सीवान में थाना प्रभारी का ऑडियो वायरल:ऑटो और कार के बीच साइड लेने को लेकर हुआ था विवाद

सीवान में थाना प्रभारी का ऑडियो वायरल:ऑटो और कार के बीच साइड लेने को लेकर हुआ था विवाद

सीवान के एमएच नगर थाना क्षेत्र के सेमरी गांव के समीप बीते रविवार की शाम एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, लेकिन इस पूरे मामले में अब पुलिस की भूमिका ही कठघरे में खड़ी हो गई है। ऑटो और स्कॉर्पियो के बीच साइड लेने को लेकर शुरू हुई कहासुनी फायरिंग, तोड़फोड़ और पुलिस पर हमले तक पहुंच गई। ऑटो चालक के आवेदन के अनुसार, स्कॉर्पियो में सवार कुख्यात अपराधी चंदन सिंह और उसके साथियों ने उस पर फायरिंग की। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने चंदन सिंह की गाड़ी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची एमएच नगर थाना की पुलिस पर भी हमला किया गया, जिसमें कई जवान घायल हो गए। पुलिस ने तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की इस मामले में पुलिस ने तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं—एक ऑटो चालक की ओर से, दूसरी चंदन सिंह की ओर से और तीसरी पुलिस पर हमले को लेकर। पुलिस ने चंदन सिंह समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब चंदन सिंह ने रघुनाथपुर विधानसभा के विधायक और पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के पुत्र ओसामा सहाब तथा उनके सहयोगी डब्लू खान पर साजिश के तहत जानलेवा हमला कराने का आरोप लगाया। पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल लेकिन सबसे बड़ा विवाद उस वक्त खड़ा हुआ जब घटना के दिन का एक कथित ऑडियो सामने आया। इस ऑडियो में एमएच नगर के थाना प्रभारी राजीव कुमार पटेल और रजनपुरा पंचायत के मुखिया मुर्शीद खान के बीच बातचीत सुनाई दे रही है, जिसने पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑडियो में बातचीत इस प्रकार है: मुर्शीद – हम तो घर चले आए है थाना प्रभारी – दिलाएगा न लिख कर के फिर कल कहिएगा की केस ये नहीं किए वो नहीं किए मुर्शीद – हम गए थे लेकिन दोनों पक्ष कम्परमाइज के लिए ही थे। थाना प्रभारी – ये सब कम्परमाइज होता है इतना आग लगा के मुर्शीद – हम तो चले आए थाना प्रभारी – चले नहीं आए आइए और लिखवाकर के बढ़िया से एक दीजिए मुर्शीद – फिर तो उसके घर वालो के पास जाना पड़ेगा न थाना प्रभारी – जो भी हो आपका क्षेत्र है मुर्शीद – दोनों पार्टी का रुचि नहीं है केस करने में देखे है तो हम चल दिए थाना प्रभारी – देखिए पूरा बवाल न हो गया है, पुलिस तो छोड़ेगा नहीं न मुर्शीद – दोनों पार्टी का रुचि नहीं था तो इसलिए हम चल दिए थाना प्रभारी – आप लिखवाकर दीजिए न हम तो मुस्लिम पक्ष से है न आप लिखवाकर दीजिए न मुर्शीद – ठीक है हम देख रहे है बात कर रहे है ठीक है सर थाना प्रभारी – समझे कितने देर में फोन करिएगा मुर्शीद – थोड़े देर में ही उनलोगों के पास फोन कर रहे है थाना प्रभारी – ठीक है जल्दी बात करके बताइए मुर्शीद – ठीक है सर केस नहीं करना चाहते और समझौते के मूड में इस पूरे ऑडियो में जहां एक ओर मुखिया लगातार यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि दोनों पक्ष केस नहीं करना चाहते और समझौते के मूड में हैं, वहीं दूसरी ओर थाना प्रभारी द्वारा आवेदन दिलवाने के लिए दबाव बनाने और खुद को एक समुदाय विशेष के पक्ष में बताने की बात सामने आ रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पुलिस अब निष्पक्ष कानून व्यवस्था की जगह संख्या और समुदाय के आधार पर काम करेगी? क्या न्याय की जगह ‘पक्ष’ देख कर कार्रवाई होगी? मुखिया को पहचानने से ही थाना प्रभारी ने इनकार कर दिया जब इस संबंध में थाना प्रभारी राजीव कुमार पटेल से बात की गई तो उन्होंने पहले मुखिया को पहचानने से ही इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, संवाददाता से बातचीत के दौरान उनका रवैया भी बेहद कड़क और अशिष्टपूर्ण रहा। वहीं, जब एसपी पूरन कुमार झा से इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया ली गई तो उन्होंने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही, लेकिन जांच कराने का आश्वासन जरूर दिया। अब सवाल यह है कि क्या इस ऑडियो की निष्पक्ष जांच होगी या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? सीवान की जनता जवाब चाहती है। सीवान के एमएच नगर थाना क्षेत्र के सेमरी गांव के समीप बीते रविवार की शाम एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, लेकिन इस पूरे मामले में अब पुलिस की भूमिका ही कठघरे में खड़ी हो गई है। ऑटो और स्कॉर्पियो के बीच साइड लेने को लेकर शुरू हुई कहासुनी फायरिंग, तोड़फोड़ और पुलिस पर हमले तक पहुंच गई। ऑटो चालक के आवेदन के अनुसार, स्कॉर्पियो में सवार कुख्यात अपराधी चंदन सिंह और उसके साथियों ने उस पर फायरिंग की। