नागपुर में 69वीं ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट आयोजित बिहार पुलिस को पहली बार डॉग स्क्वॉयड प्रतियोगिता में देशभर में गोल्ड मेडल मिला है। बिहार पुलिस में 2 साल से शामिल श्वान लिली को गंध पहचानने यानी सेंट डिस्क्रीमिनेशन में पहला स्थान मिला है। लिली और हैंडलर सिपाही घनश्याम को संयुक्त रूप से गोल्ड मेडल मिला है। इससे पहले बिहार पुलिस को 2015 में विस्फोटक क्षेत्र में ब्रॉन्ज मेडल मिला था। नागपुर में 69वीं ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट में लिली ने एसपीजी के मेल डॉग बड्डी को ट्रैकर कैटेगरी में पराजित किया। बड्डी को सिल्वर मेडल मिला। तीसरे स्थान पर 9 राज्यों और देश की एजेंसियों के बीच मुकाबला टाई हो गया। इस प्रतियोगिता में देश के राज्यों और सुरक्षा एजेंसियों के 50 डॉग सेंट डिस्क्रीमिनेशन प्रतियोगिता में शामिल हुए। दो दर्जन केस सुलझाए लिली बेल्जियम नस्ल की फिमेल डॉग है। जब चार महीने की थी, तब बिहार पुलिस में शामिल हुई। लिली को हैदराबाद में सेंट डिस्क्रीमिनेशन की ट्रेनिंग दी गई थी। पिछले 1 साल से घनश्याम इसकी हैंडलिंग कर रहे हैं। लिली ने पटना, नालंदा समेत पूरे बिहार में गंध पहचान कर चोरी, डकैती, लूट, अज्ञात शव समेत करीब दो दर्जन केस क्रैक किया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि अज्ञात शवों के आने-जाने वाले रूट, चोर, डकैत के भागने वाले रास्तों, लूट और हत्या कर अपराधियों के आने-जाने वाले रूटों तक सूंघकर पुलिस को ले जाती है। लापता शख्स का कपड़ा सूंघकर रूट भी बताती है। नागपुर में 69वीं ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट आयोजित बिहार पुलिस को पहली बार डॉग स्क्वॉयड प्रतियोगिता में देशभर में गोल्ड मेडल मिला है। बिहार पुलिस में 2 साल से शामिल श्वान लिली को गंध पहचानने यानी सेंट डिस्क्रीमिनेशन में पहला स्थान मिला है। लिली और हैंडलर सिपाही घनश्याम को संयुक्त रूप से गोल्ड मेडल मिला है। इससे पहले बिहार पुलिस को 2015 में विस्फोटक क्षेत्र में ब्रॉन्ज मेडल मिला था। नागपुर में 69वीं ऑल इंडिया पुलिस ड्यूटी मीट में लिली ने एसपीजी के मेल डॉग बड्डी को ट्रैकर कैटेगरी में पराजित किया। बड्डी को सिल्वर मेडल मिला। तीसरे स्थान पर 9 राज्यों और देश की एजेंसियों के बीच मुकाबला टाई हो गया। इस प्रतियोगिता में देश के राज्यों और सुरक्षा एजेंसियों के 50 डॉग सेंट डिस्क्रीमिनेशन प्रतियोगिता में शामिल हुए। दो दर्जन केस सुलझाए लिली बेल्जियम नस्ल की फिमेल डॉग है। जब चार महीने की थी, तब बिहार पुलिस में शामिल हुई। लिली को हैदराबाद में सेंट डिस्क्रीमिनेशन की ट्रेनिंग दी गई थी। पिछले 1 साल से घनश्याम इसकी हैंडलिंग कर रहे हैं। लिली ने पटना, नालंदा समेत पूरे बिहार में गंध पहचान कर चोरी, डकैती, लूट, अज्ञात शव समेत करीब दो दर्जन केस क्रैक किया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि अज्ञात शवों के आने-जाने वाले रूट, चोर, डकैत के भागने वाले रास्तों, लूट और हत्या कर अपराधियों के आने-जाने वाले रूटों तक सूंघकर पुलिस को ले जाती है। लापता शख्स का कपड़ा सूंघकर रूट भी बताती है।


