पांच दिन रेकी की… 20 करोड़ का सोना लूटा, बैग का जीपीएस निकालकर फेंका

पांच दिन रेकी की… 20 करोड़ का सोना लूटा, बैग का जीपीएस निकालकर फेंका

राजधानी में अपराधियों ने पुलिस और तकनीक दोनों को धता बताकर 20 करोड़ रुपये की ‘गोल्डन’ डकैती को अंजाम दिया है। शनिवार को खगौल लख के पास लुटेरों ने राजकोट (गुजरात) के सोना कारोबारी सुनील भाई के स्टाफ से 15 किलो सोने के गहने लूट लिए। शातिर बदमाशों ने न केवल फर्जी ‘कस्टम अधिकारी’ बनकर वारदात को अंजाम दिया, बल्कि उन्हें बैग में छिपे जीपीएस की भी सटीक जानकारी थी। पकड़े जाने के डर से लुटेरों ने गहने मिलते ही सबसे पहले जीपीएस उखाड़कर फेंक दिया, ताकि पुलिस उनकी लोकेशन ट्रेस न कर सके। दानापुर स्टेशन से बाकरगंज जा रहे स्टाफ महेश मामतोरा और प्रिंस रामपरिया की लुटेरों ने 5 दिनों तक रेकी की थी। कारोबारी सुनील भाई रविवार को पटना पहुंचे और खगौल थाने में पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लूटे गए गहने पूरी तरह वैध थे, जिन्हें पटना के आभूषण कारोबारियों को सप्लाई किया जाना था। मामले की गंभीरता को देखते हुए दानापुर एसडीपीओ-1 शिवम धाकड़ के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है, जिसमें एसटीएफ और स्पेशल टीम को भी लगाया गया है।
वर्दी वाला धोखा लुटेरे सफेद शर्ट व खाकी पैंट में थे, जो कस्टम अफसरों की ड्रेस होती है। उनकी भाषा और बात करने का लहजा पूरी तरह ‘प्रोफेशनल’ था। उन्होंने कर्मचारी को ‘विभागीय जांच’ का झांसा दिया, जिससे वह बिना किसी शोर-शराबे या विरोध के चुपचाप गाड़ी में बैठ गया। कार चोरी की थी जिस बलेनो से अपहरण हुआ, उस पर पूर्णिया की नंबर प्लेट थी। जांच में पता चला कि यह नंबर पूर्णिया के अमित कुमार की ‘ब्रेजा’ कार का है। असली बलेनो कार दिल्ली से चोरी हुई थी। लुटेरों ने पुलिस को चकमा देने के लिए गाड़ी का हुलिया और नंबर पूरी तरह बदल रखा था। सुबोध का कनेक्शन देश का सबसे बड़ा सोना लुटेरा सुबोध सिंह फिर से बेऊर जेल आ चुका है। उसके जेल लौटने के साथ ही दरभंगा और अब दानापुर में बैक-टू-बैक सोना लूट की वारदातें हुई हैं। पुलिस की जांच की सुई सुबोध सिंह गिरोह पर घूम रही है, क्योंकि लूट का तरीका वैसा ही है। वो ‘लाइनर’ कौन? महेश के मुताबिक, कार में बैठते ही एक लुटेरे ने अपने आका को फोन किया। उसने कहा, “काम हो गया है, आपकी सूचना सही थी, बंदा हमारे कब्जे में है।” इस एक वाक्य ने साफ कर दिया कि राजकोट या बाकरगंज में बैठा कोई ‘लाइनर’ लुटेरों को पल-पल की जानकारी दे रहा था। जीपीएस उखाड़ा ताकि लोकेशन ट्रेस न हो कर्मी महेश। नौबतपुर एम्स गोलंबर यहां हुआ अपहरण अपहरणकर्ता भागे नौबतपुर महेश को यहां पर छोड़ा दानापुर कैसे हुई वारदात… खगौल लख पर किया अपहरण दुस्साहस: ‘खाकी’ के वेश में गुजरात के व्यापारी के कर्मी से 15 किलो सोने की लूट लुटेरों ने बैग की सिलाई फाड़कर जीपीएस उखाड़ फेंका। एम्स गोलंबर होते हुए लुटेरे उसे नौबतपुर ले गए। वहां महेश के हाथ-पांव बांधकर छोड़ दिया, फिर भाग गए। बदमाशों ने चेकिंग के नाम पर महेश को जबरन कार में बिठा लिया। कार चलते ही एक लुटेरे ने ‘आका’ को फोन कर कहा- “सूचना सही थी, बंदा हमारे कब्जे में है।” अहमदाबाद-सहरसा एक्सप्रेस से महेश और प्रिंस दानापुर पहुंचे। दोनों ने नाला रोड जाने के लिए ₹300 में ऑटो बुक