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने चंदन सिंह की गाड़ी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची एमएच नगर थाना की पुलिस पर भी हमला किया गया, जिसमें कई जवान घायल हो गए। पुलिस ने तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की इस मामले में पुलिस ने तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं—एक ऑटो चालक की ओर से, दूसरी चंदन सिंह की ओर से और तीसरी पुलिस पर हमले को लेकर। पुलिस ने चंदन सिंह समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब चंदन सिंह ने रघुनाथपुर विधानसभा के विधायक और पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के पुत्र ओसामा सहाब तथा उनके सहयोगी डब्लू खान पर साजिश के तहत जानलेवा हमला कराने का आरोप लगाया। पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल लेकिन सबसे बड़ा विवाद उस वक्त खड़ा हुआ जब घटना के दिन का एक कथित ऑडियो सामने आया। इस ऑडियो में एमएच नगर के थाना प्रभारी राजीव कुमार पटेल और रजनपुरा पंचायत के मुखिया मुर्शीद खान के बीच बातचीत सुनाई दे रही है, जिसने पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऑडियो में बातचीत इस प्रकार है: मुर्शीद – हम तो घर चले आए है थाना प्रभारी – दिलाएगा न लिख कर के फिर कल कहिएगा की केस ये नहीं किए वो नहीं किए मुर्शीद – हम गए थे लेकिन दोनों पक्ष कम्परमाइज के लिए ही थे। थाना प्रभारी – ये सब कम्परमाइज होता है इतना आग लगा के मुर्शीद – हम तो चले आए थाना प्रभारी – चले नहीं आए आइए और लिखवाकर के बढ़िया से एक दीजिए मुर्शीद – फिर तो उसके घर वालो के पास जाना पड़ेगा न थाना प्रभारी – जो भी हो आपका क्षेत्र है मुर्शीद – दोनों पार्टी का रुचि नहीं है केस करने में देखे है तो हम चल दिए थाना प्रभारी – देखिए पूरा बवाल न हो गया है, पुलिस तो छोड़ेगा नहीं न मुर्शीद – दोनों पार्टी का रुचि नहीं था तो इसलिए हम चल दिए थाना प्रभारी – आप लिखवाकर दीजिए न हम तो मुस्लिम पक्ष से है न आप लिखवाकर दीजिए न मुर्शीद – ठीक है हम देख रहे है बात कर रहे है ठीक है सर थाना प्रभारी – समझे कितने देर में फोन करिएगा मुर्शीद – थोड़े देर में ही उनलोगों के पास फोन कर रहे है थाना प्रभारी – ठीक है जल्दी बात करके बताइए मुर्शीद – ठीक है सर केस नहीं करना चाहते और समझौते के मूड में इस पूरे ऑडियो में जहां एक ओर मुखिया लगातार यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि दोनों पक्ष केस नहीं करना चाहते और समझौते के मूड में हैं, वहीं दूसरी ओर थाना प्रभारी द्वारा आवेदन दिलवाने के लिए दबाव बनाने और खुद को एक समुदाय विशेष के पक्ष में बताने की बात सामने आ रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पुलिस अब निष्पक्ष कानून व्यवस्था की जगह संख्या और समुदाय के आधार पर काम करेगी? क्या न्याय की जगह ‘पक्ष’ देख कर कार्रवाई होगी? मुखिया को पहचानने से ही थाना प्रभारी ने इनकार कर दिया जब इस संबंध में थाना प्रभारी राजीव कुमार पटेल से बात की गई तो उन्होंने पहले मुखिया को पहचानने से ही इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, संवाददाता से बातचीत के दौरान उनका रवैया भी बेहद कड़क और अशिष्टपूर्ण रहा। वहीं, जब एसपी पूरन कुमार झा से इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया ली गई तो उन्होंने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही, लेकिन जांच कराने का आश्वासन जरूर दिया। अब सवाल यह है कि क्या इस ऑडियो की निष्पक्ष जांच होगी या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? सीवान की जनता जवाब चाहती है।  

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