Inhaler for TB : सूंघने की दवा से टीबी का इलाज, फेफड़ों में “छिपे” बैक्टीरिया पर हमला

Inhaler for TB : सूंघने की दवा से टीबी का इलाज, फेफड़ों में “छिपे” बैक्टीरिया पर हमला

Inhaler for TB : टीबी जैसी खतरनाक बीमारी पूरी दुनिया में फैली है। ग्लोबलडाटा के आंकड़ों का अनुमान है कि 2033 तक वर्ल्ड में टीबी के नए केस की संख्या 45 लाख तक पहुंच सकती है। इसी बीच अच्छी खबर ये आ रही है कि टीबी को लेकर सूंघने वाली दवा (इनहेलेबल नैनोसिस्टम) तैयार की जा रही है। इससे फेफड़ों छिपे बैक्टीरिया को मारने में काफी हद तक मदद मिलेगी जो दवाओं से बच जाते थे।

विट्स एडवांस्ड ड्रग डिलीवरी प्लेटफॉर्म (WADDP) के शोधकर्ता इस नैनोसिस्टम को विकसित कर रहे हैं। वैज्ञानिकों का दावा है कि इससे टीबी को खत्म करने में काफी हद तक मिल सकती है।

TB के आंकड़े देखिए

TB data 2026

Expert Tips : एक्सपर्ट का क्या है कहना?

डब्लूएडीडीपी (WADDP) के निदेशक याह्या चुनारा का कहना है कि इस तरह की ‘प्रिसिजन नैनोमेडिसिन’ हमें अधिक प्रभाव के साथ और तेजी से इलाज करने में मदद करेगी।

TB के इलाज के लिए नई ‘इनहेलेबल’ तकनीक

एक नई डिलीवरी प्रणाली विकसित की गई है जो टीबी की चार मानक दवाओं को सीधे सांस के माध्यम से फेफड़ों तक पहुंचाती है। इससे लंबी चलने वाली दवाओं के दुष्प्रभावों को कम करने और उपचार को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

क्यों बेहतर है टीबी की सूंघने वाली दवा?

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह इनहेलेबल नैनोसिस्टम चार दवाओं को सीधे फेफड़ों तक पहुंचाता है। जिससे संक्रमण वाली जगह पर दवा की सघनता बढ़ जाती है।

छिपे हुए बैक्टीरिया पर निशाना

यह नैनो-कैरियर फेफड़ों के उन “छिपे हुए” हिस्सों तक पहुंचने के लिए बनाया गया है जहां टीबी के बैक्टीरिया (Mycobacterium tuberculosis) अक्सर सामान्य दवाओं से बच जाते हैं। अब इस दवा के कारण उनका बच पाना बेहद मुश्किल माना जा रहा है।

वैश्विक टीबी चुनौतियों का समाधान

टीबी दुनिया भर में एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है, जिससे हर साल लगभग 1 करोड़ नए संक्रमण और 18 लाख मौतें होती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ‘एंड टीबी रणनीति’ का लक्ष्य 2030 तक नए मामलों में 80% और मौतों में 90% की कमी लाना है।

इनहेलेशन थेरेपी वरदान की तरह

टीबी उपचार 6 महीने तक चलता है, जिससे मतली, लिवर डैमेज और न्यूरोपैथी जैसे दुष्प्रभाव हो सकते हैं। इन कारणों से कई मरीज इलाज बीच में ही छोड़ देते हैं, जिससे मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट (MDR) टीबी का खतरा बढ़ जाता है। इनहेलेशन थेरेपी इन समस्याओं को कम कर सकती है।

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