किया। खगौल लख के पास बदमाशों ने ऑटो रुकवाया। राजधानी में अपराधियों ने पुलिस और तकनीक दोनों को धता बताकर 20 करोड़ रुपये की ‘गोल्डन’ डकैती को अंजाम दिया है। शनिवार को खगौल लख के पास लुटेरों ने राजकोट (गुजरात) के सोना कारोबारी सुनील भाई के स्टाफ से 15 किलो सोने के गहने लूट लिए। शातिर बदमाशों ने न केवल फर्जी ‘कस्टम अधिकारी’ बनकर वारदात को अंजाम दिया, बल्कि उन्हें बैग में छिपे जीपीएस की भी सटीक जानकारी थी। पकड़े जाने के डर से लुटेरों ने गहने मिलते ही सबसे पहले जीपीएस उखाड़कर फेंक दिया, ताकि पुलिस उनकी लोकेशन ट्रेस न कर सके। दानापुर स्टेशन से बाकरगंज जा रहे स्टाफ महेश मामतोरा और प्रिंस रामपरिया की लुटेरों ने 5 दिनों तक रेकी की थी। कारोबारी सुनील भाई रविवार को पटना पहुंचे और खगौल थाने में पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लूटे गए गहने पूरी तरह वैध थे, जिन्हें पटना के आभूषण कारोबारियों को सप्लाई किया जाना था। मामले की गंभीरता को देखते हुए दानापुर एसडीपीओ-1 शिवम धाकड़ के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है, जिसमें एसटीएफ और स्पेशल टीम को भी लगाया गया है।
वर्दी वाला धोखा लुटेरे सफेद शर्ट व खाकी पैंट में थे, जो कस्टम अफसरों की ड्रेस होती है। उनकी भाषा और बात करने का लहजा पूरी तरह ‘प्रोफेशनल’ था। उन्होंने कर्मचारी को ‘विभागीय जांच’ का झांसा दिया, जिससे वह बिना किसी शोर-शराबे या विरोध के चुपचाप गाड़ी में बैठ गया। कार चोरी की थी जिस बलेनो से अपहरण हुआ, उस पर पूर्णिया की नंबर प्लेट थी। जांच में पता चला कि यह नंबर पूर्णिया के अमित कुमार की ‘ब्रेजा’ कार का है। असली बलेनो कार दिल्ली से चोरी हुई थी। लुटेरों ने पुलिस को चकमा देने के लिए गाड़ी का हुलिया और नंबर पूरी तरह बदल रखा था। सुबोध का कनेक्शन देश का सबसे बड़ा सोना लुटेरा सुबोध सिंह फिर से बेऊर जेल आ चुका है। उसके जेल लौटने के साथ ही दरभंगा और अब दानापुर में बैक-टू-बैक सोना लूट की वारदातें हुई हैं। पुलिस की जांच की सुई सुबोध सिंह गिरोह पर घूम रही है, क्योंकि लूट का तरीका वैसा ही है। वो ‘लाइनर’ कौन? महेश के मुताबिक, कार में बैठते ही एक लुटेरे ने अपने आका को फोन किया। उसने कहा, “काम हो गया है, आपकी सूचना सही थी, बंदा हमारे कब्जे में है।” इस एक वाक्य ने साफ कर दिया कि राजकोट या बाकरगंज में बैठा कोई ‘लाइनर’ लुटेरों को पल-पल की जानकारी दे रहा था। जीपीएस उखाड़ा ताकि लोकेशन ट्रेस न हो कर्मी महेश। नौबतपुर एम्स गोलंबर यहां हुआ अपहरण अपहरणकर्ता भागे नौबतपुर महेश को यहां पर छोड़ा दानापुर कैसे हुई वारदात… खगौल लख पर किया अपहरण दुस्साहस: ‘खाकी’ के वेश में गुजरात के व्यापारी के कर्मी से 15 किलो सोने की लूट लुटेरों ने बैग की सिलाई फाड़कर जीपीएस उखाड़ फेंका। एम्स गोलंबर होते हुए लुटेरे उसे नौबतपुर ले गए। वहां महेश के हाथ-पांव बांधकर छोड़ दिया, फिर भाग गए। बदमाशों ने चेकिंग के नाम पर महेश को जबरन कार में बिठा लिया। कार चलते ही एक लुटेरे ने ‘आका’ को फोन कर कहा- “सूचना सही थी, बंदा हमारे कब्जे में है।” अहमदाबाद-सहरसा एक्सप्रेस से महेश और प्रिंस दानापुर पहुंचे। दोनों ने नाला रोड जाने के लिए ₹300 में ऑटो बुक किया। खगौल लख के पास बदमाशों ने ऑटो रुकवाया।  

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