बाड़मेर सर्किट हाउस के पास स्थित कांग्रेस कार्यालय के लिए आवंटित जमीन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बुधवार को कांग्रेसियों ने उसी जमीन पर टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। जिलाध्यक्ष का आरोप है कि भूमाफिया और नगर परिषद अधिकारी मिलकर हमें बेवजह से परेशान कर रहे है। प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठे है। प्रशासन के पास तथ्यात्मक बात नहीं है मौखिक तौर पर शिकायत कर रहे है और काम रुकवा रहे है। हमे तो केवल फिलहाल बावड्री बनाने दी जाए। भवन निर्माण की परमिशन मिलने पर भवन बनाएंगे। इधर नगर परिषद ने कांग्रेस को 1999 वर्ग फीट का पट्टा दिया है, लेकिन मौके पर राजस्व रिकॉर्ड में आयताकार जमीन नहीं है। वहां त्रिभुजाकार जमीन है। वहीं एक दिन पहले ग्रामीणों की ओर से शिकायतें की गईं। इसके बाद बाड़मेर तहसीलदार हुक्मीचंद के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक सुमेरदान, पटवारी रामाराम मय टीम ने मौका निरीक्षण किया। दरअसल, कांग्रेस कमेटी की ओर से कुछ दिन भूखंड की चारदीवारी का काम शुरू करवाया गया था। इसके बाद से लगातार विवाद हो रहा है। कांग्रेसी नगर परिषद के आयुक्त से मिले। उसके बाद आयुक्त ने जमीन का सीमाज्ञान करने काे कहा गया। मंगलवार को पटवारी, आरआई की टीम सीमा ज्ञान करने के लिए मौके पर पहुंची, लेकिन नाप कहां से शुरू करें। नक्शा भी नहीं था। कांग्रेस ने भी पैमाइश कर मौके पर मौजूद जमीन ही उपलब्ध करवाने की बात कही, लेकिन पटवारी-आरआई मौके का सीमांकन नहीं कर पाए। नगर परिषद ने पट्टा दिया है। अब उन्हें ही बताना होगा कि पट्टा किस जगह का दिया है। बुधवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा के नेतृत्व में काग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उसी जमीन पर टेंट लगातर धरना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा ने कहा- साल 2022 में कांग्रेस और बीजेपी को अलग-अलग जगह पर जमीन अलांट हुई थी। बीजेपी ने बिल्डिंग बना दी थी। लेकिन कांग्रेस अब बाउड्री बनाने का काम कर रही थी। लेकिन प्रशासन ने रुकवाना शुरू कर दिया। इसके बाद कलेक्टर, एडीएम और आयुक्त से मिले। बावड्री बना सकते हो। बीते दो दिनों से बार-बार काम रुकवा रहे है। सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले लोगों की नियत खराब है। भूमाफिया व प्रशासनिक अधिकारी मिले हुए है। हम हमारी जमीन के अंदर बैठे है हमें परेशान किया जा रहा है। अवैध कब्जा करके बैठे उनसे हटा नहीं रहे है। प्रशासनिक कर्मचारी किस के दबाव आकर काम कर रहे है।


