34.22 करोड़ का बजट जारी, इज्जतनगर मंडल की 7 रेल लाइनों का होगा दोहरीकरण, कनेक्टिविटी में आएगा बड़ा बदलाव

34.22 करोड़ का बजट जारी, इज्जतनगर मंडल की 7 रेल लाइनों का होगा दोहरीकरण, कनेक्टिविटी में आएगा बड़ा बदलाव

बरेली। इज्जतनगर रेल मंडल की तस्वीर अब तेजी से बदलने जा रही है। रेलवे बोर्ड ने मंडल की सात अहम रेल लाइनों के दोहरीकरण के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (एफएलएस) को मंजूरी देते हुए 34.22 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है। सर्वे के बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी, जिससे आगे निर्माण कार्य का रास्ता साफ होगा।

इज्जतनगर मंडल के तहत आने वाली अधिकांश रेल लाइनें अभी तक सिंगल ट्रैक हैं, जिससे ट्रेनों की गति और संचालन पर असर पड़ता है। दोहरीकरण होने के बाद ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, समयबद्धता बेहतर होगी और यात्रियों को अधिक सुविधाएं मिलेंगी।

इन सात रेलखंडों पर होगा सर्वे

रेलवे बोर्ड ने जिन रेलखंडों के दोहरीकरण के लिए एफएलएस मंजूर किया है, उनमें—

  • भोजीपुरा-लालकुआं (65 किमी)
  • काठगोदाम-लालकुआं (22 किमी)
  • रामपुर-लालकुआं (66 किमी)
  • भोजीपुरा बाइपास (14 किमी)
  • भोजीपुरा-बरेली सिटी (16 किमी)
  • कासगंज-मथुरा (105 किमी)
  • पीलीभीत-मैलानी (68 किमी)

इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पूरे क्षेत्र में रेल यातायात की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।

लंबी दूरी की ट्रेनों का बढ़ेगा संचालन

डीआरएम वीणा सिन्हा के अनुसार, आने वाले समय में इज्जतनगर मंडल से लंबी दूरी की ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी। अनवरगंज (कानपुर) से अमृत भारत एक्सप्रेस और काठगोदाम व टनकपुर से वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने का प्रस्ताव है। इससे उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के यात्रियों को सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। दोहरीकरण से बरेली, पीलीभीत, बदायूं, लखीमपुर, कासगंज, मथुरा, काठगोदाम, लालकुआं, रामनगर समेत कई जिलों को फायदा होगा। मालगाड़ियों की आवाजाही भी सुगम होगी, जिससे व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

1100 किमी नेटवर्क में बड़ा बदलाव

इज्जतनगर मंडल के अंतर्गत करीब 1100 किलोमीटर रेल ट्रैक आता है, जो अभी तक अधिकतर सिंगल लाइन पर आधारित है। दोहरीकरण के बाद नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों की लेटलतीफी में भी कमी आएगी। डीआरएम वीणा सिन्हा ने बताया कि बजट में मंडल की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। जल्द ही एफएलएस का काम शुरू होगा। कासगंज-अनवरगंज और बरेली-पीलीभीत-मैलानी-सीतापुर रेल लाइन के दोहरीकरण से यूपी और उत्तराखंड को देश के अन्य राज्यों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

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