स्वर्णनगरी में बीते दिनों के दौरान पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम में आई अस्थाई शीतलता अब समाप्त हो गई है। बुधवार को दिन में आकाश सामान्यत: साफ रहा और चमकदार धूप खिली। जिससे पारे में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 32.8 व न्यूनतम 19.0 डिग्री सै. रिकॉर्ड किया गया। यह एक दिन पहले मंगलवार को क्रमश: 30.4 व 19.9 डिग्री रहा था।
इस तरह से दिन के पारे में 2.4 डिग्री की बढ़ोतरी हो गई। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जानकारी दी गई कि जैसलमेर सहित प्रदेश के अधिकांश भागों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। आगामी 9 अप्रेल से प्रदेश में आगामी 4-5 दिन मौसम मुख्यत: शुष्क ही रहने की प्रबल संभावना है। गत दिनों आंधी व बारिश के प्रभाव से राज्य के अधिकांश भागों में वर्तमान में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 9 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। वह आगामी 2-3 दिनों में 3-4 डिग्री तक बढ़ जाएगा। बुधवार को जैसलमेर में लोग दोपहर में धूप से बचाव के उपाय करते हुए नजर आए। शाम के समय अवश्य मौसम खुशगवार अनुभव किया गया।
पोकरण क्षेत्र में बदलते मौसम के कारण जन-जीवन प्रभावित हो रहा है। गत कुछ दिनों से क्षेत्र में बारिश, तेज हवा व बादलों की आवाजाही का दौर चल रहा है। बुधवार को सुबह आसमान में बादल छाए हुए थे। सुबह 9 बजे बाद सूर्य की तेज किरणें निकली, जिससे 11 बजे बाद कुछ तापमान बढ़ा, लेकिन दोपहर में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई और तेज हवा चलने लगी। दिन भर बादलों की आवाजाही से मौसम धूप-छांव का बना रहा। साथ ही शाम तक भी तेज हवा चलती रही। जिससे गर्मी का असर नहीं बढ़ा और मौसम सुहावना रहा।
स्वस्थ होने पर जंगल में छोड़े 3 चिंकारा हिरण
लाठी गांव में स्थित वन विभाग कार्यालय के अस्थायी रेस्क्यू सेंटर में एक सप्ताह तक उपचार के बाद स्वस्थ होने पर 3 चिंकारा हिरणों को जंगल में छोड़ा गया। एक सप्ताह पूर्व 2 चिंकारा हिरण श्वानों के हमले और 1 चिंकारा हिरण सड़क हादसे में गंभीर घायल हो गया था। जिन्हें वन्यजीवप्रेमियों ने वन विभाग के अस्थायी रेस्क्यू सेंटर लाकर भर्ती करवाया। यहां क्षेत्रीय वन अधिकारी जगमालसिंह सोलंकी के निर्देशन में सेंटर प्रभारी महेश विश्नोई की ओर से चिंकारा हिरणों की नियमित देखभाल कर भोजन उपलब्ध करवाया गया। साथ ही अलग वार्ड में रखकर सुरक्षा की गई। इसी प्रकार लाठी पशु चिकित्साधिकारी डॉ.नदीम, पशुधन निरीक्षक मनीषकुमार, निखिलेशकुमार, जयप्रकाश मीणा की ओर से हिरणों का उपचार किया गया। करीब एक सप्ताह में पूर्ण रूप से स्वस्थ होने पर चिंकारा हिरणों को जंगल में छोडऩे की योजना बनाई गई। बुधवार को वन विभाग के वनरक्षक कृष्णकुमार, गेपरराम भील की ओर से तीनों हिरणों को रामदेवरा क्षेत्र में हिरण बाहुल्य क्षेत्र में छोड़ा गया।


