कैथल जिले के बाता गांव में शॉर्ट सर्किट से लगी आग में लगभग 20 एकड़ खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। इस घटना में 12 फाने फसल अवशेष भी जल गए। प्रभावित किसानों में सतविंदर सिंह, जसवीर सिंह और दिलबाग सिंह शामिल हैं। किसान भूपेंद्र सिंह ने बताया कि आग ब्राह्मणी वाला रास्ते पर नहर के पास लगी। उस समय गांव में ‘जगमग योजना’ के तहत बिजली की आपूर्ति चल रही थी। अचानक हुए शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी सूखी गेहूं की फसल पर गिरी, जिससे आग तेजी से फैल गई। तेज हवा के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। एक घंटे देरी से पहुंची दमकल टीम किसानों ने घटना की सूचना तुरंत विद्युत विभाग को दी, लेकिन विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। किसानों ने आरोप लगाया कि विभाग की लापरवाही से नुकसान और बढ़ गया। दमकल गाड़ी को घटनास्थल पहुंचने में एक घंटे से अधिक समय लगा, तब तक फसल पूरी तरह जल चुकी थी। एसडीओ बोले जांच जारी विद्युत विभाग के एसडीओ ने प्रारंभिक जांच में आग लगने के दो संभावित कारण बताए हैं। पहला, ‘जगमग योजना’ के दौरान बिजली आपूर्ति में शॉर्ट सर्किट। दूसरा, आपसी रंजिश के कारण जानबूझकर आग लगाना। एसडीओ ने कहा कि दोनों पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। किसानों ने की मुआवजे की मांग जांच पूरी होने के बाद ही सही कारण का पता चलेगा और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से प्रभावित किसान सदमे में हैं। उन्होंने बताया कि गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार थी और अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन आग ने सब कुछ नष्ट कर दिया। किसानों ने फसल बीमा क्लेम और उचित मुआवजे की मांग की है।


