श्रीगंगानगर. इलाके में लॉरेंस बिश्नेाई गैँग फिर से सक्रिय हो गया है। इस गैंग ने जिला मुख्यालय पर एक कांग्रेसी नेता के प्रतिष्ठान की रैकी कर उससे और उसकी पत्नी से पांच करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। इस मामले में जब कांग्रेसी नेता ने कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया तो पुलिस अलर्ट हुई। अब तक पांच आरेापियों को पुलिस गिरफतार कर चुकी है। इस साजिश में करीब चार माह से फरार चल रहे शूटर आरोपी संजीव उर्फ तुषार पुत्र बृजकिशोर को आखिर उत्तर प्रदेश के नोएडा में गिरफ़तार किया है। यह मूल रूप से यूपी के जालौन जिले के गांव उरई का रहने वाला है। पुलिस से बचने के लिए उसने नोएडा के सदरपुरा सैक्टर 45 में किराये का कमरा लिया और वहां रहने लगा। प्रारभिंक पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह जिला मुख्यालय पर उसने कांग्रेसी नेता के प्रतिष्ठान पर रैकी करने के लिए दो बार चक्कर काटे थे, इस दौरान वह आठ दिन तक ठहरा था। आरोपी संजीव उर्फ तुषार को पकड़ने के लिए जवाहरनगर थाने के एसआई नरेश कुमार, हैड कांस्टेबल हरदेव सिंह, कांस्टेबल वीरेन्द्र और दलीप की स्पेशल टीम की भूमिका रही।
चार माह पहले दर्ज हुई थी कोतवाली में एफआइआर
पुलिस के अनुसार 7 दिसम्बर 2025 को कोतवाली में कांग्रेसी नेता और कारोबारी ने मामला दर्ज कराया था। इसमें बताया कि उसके ऑफिस में मोबाइल पर अनजान कॉलर ने पांच करोड़ की फिरौती मांगी, ऐसा नहीं करने पर जान से मारने की धमकी। इसके बाद उसकी पत्नी के मोबाइल फोन पर फिरौती रकम के लिए धमकी भरे कॉल और मैसेज आने लगे। इस पर पुलिस ने कोतवाली सीआई पृथ्वीपाल सिंह को जांच दी। एडिशनल एसपी रघुवीर प्रसाद शर्मा के सुपरविजन में इस मामले की जांच में अब तक पांच आरोपी गिरफतार किए जा चुके है। इसमें अर्पित शर्मा, रोहित सिह, आजाद उर्फ हैरी, शिवा सिह उर्फ शिवा गुर्जर शामिल है। इस मामले में फरार आरोपी संजीव उर्फ तुषार जाटव को अब पुलिस ने पकड़ा है।
रोहित शेट्टी के घर फायरिंग की साजिश में शामिल था यह गिरोह
फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित घर के बाहर फायरिंग की साजिश में यह गिरोह शामिल था। मुम्बई में फायरिंग की इस वारदात को अंजाम देने का ठेका लॉरेंस बिश्नेाई गैंग के आरजू बिश्नोई के जरिए दिया गया था, जिसकी कड़ियां विदेश में बैठे अपराधियों से जुड़ी हुई हैं। यहां जवाहरनगर पुलिस की मुठभेड़ में पकड़े गए शूटर आकाश ने अपने साथी शिवा गुर्जर के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम देने की योजना बनाई थी। ये दोनों आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से आरजू बिश्नोई के संपर्क में आए थे। इस मामले में मुंबई पुलिस पहले ही आगरा के दो शूटरों दीपक शर्मा और प्रदीप शर्मा उर्फ गोलू पंडित को गिरफ्तार कर चुकी है।


