Mandi News: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की कृषि उपज मण्डी समितियों के उत्थान के लिए एक बड़ा ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने मण्डियों में विकास कार्यों और किसानों की सुविधा के लिए कुल 87 करोड़ 49 लाख रुपये से अधिक की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इस बजट का एक बड़ा हिस्सा मण्डियों में सड़कों और बिजली के बुनियादी ढांचे को सुधारने और किसानों के लिए आधुनिक विश्राम स्थलों के निर्माण पर खर्च किया जाएगा।
40.63 करोड़ से चमकेगी प्रमुख मण्डियां
मुख्यमंत्री की इस स्वीकृति के बाद प्रदेश की 21 प्रमुख मण्डी समितियों में 40 करोड़ 63 लाख रुपये के विकास कार्य शुरू होंगे। इन कार्यों में मुख्य रूप से यार्ड निर्माण, विद्युत व्यवस्था में सुधार और मण्डियों को मुख्य मार्गों से जोड़ने वाली सम्पर्क सड़कों का निर्माण शामिल है।
इन जिलों और मण्डियों को मिलेगा सीधा लाभ:
- पश्चिमी राजस्थान: जैसलमेर, नोखा (बीकानेर), सोजत (पाली)।
- उत्तरी राजस्थान: रायसिंहनगर, सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर), भादरा, टिब्बी, गोलूवाला (हनुमानगढ़)।
- पूर्वी राजस्थान: कोटपूतली, चौमूं (अनाज), लालसोट, मण्डावरी (दौसा), खेरली, गोविन्दगढ़ (अलवर), सवाईमाधोपुर, पहाड़ी, डीग।
- हाड़ौती और अन्य: मदनगंज-किशनगढ़ (अजमेर), कोटा (अनाज), रामगंजमण्डी (कोटा), डूंगरपुर।
781 किसान विश्राम स्थलों को मंजूरी
मण्डियों में अपनी फसल बेचने आने वाले किसानों को अक्सर मौसम की मार झेलनी पड़ती थी। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने 46 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से 781 किसान विश्राम स्थलों के निर्माण को हरी झंडी दी है।
- प्रथम चरण: प्रदेश की 116 मण्डियों में इन विश्राम स्थलों का निर्माण होगा।
- मौसम से सुरक्षा: सर्दी, गर्मी और बरसात के दौरान अब किसानों को सुरक्षित और आरामदायक स्थान मिल सकेगा।
मण्डियों का होगा सुदृढ़ीकरण
मण्डियों में बुनियादी सुविधाओं की कमी से व्यापार प्रभावित होता था। यार्ड और सड़कों के निर्माण से:
- जाम से मुक्ति: सम्पर्क सड़कों के निर्माण से वाहनों की आवाजाही सुगम होगी।
- बेहतर लाइटिंग: विद्युत कार्यों से रात के समय मण्डियों में सुरक्षा और काम करने की सुविधा बढ़ेगी।
- व्यापार में तेजी: आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से राजस्थान की मण्डियां पड़ोसी राज्यों की मण्डियों को टक्कर दे सकेंगी।
“अन्नदाता का सम्मान, हमारी सरकार का संकल्प”
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह कदम राजस्थान को कृषि व्यापार का हब बनाने की दिशा में उठाया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का विजन है कि राजस्थान का किसान केवल फसल न उगाए, बल्कि उसे अपनी उपज बेचने के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं भी मिलें। सड़कों के सुदृढ़ीकरण से परिवहन लागत में कमी आएगी, जिसका सीधा लाभ किसानों के मुनाफे के रूप में दिखेगा।
समय सीमा में पूरा होगा काम
राज्य सरकार ने संबंधित मण्डी समितियों और सार्वजनिक निर्माण विभाग को निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और इन्हें निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। डीग से लेकर डूंगरपुर तक और जैसलमेर से लेकर हनुमानगढ़ तक, इस फैसले का असर पूरे राजस्थान के ग्रामीण परिवेश पर पड़ने वाला है।


