Donald Trump on Strait of Hormuz: मध्य-पूर्व में ईरान-अमेरिका-इजरायल जंग खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ जहां अमेरिका-इजरायल के हमले जारी है, वहीं ईरान भी पलटवार का कोई मौका हाथ से नहीं जाने दे रहा। इस जंग से कई देशों को जहां ऊर्जा संकट से जूझना पड़ रहा है, वहीं दुनिया भर के शेयर-बाजारों में गिरावट का दौर जारी है। उथल-पुथल भरे इस माहौल के बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान दिया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रुथ पर किए गए पोस्ट में कहा कि यदि हमें थोड़ा और समय मिला तो हम आसानी से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल सकते हैं, तेल हासिल कर सकते हैं और बहुत पैसा कमा सकते हैं। क्या यह पूरी दुनिया के लिए एक ‘सोने की खान’ साबित होगा?

क्या अमेरिका ने तैयार किया प्लान?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब से ईरान के खिलाफ जंग छेड़ी है, तब से कई बार होर्मुज स्ट्रेट को लेकर कई बार बयान दे चुके हैं। लेकिन इस बयान के बाद सवाल उठने लगे है कि क्या अमेरिका ने इसको लेकर कोई योजना बनाई है या नहीं, क्योंकि ट्रंप की कथनी और करनी में अंतर दिखा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर नाटो देशों का सहयोग नहीं मिलने पर वे उन्हें ‘कागजी शेर’ तक कह चुके हैं।
होर्मुज स्ट्रेट पर 40 देशों की हुई बैठक
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के चलते कई देशों को ऊर्जा संकट से जूझना पड़ रहा है। इसकी गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ब्रिटेन की तरफ से बुलाई गई वर्चुअल बैठक में भारत समेत 35 देशों ने हिस्सा लिया। हालांकि अमेरिका ने इस बैठक में मौजूद नहीं रहा। होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान की कड़ी आलोचना करते हुए ब्रिटेन की तरफ से इसे वैश्विक आर्थिक सुरक्षा पर सीधा हमला बताया गया। दावा किया गया कि ब्रिटेन इस संकट को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने की कोशिश में आगे बढ़ रहा है। भारत की तरफ से बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिस्त्री शामिल हुए। भारत ने मसले के हल के लिए कूटनीतिक तरीके आगे बढ़ने का रास्ता सुझाया।
बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट ऊर्जा का अहम जलमार्ग है। इसके रास्ते दुनिया भर का 20 फीसदी तेल-गैस का व्यापार होता है। अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद ईरान ने इसे बंद कर दिया है, जिससे असर दुनिया के कई देशों पर पड़ रहा है।


