पीएमसीएच में शुक्रवार को दो विभागों में आग लगने से अफरातफरी रही। पहले दोपहर करीब 12:30 बजे पैथोलॉजी विभाग में आग भड़की। इससे मरीजों आैर परिजनों के बीच भगदड़ की स्थिति बन गई। आग इतनी तेज थी कि आधा दर्जन से अधिक दमकल की गाड़ियां बुलानी पड़ीं। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। टेबल-कुर्सियां आैर लैब में प्रयोग होने वाले ज्वलनशील पदार्थों की वजह से आग तेजी से फैली। सभी स्टाफ आैर चिकित्सक मौजूद थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। उधर, स्त्री एवं प्रसूति विभाग के पुराने भवन में भी आग लग गई। हालांकि विभाग को एक-डेढ़ माह पहले ही नए भवन में शिफ्ट कर दिया गया था। यहां कुछ पुराने सामान रह गए थे। दमकल विभाग के अधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि उनकी टीम पहुंची तो पैथोलॉजी विभाग में आग लगी थी। धुआं काफी ज्यादा था। लैब में अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ मौजूद थे, जिससे आग तेजी से भड़क सकती थी। टीम ने मास्क और ऑक्सीजन सिलेंडर पहनकर अंदर प्रवेश किया और समय रहते काबू पा लिया। दवा दुकान में लगी आग, 5 लाख की क्षति पटना | राजापुर पुल गेट नंबर-31 के पास मेडिकल दुकान में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। दुकान बंद थी। दवा, फर्नीचर समेत 5 लाख का सामान जलकर राख हो गया। लोगों ने बताया कि पहले धुआं उठा। उसके बाद आग की लपटें उठने लगीं। दुकानदार आए तो दुकान खोली गई। लोगों ने घर से बाल्टी आैर बर्तन लाकर पानी फेंकना शुरू किया, पर आग धधक रही थी। इतने में फायरकर्मी भी पहुंच गए आैर पानी की बौछार कर आग को बुझा दिया। अस्पताल में हमेशा रहेगी दमकल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि आग लगने का प्राथमिक कारण शॉर्ट सर्किट है। पैथोलॉजी विभाग मेडिकल कॉलेज का हिस्सा है। यह 100 साल से ज्यादा पुरानी बिल्डिंग है। कुछ पुराने दस्तावेज और टेबल जले हैं, लेकिन सभी जरूरी सैंपल और जांच रिपोर्ट सुरक्षित हैं। अब अस्पताल परिसर में 24 घंटे दमकल की एक गाड़ी तैनात रखी जाएगी। साथ ही सभी पुराने भवनों की वायरिंग की जांच और फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। पीएमसीएच में शुक्रवार को दो विभागों में आग लगने से अफरातफरी रही। पहले दोपहर करीब 12:30 बजे पैथोलॉजी विभाग में आग भड़की। इससे मरीजों आैर परिजनों के बीच भगदड़ की स्थिति बन गई। आग इतनी तेज थी कि आधा दर्जन से अधिक दमकल की गाड़ियां बुलानी पड़ीं। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। टेबल-कुर्सियां आैर लैब में प्रयोग होने वाले ज्वलनशील पदार्थों की वजह से आग तेजी से फैली। सभी स्टाफ आैर चिकित्सक मौजूद थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। उधर, स्त्री एवं प्रसूति विभाग के पुराने भवन में भी आग लग गई। हालांकि विभाग को एक-डेढ़ माह पहले ही नए भवन में शिफ्ट कर दिया गया था। यहां कुछ पुराने सामान रह गए थे। दमकल विभाग के अधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि उनकी टीम पहुंची तो पैथोलॉजी विभाग में आग लगी थी। धुआं काफी ज्यादा था। लैब में अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ मौजूद थे, जिससे आग तेजी से भड़क सकती थी। टीम ने मास्क और ऑक्सीजन सिलेंडर पहनकर अंदर प्रवेश किया और समय रहते काबू पा लिया। दवा दुकान में लगी आग, 5 लाख की क्षति पटना | राजापुर पुल गेट नंबर-31 के पास मेडिकल दुकान में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। दुकान बंद थी। दवा, फर्नीचर समेत 5 लाख का सामान जलकर राख हो गया। लोगों ने बताया कि पहले धुआं उठा। उसके बाद आग की लपटें उठने लगीं। दुकानदार आए तो दुकान खोली गई। लोगों ने घर से बाल्टी आैर बर्तन लाकर पानी फेंकना शुरू किया, पर आग धधक रही थी। इतने में फायरकर्मी भी पहुंच गए आैर पानी की बौछार कर आग को बुझा दिया। अस्पताल में हमेशा रहेगी दमकल अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि आग लगने का प्राथमिक कारण शॉर्ट सर्किट है। पैथोलॉजी विभाग मेडिकल कॉलेज का हिस्सा है। यह 100 साल से ज्यादा पुरानी बिल्डिंग है। कुछ पुराने दस्तावेज और टेबल जले हैं, लेकिन सभी जरूरी सैंपल और जांच रिपोर्ट सुरक्षित हैं। अब अस्पताल परिसर में 24 घंटे दमकल की एक गाड़ी तैनात रखी जाएगी। साथ ही सभी पुराने भवनों की वायरिंग की जांच और फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।


