पटना में 3 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप:घर से अगवा कर ले गया चाचा; प्राइवेट पार्ट को दांत से काटा; ब्लीडिंग से हालत नाजुक

पटना में 3 साल की बच्ची के साथ गैंगरेप:घर से अगवा कर ले गया चाचा; प्राइवेट पार्ट को दांत से काटा; ब्लीडिंग से हालत नाजुक

पटना के परसा बाजार में 3 साल की दलित बच्ची से गैंगरेप का मामला सामने आया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपियों में बच्ची का चाचा भी शामिल है। पुलिस ने बच्ची के चाचा और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया है। इन दरिंदों ने मासूम के साथ न सिर्फ रेप किया, बल्कि उसके साथ बर्बरता भी की। बच्ची की चीख को दबाने के लिए बदमाशों ने उसके प्राइवेट पार्ट को दांत से काटा। बच्ची के चेहरे, पीठ और नाजुक अंगों पर गहरे जख्म हैं। पूरे शरीर पर मारपीट के नीले निशान हैं। लहूलुहान और बेसुध बच्ची को एम्स पटना के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। गिरफ्तार चाचा की उम्र 22 साल है। वह शादीशुदा नहीं है। वहीं दूसरे आरोपी जितेंद्र की सात साल की बेटी है। दोनों स्मैकियर हैं। दोनों की गिरफ्तारी हो चुकी है और दो की भूमिका संदिग्ध है। जबकि तीसरा आरोपी फरार है। पुलिस इस मामले में सभी आरोपितों का डीएनए टेस्ट कराएगी। गैंगरेप मामले में एक दिव्यांग युवक को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस और एफएसएल टीम ने घटनास्थल से खून से सने कपड़े और सबूत जुटा लिए हैं। पॉक्सो एक्ट समेत संगीन धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
अब सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए वारदात की पूरी कहानी परसा बाजार इलाके की रहने वाली 3 साल की बच्ची घर में अकेली थी। उसकी मां किसी काम से बाहर गई थी। बच्ची का चाचा घर में आया और बच्ची को गोद में उठाकर घर से बाहर ले गया। उसके साथ उसके दो दोस्त भी थे। तीनों बच्ची को बहलाकर घर से 300 मीटर एक तालाब के किनारे ले गए। वहीं तीनों से बच्ची के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। बच्ची की मां जब घर पहुंची तो वो उसे घर में ढूंढने लगी। बच्ची घर में नहीं मिली तो उसने आस-पड़ोस के लोगों से बच्ची के बारे में पूछा, लेकिन किसी को बच्ची के बार में जानकारी नहीं थी। वो अपनी बेटी को ढूंढते हुए तालाब की ओर बढ़ी। कुछ देर आगे बढ़ने पर उसके बच्ची के रोने की आवाज आई। वो दौड़कर बच्ची के पास पहुंची। बच्ची की हालत देखकर वो सन्न रह गई। बच्ची खून से लथपथ थी। उसके पूरे शरीर पर चोट के निशान थे। वो दर्द से कराह रही थी। मां ने शोर मचाना शुरू किया। गांव के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को आनन-फानन में एम्स में एडमिट कराया। मां के बयान पर बच्ची के चाचा और उसके दोस्त को अरेस्ट कर लिया। हैवानियत की गवाही दे रहे जख्म के निशान मेडिकल जांच में खुलासा हुआ है कि मासूम के नाजुक अंगों पर वार किए गए। अधिक खून बहने के कारण बच्ची को एम्स के ICU में है। उसकी हालत नाजुक है। दरिंदों ने मासूम के साथ बलात्कार के साथ उसके प्राइवेट पार्ट दांतों से काटा और नोंचा। चेहरे और पीठ पर गहरे जख्म के निशान हैं। बच्ची के शरीर पर कई जगह नीले निशान मिले हैं, जो यह बताते हैं कि विरोध करने या रोने पर उसे बेरहमी से पीटा गया। दरिंदों ने उसकी चीखें दबाने के लिए उसे बुरी तरह पीटा आरोपितों को उम्रकैद की सजा हो सकती है
पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता प्रभात भारद्वाज ने कहा कि यह नृशंस घटना है। चाचा बच्ची का कानूनी रूप से अभिभावक है। ऐसे मामलों में आरोपितों को उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। पटना के परसा बाजार में 3 साल की दलित बच्ची से गैंगरेप का मामला सामने आया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपियों में बच्ची का चाचा भी शामिल है। पुलिस ने बच्ची के चाचा और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया है। इन दरिंदों ने मासूम के साथ न सिर्फ रेप किया, बल्कि उसके साथ बर्बरता भी की। बच्ची की चीख को दबाने के लिए बदमाशों ने उसके प्राइवेट पार्ट को दांत से काटा। बच्ची के चेहरे, पीठ और नाजुक अंगों पर गहरे जख्म हैं। पूरे शरीर पर मारपीट के नीले निशान हैं। लहूलुहान और बेसुध बच्ची को एम्स पटना के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। गिरफ्तार चाचा की उम्र 22 साल है। वह शादीशुदा नहीं है। वहीं दूसरे आरोपी जितेंद्र की सात साल की बेटी है। दोनों स्मैकियर हैं। दोनों की गिरफ्तारी हो चुकी है और दो की भूमिका संदिग्ध है। जबकि तीसरा आरोपी फरार है। पुलिस इस मामले में सभी आरोपितों का डीएनए टेस्ट कराएगी। गैंगरेप मामले में एक दिव्यांग युवक को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस और एफएसएल टीम ने घटनास्थल से खून से सने कपड़े और सबूत जुटा लिए हैं। पॉक्सो एक्ट समेत संगीन धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
अब सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए वारदात की पूरी कहानी परसा बाजार इलाके की रहने वाली 3 साल की बच्ची घर में अकेली थी। उसकी मां किसी काम से बाहर गई थी। बच्ची का चाचा घर में आया और बच्ची को गोद में उठाकर घर से बाहर ले गया। उसके साथ उसके दो दोस्त भी थे। तीनों बच्ची को बहलाकर घर से 300 मीटर एक तालाब के किनारे ले गए। वहीं तीनों से बच्ची के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। बच्ची की मां जब घर पहुंची तो वो उसे घर में ढूंढने लगी। बच्ची घर में नहीं मिली तो उसने आस-पड़ोस के लोगों से बच्ची के बारे में पूछा, लेकिन किसी को बच्ची के बार में जानकारी नहीं थी। वो अपनी बेटी को ढूंढते हुए तालाब की ओर बढ़ी। कुछ देर आगे बढ़ने पर उसके बच्ची के रोने की आवाज आई। वो दौड़कर बच्ची के पास पहुंची। बच्ची की हालत देखकर वो सन्न रह गई। बच्ची खून से लथपथ थी। उसके पूरे शरीर पर चोट के निशान थे। वो दर्द से कराह रही थी। मां ने शोर मचाना शुरू किया। गांव के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची को आनन-फानन में एम्स में एडमिट कराया। मां के बयान पर बच्ची के चाचा और उसके दोस्त को अरेस्ट कर लिया। हैवानियत की गवाही दे रहे जख्म के निशान मेडिकल जांच में खुलासा हुआ है कि मासूम के नाजुक अंगों पर वार किए गए। अधिक खून बहने के कारण बच्ची को एम्स के ICU में है। उसकी हालत नाजुक है। दरिंदों ने मासूम के साथ बलात्कार के साथ उसके प्राइवेट पार्ट दांतों से काटा और नोंचा। चेहरे और पीठ पर गहरे जख्म के निशान हैं। बच्ची के शरीर पर कई जगह नीले निशान मिले हैं, जो यह बताते हैं कि विरोध करने या रोने पर उसे बेरहमी से पीटा गया। दरिंदों ने उसकी चीखें दबाने के लिए उसे बुरी तरह पीटा आरोपितों को उम्रकैद की सजा हो सकती है
पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता प्रभात भारद्वाज ने कहा कि यह नृशंस घटना है। चाचा बच्ची का कानूनी रूप से अभिभावक है। ऐसे मामलों में आरोपितों को उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।  

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