शेखपुरा एसपी बलिराम कुमार चौधरी ने मासिक अपराध समीक्षा बैठक में पुलिसकर्मियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रूटीन कार्य, छापेमारी और गश्त के दौरान थाना से बाहर निकलने पर सभी पुलिसकर्मी बॉडी कैमरा पहनकर निकलें। इसका उद्देश्य पुलिस की गतिविधियों को ऑनलाइन दर्ज कर पारदर्शिता बढ़ाना और जनता का विश्वास जीतना है। एसपी ने सभी थानाध्यक्षों को प्रतिदिन अपने अधीनस्थ पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया। उन्हें दिनभर के कार्यों की सूची बनाकर उसे पूरा करने की रणनीति तैयार करने को कहा गया। वारंट के निष्पादन पर भी जोर दिया गया किसी भी आपराधिक घटना पर त्वरित कार्रवाई करने के साथ-साथ न्यायालय द्वारा जारी समन और वारंट के निष्पादन पर भी जोर दिया गया। थानाध्यक्षों को इसके निष्पादन की रणनीति तैयार करने और कार्य पूरा होने के बाद उसे अपडेट करने के निर्देश दिए गए। एसपी ने एक साल से पुराने आपराधिक मामलों में अनुसंधान कार्य को गति देने और जल्द से जल्द आरोप पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, सभी पुलिस पदाधिकारियों, विशेषकर थानाध्यक्षों को नए आपराधिक कानूनों के तहत पुलिस विभाग द्वारा जारी विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक ऐप्स को लगातार अपडेट करते रहने को कहा गया। नाबालिग बच्चों के गायब होने की सूचना और उनकी तस्वीरें अपडेट की जाएंगी नए आपराधिक कानून के तहत ‘वात्सल्य’, ‘समन्वय’, ‘प्रतिबिंब’, ‘इट्सो’ जैसे ऐप्स के रखरखाव और दैनिक अद्यतन पर विशेष निर्देश दिए गए। एसपी ने बताया कि ‘वात्सल्य’ ऐप के माध्यम से जिले के नाबालिग बच्चों के गायब होने की सूचना और उनकी तस्वीरें अपडेट की जाएंगी, जबकि ‘प्रतिबिंब’ ऐप का उपयोग साइबर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए किया जा रहा है। जिस पर उनके सभी मोबाइल नंबर को अपडेट करने से उनके बारे में किसी भी प्रकार के अपराध किए जाने की जानकारी पूरे देश में प्राप्त हो जाती है। इसके अलावा नवालिग बच्चों के साथ यौन अपराध को लेकर मामलों के लिए संघारित ईट्सो एप पर भी लगातार आंकड़े अपडेट करते रहने को भी कहां गया है। जानकारी आपस में पुलिस के साथ साझा की जाती इस ऐप पर नाबालिग के साथ किसी भी प्रकार के यौनाचार दुष्कर्म आदि के मामलों का लोड कर इसकी जानकारी आपस में पुलिस के साथ साझा की जाती है। इसके अलावा आपराधिक कानून के तहत अनुसंधान के नए स्वरूप में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के इस्तेमाल के लिए ई साक्ष्य पोर्टल पर भी लगातार अनुसंधान कार्य को अपडेट करते रहने की सलाह सभी थानाध्यक्ष सहित पुलिस पदाधिकारी को दिया। शेखपुरा एसपी बलिराम कुमार चौधरी ने मासिक अपराध समीक्षा बैठक में पुलिसकर्मियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रूटीन कार्य, छापेमारी और गश्त के दौरान थाना से बाहर निकलने पर सभी पुलिसकर्मी बॉडी कैमरा पहनकर निकलें। इसका उद्देश्य पुलिस की गतिविधियों को ऑनलाइन दर्ज कर पारदर्शिता बढ़ाना और जनता का विश्वास जीतना है। एसपी ने सभी थानाध्यक्षों को प्रतिदिन अपने अधीनस्थ पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया। उन्हें दिनभर के कार्यों की सूची बनाकर उसे पूरा करने की रणनीति तैयार करने को कहा गया। वारंट के निष्पादन पर भी जोर दिया गया किसी भी आपराधिक घटना पर त्वरित कार्रवाई करने के साथ-साथ न्यायालय द्वारा जारी समन और वारंट के निष्पादन पर भी जोर दिया गया। थानाध्यक्षों को इसके निष्पादन की रणनीति तैयार करने और कार्य पूरा होने के बाद उसे अपडेट करने के निर्देश दिए गए। एसपी ने एक साल से पुराने आपराधिक मामलों में अनुसंधान कार्य को गति देने और जल्द से जल्द आरोप पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, सभी पुलिस पदाधिकारियों, विशेषकर थानाध्यक्षों को नए आपराधिक कानूनों के तहत पुलिस विभाग द्वारा जारी विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक ऐप्स को लगातार अपडेट करते रहने को कहा गया। नाबालिग बच्चों के गायब होने की सूचना और उनकी तस्वीरें अपडेट की जाएंगी नए आपराधिक कानून के तहत ‘वात्सल्य’, ‘समन्वय’, ‘प्रतिबिंब’, ‘इट्सो’ जैसे ऐप्स के रखरखाव और दैनिक अद्यतन पर विशेष निर्देश दिए गए। एसपी ने बताया कि ‘वात्सल्य’ ऐप के माध्यम से जिले के नाबालिग बच्चों के गायब होने की सूचना और उनकी तस्वीरें अपडेट की जाएंगी, जबकि ‘प्रतिबिंब’ ऐप का उपयोग साइबर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए किया जा रहा है। जिस पर उनके सभी मोबाइल नंबर को अपडेट करने से उनके बारे में किसी भी प्रकार के अपराध किए जाने की जानकारी पूरे देश में प्राप्त हो जाती है। इसके अलावा नवालिग बच्चों के साथ यौन अपराध को लेकर मामलों के लिए संघारित ईट्सो एप पर भी लगातार आंकड़े अपडेट करते रहने को भी कहां गया है। जानकारी आपस में पुलिस के साथ साझा की जाती इस ऐप पर नाबालिग के साथ किसी भी प्रकार के यौनाचार दुष्कर्म आदि के मामलों का लोड कर इसकी जानकारी आपस में पुलिस के साथ साझा की जाती है। इसके अलावा आपराधिक कानून के तहत अनुसंधान के नए स्वरूप में इलेक्ट्रॉनिक माध्यम के इस्तेमाल के लिए ई साक्ष्य पोर्टल पर भी लगातार अनुसंधान कार्य को अपडेट करते रहने की सलाह सभी थानाध्यक्ष सहित पुलिस पदाधिकारी को दिया।


