ठाकुरअहरा आंगनवाड़ी केंद्र बंद होने से ग्रामीणों में आक्रोश:जमुई में लोग बोले – विरोध जताने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी

ठाकुरअहरा आंगनवाड़ी केंद्र बंद होने से ग्रामीणों में आक्रोश:जमुई में लोग बोले – विरोध जताने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी

जमुई जिले के सोनो प्रखंड अंतर्गत केशोफरका पंचायत के ठाकुरअहरा गांव में संचालित आंगनवाड़ी केंद्र अक्सर बंद रहने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र महीने में केवल एक-दो दिन ही खुलता है, जिससे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। यह आंगनवाड़ी केंद्र एक सामुदायिक भवन में संचालित होता है। ग्रामीणों ने बताया कि केंद्र के नियमित रूप से बंद रहने के कारण बच्चों के पोषण, शिक्षा और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली सुविधाएं बाधित हो रही हैं। उनका यह भी आरोप है कि विरोध जताने पर उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जाती है, जिससे ग्रामीण खुलकर शिकायत करने से डरते हैं। ‘एक दिन आकर औपचारिकता पूरी कर लेती आंगनवाड़ी सेविका’ ग्रामीणों के अनुसार, आंगनवाड़ी सेविका केवल महीने में एक दिन आकर उपस्थिति दर्ज कर औपचारिकता पूरी कर लेती हैं। इस संबंध में आंगनवाड़ी सेविका चंचला देवी ने सफाई देते हुए कहा कि उनका पैर फिसल गया था, जिसके कारण वे नियमित रूप से केंद्र नहीं जा सकीं। मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी – CDPO प्रखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) बीनू कुमारी ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान ग्रामीण योगेंद्र यादव, कुन्दन पांडेय, जोबा यादव, नारायण यादव, हीरा यादव सहित कई अन्य ग्रामीण मौजूद थे। जमुई जिले के सोनो प्रखंड अंतर्गत केशोफरका पंचायत के ठाकुरअहरा गांव में संचालित आंगनवाड़ी केंद्र अक्सर बंद रहने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र महीने में केवल एक-दो दिन ही खुलता है, जिससे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। यह आंगनवाड़ी केंद्र एक सामुदायिक भवन में संचालित होता है। ग्रामीणों ने बताया कि केंद्र के नियमित रूप से बंद रहने के कारण बच्चों के पोषण, शिक्षा और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली सुविधाएं बाधित हो रही हैं। उनका यह भी आरोप है कि विरोध जताने पर उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जाती है, जिससे ग्रामीण खुलकर शिकायत करने से डरते हैं। ‘एक दिन आकर औपचारिकता पूरी कर लेती आंगनवाड़ी सेविका’ ग्रामीणों के अनुसार, आंगनवाड़ी सेविका केवल महीने में एक दिन आकर उपस्थिति दर्ज कर औपचारिकता पूरी कर लेती हैं। इस संबंध में आंगनवाड़ी सेविका चंचला देवी ने सफाई देते हुए कहा कि उनका पैर फिसल गया था, जिसके कारण वे नियमित रूप से केंद्र नहीं जा सकीं। मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी – CDPO प्रखंड बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) बीनू कुमारी ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान ग्रामीण योगेंद्र यादव, कुन्दन पांडेय, जोबा यादव, नारायण यादव, हीरा यादव सहित कई अन्य ग्रामीण मौजूद थे।  

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