हलचल भरे कारोबारी माहौल के बीच कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे और कारोबारी अपडेट सामने आए हैं, जिनसे बाजार की दिशा और सेक्टर की स्थिति का अंदाजा लग रहा है। बता दें कि बैंकिंग, ऑटो, धातु और रियल एस्टेट सेक्टर खास तौर पर चर्चा में रहे हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक ने चौथी तिमाही में स्थिर प्रदर्शन दिखाया है, जहां कुल कारोबार सालाना आधार पर करीब 10.8 प्रतिशत बढ़कर लगभग 29.72 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसमें कर्ज वितरण में 13 प्रतिशत और जमा में 9.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है। गौरतलब है कि चालू और बचत खातों का अनुपात भी सुधरकर 73.7 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो पिछले साल 71.3 प्रतिशत था।
बैंकिंग सेक्टर में अन्य बैंकों का प्रदर्शन भी मजबूत रहा है। जम्मू कश्मीर बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया ने भी अपने कुल कारोबार में दो अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की है। वहीं छोटे बैंकों में कर्ज वितरण के मोर्चे पर तेज वृद्धि देखने को मिली है, जो इस सेक्टर में मांग के बने रहने का संकेत देता है।
आरबीएल बैंक ने पूरे वित्त वर्ष में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ कुल कारोबार को 2.5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाया है। बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक ने एक विदेशी बैंक को इसमें हिस्सेदारी बढ़ाने की मंजूरी भी दी है, जिससे बैंक के भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।
इस बीच स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया में नेतृत्व बदलाव देखने को मिला, जहां नए अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक की नियुक्ति की गई है। माना जा रहा है कि यह बदलाव कंपनी की रणनीतिक दिशा को प्रभावित कर सकता है।
ऑटो सेक्टर में टाटा मोटर्स के यात्री वाहन और लक्जरी ब्रांड से जुड़ा कारोबार सालाना आधार पर कमजोर रहा है, हालांकि तिमाही आधार पर सुधार देखने को मिला है। इससे साफ है कि मांग में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
धातु क्षेत्र में नेशनल एल्युमिनियम कंपनी ने एलुमिना बिक्री में मजबूत उछाल दर्ज किया है, जबकि एलुमिनियम बिक्री में मामूली बढ़त देखने को मिली है। वहीं हिंदुस्तान जिंक और हिंदुस्तान कॉपर के उत्पादन आंकड़ों में मिश्रित रुझान देखने को मिला है।
रियल एस्टेट सेक्टर में रेमंड रियल्टी ने प्री-सेल्स में जबरदस्त उछाल दर्ज किया है, जो आवासीय मांग के मजबूत बने रहने का संकेत देता है, हालांकि कलेक्शन में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
गौरतलब है कि वित्तीय सेवा क्षेत्र में महिंद्रा फाइनेंस ने कर्ज वितरण में सीमित लेकिन स्थिर वृद्धि दिखाई है, जिससे संकेत मिलता है कि ग्रामीण और वाहन वित्तपोषण की मांग बनी हुई है।
अन्य कंपनियों की बात करें तो रेल विकास निगम और जीआर इंफ्रा को नए प्रोजेक्ट मिले हैं, जिससे इनके ऑर्डर बुक मजबूत हुए हैं। वहीं गोदावरी पावर को अपने बिजली संयंत्र के संचालन की अनुमति मिल गई है, जो कंपनी के विस्तार के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
एफएमसीजी सेक्टर में इमामी ने आयुर्वेदिक उत्पाद बनाने वाली कंपनी में पूरी हिस्सेदारी लेने का फैसला किया है, जिससे उसके पोर्टफोलियो में विस्तार होगा।
कुल मिलाकर अलग-अलग सेक्टर में मिले-जुले संकेत देखने को मिल रहे हैं, जहां बैंकिंग और रियल एस्टेट में मजबूती दिख रही है, वहीं ऑटो और कुछ धातु कंपनियों में दबाव बना हुआ है।


