अपेक्षाकृत कम रही, जिससे संकेत मिला कि बाजार में पूरी तरह घबराहट नहीं है। इसके साथ ही निफ्टी बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी ऑटो और निफ्टी आईटी में 1-2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

EV पॉलिसी से एथर एनर्जी में उछाल

जहां एक ओर बाजार दबाव में रहा, वहीं एथर एनर्जी (Ather Energy) के शेयरों में 8 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली। इसका कारण दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी है, जिसमें 2028 से पेट्रोल टू-व्हीलर के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। इस पॉलिसी के तहत EV को बढ़ावा देने के लिए टैक्स छूट, इंसेंटिव और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की योजना है। इस पर दिल्ली सरकार के मंत्री Pankaj Kumar Singh ने कहा कि “हम टैक्स छूट, इंसेंटिव और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए EV अपनाने को तेज करना चाहते हैं और एक सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट सिस्टम बनाना चाहते हैं।”

ऑयल प्राइस और ग्लोबल मार्केट का दबाव

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। यूएस क्रूड 8 प्रतिशत बढ़कर 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 101 डॉलर के ऊपर ट्रेड कर रहा है। इस बीच एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही, जहां निक्केई, हैंग सेंग और कोस्पी जैसे प्रमुख इंडेक्स 0.5 से 1 प्रतिशत तक गिरे। वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ती महंगाई की आशंका ने निवेशकों को सतर्क बना दिया है, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

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