बरेली के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने के लिए बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने कमर कस ली है। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 01 ट्रिलियन डॉलर बनाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प को पूरा करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। प्राधिकरण की इस महत्वाकांक्षी योजना को न केवल बोर्ड बैठक में मंजूरी मिल गई है, बल्कि शासन स्तर पर भी इसे गति देने का निर्णय लिया गया है। इन गांवों की जमीन पर बसेगा उद्योगों का नया संसार
यह नई टाउनशिप दिल्ली हाईवे से सटे में विकसित की जाएगी। इसके लिए प्रशासन ने कुल 126.3043 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की है। इसमें मुख्य रूप से तहसील बरेली की ग्राम रसूला चौधरी, तहसील मीरगंज ग्राम भिटौरा नौगंवा (फतेहगंज पश्चिमी), चिटौली और रहपुरा जागीर। इन जमीनों का अधिग्रहण किसानों और भू-स्वामियों की आपसी सहमति से किया जाएगा, जिसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति ने पहले ही मुहर लगा दी है। सरकार देगी 50% फंड, विकास कार्यों में आएगी तेजी
योजना के जमीनी क्रियान्वयन के लिए फंड की बाधा को दूर कर दिया गया है। 08 अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की बैठक में यह तय हुआ कि मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत इस प्रोजेक्ट को सीड कैपिटल दी जाएगी। सरकार कुल जमीन खरीद की लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा खुद वहन करेगी, जिससे जमीन अधिग्रहण और बुनियादी ढांचे के विकास में देरी नहीं होगी। निवेश और रोजगार का बनेगा नया हब
इस टाउनशिप के विकसित होने से बरेली मंडल में बड़े निवेश की संभावनाएं बढ़ गई हैं। हाईवे से सटे होने के कारण लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन में आसानी होगी, जिससे नई कंपनियां यहां अपनी यूनिट लगाने के लिए आकर्षित होंगी। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि जनपद के समग्र आर्थिक विकास को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकेगा।


