नगर के गुप्ता मार्केट स्थित बच्चों के दो निजी अस्पतालों बुद्धा चाइल्ड केयर और अपोलो चाइल्ड केयर में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने अचानक छापेमारी की। सिविल सर्जन और एसडीएम के निर्देश पर गठित दो सदस्यीय टीम जैसे ही दोनों अस्पतालों में पहुंची, वहां अफरातफरी और हड़कंप मच गया। टीम ने अस्पतालों के कागजात, रजिस्ट्रेशन, डॉक्टरों की उपलब्धता, इलाज व्यवस्था, दवा से जुड़ी स्थिति और अन्य बुनियादी सुविधाओं की गहन जांच की। जांच टीम में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरनाटांड़ के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. केबीएन सिंह और अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी संदीप कुमार शामिल थे। दोनों अधिकारियों ने अस्पतालों के संचालन से जुड़े अलग-अलग बिंदुओं पर जानकारी ली और उपलब्ध अभिलेखों का मिलान किया। टीम ने वार्ड, ओपीडी, भर्ती व्यवस्था, बच्चों के इलाज के लिए उपलब्ध संसाधन और स्टाफ की स्थिति की भी पड़ताल की। हालांकि जांच के दौरान कौन-कौन सी गड़बड़ियां सामने आईं, इस पर टीम ने खुलकर कुछ भी बताने से इंकार किया। अधिकारियों ने सिर्फ इतना कहा कि जो भी तथ्य सामने आए हैं, उसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी। आगे की कार्रवाई उसी रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी। लगातार शिकायतें मिल रही थीं डॉ. केबीएन सिंह ने बताया कि दोनों अस्पतालों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। लोगों की ओर से अस्पतालों के संचालन, सुविधाओं, वैधानिक मानकों और इलाज व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त जांच कराई गई है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में पूरी वस्तुस्थिति दर्ज की जाएगी। नगर के गुप्ता मार्केट स्थित बच्चों के दो निजी अस्पतालों बुद्धा चाइल्ड केयर और अपोलो चाइल्ड केयर में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने अचानक छापेमारी की। सिविल सर्जन और एसडीएम के निर्देश पर गठित दो सदस्यीय टीम जैसे ही दोनों अस्पतालों में पहुंची, वहां अफरातफरी और हड़कंप मच गया। टीम ने अस्पतालों के कागजात, रजिस्ट्रेशन, डॉक्टरों की उपलब्धता, इलाज व्यवस्था, दवा से जुड़ी स्थिति और अन्य बुनियादी सुविधाओं की गहन जांच की। जांच टीम में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरनाटांड़ के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. केबीएन सिंह और अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी संदीप कुमार शामिल थे। दोनों अधिकारियों ने अस्पतालों के संचालन से जुड़े अलग-अलग बिंदुओं पर जानकारी ली और उपलब्ध अभिलेखों का मिलान किया। टीम ने वार्ड, ओपीडी, भर्ती व्यवस्था, बच्चों के इलाज के लिए उपलब्ध संसाधन और स्टाफ की स्थिति की भी पड़ताल की। हालांकि जांच के दौरान कौन-कौन सी गड़बड़ियां सामने आईं, इस पर टीम ने खुलकर कुछ भी बताने से इंकार किया। अधिकारियों ने सिर्फ इतना कहा कि जो भी तथ्य सामने आए हैं, उसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी। आगे की कार्रवाई उसी रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी। लगातार शिकायतें मिल रही थीं डॉ. केबीएन सिंह ने बताया कि दोनों अस्पतालों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। लोगों की ओर से अस्पतालों के संचालन, सुविधाओं, वैधानिक मानकों और इलाज व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त जांच कराई गई है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में पूरी वस्तुस्थिति दर्ज की जाएगी।


