मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा बस स्टैंड के पास शनिवार शाम करीब 5:30 बजे तीन मंजिला अग्रवाल लॉज की बिल्डिंग भरभराकर गिर गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हैं। मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका है। हादसे के 18 घंटे बाद भी मलबे में दबे लोगों की तलाश की जारी है। भिलाई से सुबह 5 बजे 35 सदस्यीय और सुबह करीब 9:30 बजे बनारस से 41 सदस्यीय NDERF की टीम भी मौके पर पहुंची है। इसके अलावा, SDERF और लोकल कोल माइंस के 100 से ज्यादा लोग रेस्क्यू में लगे हैं। बनारस से शवों को तलाशने के लिए डॉग स्क्वॉड भी बुलाया गया है। दो खोजी कुत्तों गड्ढे में उतार कर मलबे के नीचे शव की तलाश कर रहे हैं। घटनास्थल पर राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल, कलेक्टर हर्षल पंचोली और एसपी मोती उर रहमान रातभर डटे रहे। 10-12 एंबुलेंस भी मौजूद हैं। देर रात जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप सिंह अहिरवार भी पहुंच गए। मृतकों की पहचान हनुमान दीन यादव (55) और राम कृपाल यादव (40) के रूप में हुई है। दोनों चौथी मंजिल पर काम कर रहे थे, तभी हादसा हो गया। शवों का कोतमा सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम किया जाएगा। प्रत्यक्षदर्शी बोले– बिल्डिंग गिरते ही मची चीख–पुकार घटना के समय अरुण सोनी वहीं मौजूद थे। अरुण ने बताया कि बिल्डिंग एकतरफा गड्ढे की ओर गिरी। हादसे के बाद इलाका धुआं-धुआं हो गया। चीख-पुकार मच गई। वहीं, प्रत्यक्षदर्शी लल्लू गुप्ता ने बताया कि यहां से निकल रहा था। मेरे सामने यह बिल्डिंग गिरती दिखी। पहले तो मैं खुद बचने के लिए दौड़ा। तीन लोगों को मैंने बचाया है। लॉज और बगल की बिल्डिंग में कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा था। स्थानीय निवासी राकेश जैन मुताबिक घटना के वक्त मैं दुकान पर था। लोग अचानक भागे। पहले तो लगा कि मधुमक्खियों का छत्ता उड़ा होगा। अचानक तेज आवाज के साथ धूल का गुबार उड़ा। फिर पता चला कि बिल्डिंग गिर गई। हादसे में घायल महिला ने बताया कि लॉज के बगल में वह किराना सामान ले रही थी। इसी दौरान बिल्डिंग गिर गई। मुश्किल से बचकर वब बाहर निकल पाई। शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोटें आई हैं। शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के लिए खोदा था 12 फीट गहरा गड्ढा अग्रवाल लॉज का मालिक लल्लू अग्रवाल का है। फिलहाल, वह अपने भाई के पास कोतमा बस्ती में चले गए हैं। घटना के बाद से वह सदमे में हैं। इसी के बगल में रामनरेश गढ़ की किराना दुकान है। रामनरेश शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के लिए अंडर गड्ढा खुदवा रहे थे। इसे लेकर दो तरह की बातें सामने आ रही हैं। पहला, यहां भूतल (बेसमेंट) का निर्माण किया जा रहा था। दूसरा, प्रस्तावित भवन के लिए फाउंडेशन का गड्ढा खोदा गया था। नगर पालिका उपाध्यक्ष बद्री प्रसाद ताम्रकार ने बताया कि लॉज के ठीक बगल में करीब 20 बाय 50 फीट के प्लॉट पर निर्माण कार्य के लिए करीब 12 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। इस गड्ढे में पानी भर गया था, जिससे लॉज की नींव कमजोर हो गई। इसके अलावा, अग्रवाल लॉज में भी पिछले कुछ दिन से मरम्मत का काम चल रहा था। घटना के समय भी टाइल्स और प्लंबिंग से जुड़ा काम जारी था। इस कारण लॉज पिछले कुछ दिनों से विजिटर्स के लिए बंद था। CMO बोले- निर्माण की अनुमति थी या नहीं फाइल देखकर बताएंगे स्थानीय लोगों का कहना है कि भूतल निर्माण के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। वहीं, कोतमा नगर पालिका के सीएमओ प्रदीप झरिया देर रात मौके पर पहुंचे। मीडिया के सवालों का जवाब देने से बचते रहे। पूछने पर वह बिना ज्यादा बात किए चल दिए। सिर्फ इतना कहा कि बिल्डिंग की अनुमति से संबंधित फाइल देखनी होगी। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि निर्माण की अनुमति थी या नहीं। यह भी पढ़ें- MP के कोतमा में तीन मंजिला लॉज गिरी, 2 मौतें:3 लोग गंभीर मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा बस स्टैंड के पास शनिवार शाम करीब 5:30 बजे तीन मंजिला अग्रवाल लॉज भरभराकर गिर गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 3 लोग घायल हैं। उन्हें शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। अब भी कई लोग मलबे में दबे हैं। हादसे का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूरी बिल्डिंग ढहती नजर आ रही है। पढ़ें पूरी खबर


