समस्तीपुर रेलवे मंडल के चिकित्सा विभाग को कार्य दक्षता शील्ड मिला है। वर्ष 2025-26 के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। इस दौरान मंडल रेल अस्पताल एवं हेल्थ यूनिट्स के माध्यम से यात्रियों, रेल कर्मचारियों, उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। मीडिया प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि ओपीडी में कुल 1,23,712 मरीजों का उपचार किया गया, जबकि 2,145 मरीजों को इनडोर सुविधा प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त 644 लघु शल्य क्रियाएं और 20 प्रमुख सर्जरी सफलतापूर्वक की गईं। 1,705 स्टेशन कॉल के माध्यम से तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। 1705 यात्रियों की जान यात्रा के दौरान बचाई गई। चिकित्सा विभाग की ओर से विशेष स्वास्थ्य जांच शिविरों का भी व्यापक आयोजन किया गया। जिसके तहत मंडल रेल अस्पताल एवं हेल्थ यूनिट्स में आयोजित शिविरों में कुल 7,457 लोगों की जांच की गई। अभियान के तहत 25 शिविरों में 2,837 महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत 07 शिविरों में 267 स्वच्छता मित्रों की जांच की गई। 8,855 इमरजेंसी ओपीडी केस आरके सिंह ने आगे बताया कि रेलवे मंडल के दरभंगा स्टेशन पर मेगा हेल्थ चेकअप कैंप आयोजित किया गया, जिसमें 255 लोगों की जांच की गई। क्रॉनिक लिवर रोगियों के लिए फाइब्रो-स्कैन कैंप में 117 मरीज पहुंचे। इसके अलावा समस्तीपुर स्टेशन पर आयोजित HIV परीक्षण शिविर में 265 लोगों की जांच की गई। हालांकि कोई भी एचआईवी पॉजिटिव नहीं पाया गया। इमरजेंसी सेवाओं को भी सुदृढ़ किया गया। 8,855 इमरजेंसी ओपीडी केस, 715 स्टेशन कॉल और 103 कट इंजरी केस का सफल उपचार किया गया। इसके साथ ही 1,055 RELHS और 1,268 कर्मचारी/आश्रित मामलों का समुचित प्रबंधन किया गया। पर्व-त्योहारों के दौरान प्रमुख स्टेशनों पर चिकित्सा टीमों की तैनाती कर भीड़ प्रबंधन एवं प्राथमिक उपचार सुनिश्चित किया गया। रेल अस्पताल में अब 30 आईसीयू बेड मंडल रेल अस्पताल के नए भवन के लिए 12 करोड़ की स्वीकृति और 30 ICU बेड की व्यवस्था की गई है। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, पोर्टेबल एक्स-रे, इम्यूनो एनालाइज़र, लैप्रोस्कोपी मशीन, ECG मशीन सहित कई अत्याधुनिक उपकरण स्वीकृत एवं खरीद किए गए हैं। मेडिकल रीइंबर्समेंट के अंतर्गत 237 मामलों में से 191 मामलों का निस्तारण करते हुए लगभग 57.32 लाख का भुगतान किया गया। समस्तीपुर रेलवे मंडल के चिकित्सा विभाग को कार्य दक्षता शील्ड मिला है। वर्ष 2025-26 के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। इस दौरान मंडल रेल अस्पताल एवं हेल्थ यूनिट्स के माध्यम से यात्रियों, रेल कर्मचारियों, उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। मीडिया प्रभारी आरके सिंह ने बताया कि ओपीडी में कुल 1,23,712 मरीजों का उपचार किया गया, जबकि 2,145 मरीजों को इनडोर सुविधा प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त 644 लघु शल्य क्रियाएं और 20 प्रमुख सर्जरी सफलतापूर्वक की गईं। 1,705 स्टेशन कॉल के माध्यम से तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। 1705 यात्रियों की जान यात्रा के दौरान बचाई गई। चिकित्सा विभाग की ओर से विशेष स्वास्थ्य जांच शिविरों का भी व्यापक आयोजन किया गया। जिसके तहत मंडल रेल अस्पताल एवं हेल्थ यूनिट्स में आयोजित शिविरों में कुल 7,457 लोगों की जांच की गई। अभियान के तहत 25 शिविरों में 2,837 महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत 07 शिविरों में 267 स्वच्छता मित्रों की जांच की गई। 8,855 इमरजेंसी ओपीडी केस आरके सिंह ने आगे बताया कि रेलवे मंडल के दरभंगा स्टेशन पर मेगा हेल्थ चेकअप कैंप आयोजित किया गया, जिसमें 255 लोगों की जांच की गई। क्रॉनिक लिवर रोगियों के लिए फाइब्रो-स्कैन कैंप में 117 मरीज पहुंचे। इसके अलावा समस्तीपुर स्टेशन पर आयोजित HIV परीक्षण शिविर में 265 लोगों की जांच की गई। हालांकि कोई भी एचआईवी पॉजिटिव नहीं पाया गया। इमरजेंसी सेवाओं को भी सुदृढ़ किया गया। 8,855 इमरजेंसी ओपीडी केस, 715 स्टेशन कॉल और 103 कट इंजरी केस का सफल उपचार किया गया। इसके साथ ही 1,055 RELHS और 1,268 कर्मचारी/आश्रित मामलों का समुचित प्रबंधन किया गया। पर्व-त्योहारों के दौरान प्रमुख स्टेशनों पर चिकित्सा टीमों की तैनाती कर भीड़ प्रबंधन एवं प्राथमिक उपचार सुनिश्चित किया गया। रेल अस्पताल में अब 30 आईसीयू बेड मंडल रेल अस्पताल के नए भवन के लिए 12 करोड़ की स्वीकृति और 30 ICU बेड की व्यवस्था की गई है। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, पोर्टेबल एक्स-रे, इम्यूनो एनालाइज़र, लैप्रोस्कोपी मशीन, ECG मशीन सहित कई अत्याधुनिक उपकरण स्वीकृत एवं खरीद किए गए हैं। मेडिकल रीइंबर्समेंट के अंतर्गत 237 मामलों में से 191 मामलों का निस्तारण करते हुए लगभग 57.32 लाख का भुगतान किया गया।


