बिहार को अगले एक हफ्ते में नया मुख्यमंत्री मिल सकता है। फिलहाल सीएम नीतीश कुमार आज दोपहर 1:20 बजे एयर इंडिया की फ्लाइट से दिल्ली रवाना हो रहे हैं। दिल्ली पहुंचने के बाद वे शाम को अपने आवास पर जदयू के वरिष्ठ नेताओं के साथ अहम बैठक करेंगे, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। इससे पहले मंत्री विजय चौधरी ने जानकारी दी थी कि नीतीश कुमार 9 अप्रैल को दोपहर 3:20 बजे की फ्लाइट से दिल्ली जाएंगे। 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री 12 अप्रैल को दिल्ली से पटना लौटेंगे। इसके बाद 13 अप्रैल को कैबिनेट की संभावित आखिरी बैठक हो सकती है। 14 अप्रैल को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। दिल्ली में बिहार सीएम के नाम पर होगा मंथन बताया जा रहा है कि 15 अप्रैल को बिहार में नई सरकार का गठन संभव है। दिल्ली में होने वाली बैठकों में बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन होगा। इधर, मंत्री विजय चौधरी ने बिहार के नए CM को लेकर बड़ा संकेत दिया है। पत्रकारों ने उनसे सवाल किया तो उन्होंने कहा, जो नाम आप लोग चला रहे हैं, उसी को आगे बढ़ाया जाएगा। बिहार के CM को लेकर अभी जो नाम सबसे आगे से वो सम्राट चौधरी का बताया जा रहा है। 10 अप्रैल को नए CM पर दिल्ली में BJP की बैठक 10 अप्रैल को ही बिहार भाजपा की अहम बैठक भी दिल्ली में होगी। प्रदेश भाजपा कोर कमेटी के नेताओं से औपचारिक रुप से बिहार के मुख्यमंत्री के नाम पर आम सहमति ली जाएगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पीएम नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हो सकते हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, केन्द्रीय मंत्री नित्यानंद राय, सांसद संजय जायसवाल, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेन्द्र जी व प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया, मंत्री दिलीप जायसवाल, मंगल पांडेय समेत अन्य नेता भी रहेंगे। नीतीश के पटना लौटने के बाद होगी NDA विधायकों की बैठक नीतीश कुमार बतौर राज्यसभा सदस्य शपथ लेकर पटना वापसी पर किसी दिन एनडीए विधानमंडल दल की बैठक बुला सकते हैं। बैठक में वह सीएम पद छोड़ने की जानकारी आधिकारिक तौर पर विधायकों को देंगे। फिर राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे। नई सरकार के गठन को पहले एनडीए के सभी घटक दलों के विधायक दल की अलग-अलग बैठकों में नेता चुने जाएंगे। इसके बाद एनडीए विधानमंडल दल के नेता की घोषणा संयुक्त बैठक में होगी। जो NDA गठबंधन के नए नेता चुने जाएंगे वो सरकार बनाने का प्रस्ताव राज्यपाल को सौंपेंगे। चर्चा के मुताबिक 15 अप्रैल के बाद ही नई सरकार बिहार में बनेगी। पद छोड़ने के पहले सीएम की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक होने के भी आसार हैं, जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। विधान परिषद सदस्य से दे चुके हैं इस्तीफा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 30 मार्च को को MLC पद से इस्तीफा दिया था। 20 साल सदन में रहने के बाद उन्होंने 29 शब्दों में बिहार विधान परिषद को अलविदा कह दिया। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद मंत्री अशोक चौधरी भावुक नजर आए। वो फफक कर रोते दिखे। उन्होंने कहा, ‘नीतीश कुमार जैसा देश में दूसरा कोई नहीं हो सकता है। अशोक चौधरी बोले- नीतीश जैसा नेता देश में दूसरा नहीं नीतीश कुमार के एमएलसी पद से इस्तीफे के बाद मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, ‘लंबे समय से मैं उनके साथ हाउस में हूं। कोविड आया तो मैं उनसे ज्यादा क्लोज हुआ। वो बड़े नेता हैं। सम्मानित व्यक्ति हैं। प्रदेश के अभिभावक हैं। उनके काम करने का तरीका, विरोधियों के प्रति भी सम्मान रखना, स्नेह रखना। उनके व्यक्तिगत काम की भी चिंता करना। इस देश में कोई दूसरा नीतीश कुमार नहीं हो सकता है।’ बिहार को अगले एक हफ्ते में नया मुख्यमंत्री मिल सकता है। फिलहाल सीएम नीतीश कुमार आज दोपहर 1:20 बजे एयर इंडिया की फ्लाइट से दिल्ली रवाना हो रहे हैं। दिल्ली पहुंचने के बाद वे शाम को अपने आवास पर जदयू के वरिष्ठ नेताओं के साथ अहम बैठक करेंगे, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। इससे पहले मंत्री विजय चौधरी ने जानकारी दी थी कि नीतीश कुमार 9 अप्रैल को दोपहर 3:20 बजे की फ्लाइट से दिल्ली जाएंगे। 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री 12 अप्रैल को दिल्ली से पटना लौटेंगे। इसके बाद 13 अप्रैल को कैबिनेट की संभावित आखिरी बैठक हो सकती है। 14 अप्रैल को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। दिल्ली में बिहार सीएम के नाम पर होगा मंथन बताया जा रहा है कि 15 अप्रैल को बिहार में नई सरकार का गठन संभव है। दिल्ली में होने वाली बैठकों में बिहार के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन होगा। इधर, मंत्री विजय चौधरी ने बिहार के नए CM को लेकर बड़ा संकेत दिया है। पत्रकारों ने उनसे सवाल किया तो उन्होंने कहा, जो नाम आप लोग चला रहे हैं, उसी को आगे बढ़ाया जाएगा। बिहार के CM को लेकर अभी जो नाम सबसे आगे से वो सम्राट चौधरी का बताया जा रहा है। 10 अप्रैल को नए CM पर दिल्ली में BJP की बैठक 10 अप्रैल को ही बिहार भाजपा की अहम बैठक भी दिल्ली में होगी। प्रदेश भाजपा कोर कमेटी के नेताओं से औपचारिक रुप से बिहार के मुख्यमंत्री के नाम पर आम सहमति ली जाएगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पीएम नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हो सकते हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, केन्द्रीय मंत्री नित्यानंद राय, सांसद संजय जायसवाल, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेन्द्र जी व प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया, मंत्री दिलीप जायसवाल, मंगल पांडेय समेत अन्य नेता भी रहेंगे। नीतीश के पटना लौटने के बाद होगी NDA विधायकों की बैठक नीतीश कुमार बतौर राज्यसभा सदस्य शपथ लेकर पटना वापसी पर किसी दिन एनडीए विधानमंडल दल की बैठक बुला सकते हैं। बैठक में वह सीएम पद छोड़ने की जानकारी आधिकारिक तौर पर विधायकों को देंगे। फिर राज्यपाल को इस्तीफा सौंपेंगे। नई सरकार के गठन को पहले एनडीए के सभी घटक दलों के विधायक दल की अलग-अलग बैठकों में नेता चुने जाएंगे। इसके बाद एनडीए विधानमंडल दल के नेता की घोषणा संयुक्त बैठक में होगी। जो NDA गठबंधन के नए नेता चुने जाएंगे वो सरकार बनाने का प्रस्ताव राज्यपाल को सौंपेंगे। चर्चा के मुताबिक 15 अप्रैल के बाद ही नई सरकार बिहार में बनेगी। पद छोड़ने के पहले सीएम की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक होने के भी आसार हैं, जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। विधान परिषद सदस्य से दे चुके हैं इस्तीफा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 30 मार्च को को MLC पद से इस्तीफा दिया था। 20 साल सदन में रहने के बाद उन्होंने 29 शब्दों में बिहार विधान परिषद को अलविदा कह दिया। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद मंत्री अशोक चौधरी भावुक नजर आए। वो फफक कर रोते दिखे। उन्होंने कहा, ‘नीतीश कुमार जैसा देश में दूसरा कोई नहीं हो सकता है। अशोक चौधरी बोले- नीतीश जैसा नेता देश में दूसरा नहीं नीतीश कुमार के एमएलसी पद से इस्तीफे के बाद मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, ‘लंबे समय से मैं उनके साथ हाउस में हूं। कोविड आया तो मैं उनसे ज्यादा क्लोज हुआ। वो बड़े नेता हैं। सम्मानित व्यक्ति हैं। प्रदेश के अभिभावक हैं। उनके काम करने का तरीका, विरोधियों के प्रति भी सम्मान रखना, स्नेह रखना। उनके व्यक्तिगत काम की भी चिंता करना। इस देश में कोई दूसरा नीतीश कुमार नहीं हो सकता है।’


