शहर ही सीवर सिस्टम ‘फेल’… जांच में टूट रही लाइनें, सड़क पर उफनता गंदा पानी

शहर ही सीवर सिस्टम ‘फेल’… जांच में टूट रही लाइनें, सड़क पर उफनता गंदा पानी

जयपुर। शहर में मानसून आने से पहले ही सीवर सिस्टम की हकीकत सामने आने लगी है। शहर की आधे से अधिक सीवर लाइनें जर्जर हो चुकी हैं और कहीं भी कभी भी टूट सकती हैं। हालात इतने खराब हैं कि जहां-जहां जांच की जा रही है, वहीं लाइनें क्षतिग्रस्त हो रही हैं। इसके बावजूद नगर निगम की तैयारियां धरातल पर नजर नहीं आ रहीं।
पिछले मानसून में भी शहर के कई इलाकों में सीवर लाइनें टूटने और उफान की स्थिति बनी थी, लेकिन इस बार भी हालात नहीं बदले। मरम्मत और बदलाव के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई।

समझें: कैसे में अटकी है जनता की सहूलियत
सिस्टम की पोल खोलते हालात
कमजोर सिस्टम: श्याम नगर के वशिष्ठ मार्ग पर सीवर लाइन का कंडीशनल असिसमेंट सर्वे करवाया जा रहा था। लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। 900 एमएम की लाइन है।
जांच के दौरान ही पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई।

लाइन का मिलान नहीं हो पा रहा: पिछले दो वर्ष से खासा कोठी पुलिया के नीचे सीवर लाइन उफन रही है। बारिश के दिनों में तो सडक़ तालाब बन जाती है। पुरानी लाइन नहीं मिली तो नहीं निगम ने नई लाइन डाल दी। अब तक मिलान नहीं हो पाया है।

गंदा पानी सडक़ पर: तिलक नगर का विजय पथ इस इलाका का व्यस्त मार्ग है, लेकिन पिछले आए दिन सीवर जाम की समस्या होती है। गंदा पानी 800 से 1000 मीटर दूर तक जाता है। दुर्गंध की वजह से लोगों का घर में रुकना मुश्किल हो जाता है।

सबसे ज्यादा प्रभावित इलाके
मालवीय नगर, मानसरोवर, सांगानेर का पुराना हिस्सा, वैशाली नगर के कई ब्लॉक, प्रताप नगर आदि क्षेत्र।

खास-खास
-1200 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे अमृत मिशन तक तहत सीवर लाइन बिछाने में (पूववर्ती हैरिटेज निगम में)
-40 वर्ष से अधिक पुरानी सीवर लाइन हैं शहर के कई इलाकों में, जो बारिश में होती हैं क्षतिग्रस्त
-480 करोड़ रुपए के काम अटके हुए हैं पूर्ववर्ती गे्रटर नगर निगम के जोन में

ये भी जानें
-7500 किमी से अधिक सीवर लाइन बिछी है शहर भर में
-4500 किमी सीवर लाइन का रखरखाव करता है नगर निगम
-2000 किमी की सीवरलाइन का रखरखाव है जेडीए के पास

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