नागौर. जिले में साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘म्यूल हंटर’ के तहत नागौर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन गेम्स के जरिए लाखों रुपए की ठगी करने वाली गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों सुनील और सुखवीर को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से दो लैपटॉप और 9 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देशन में चल रहे अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, त्वरित अनुसंधान प्रवेंद्र महला, सहायक पुलिस अधीक्षक जतिन जैन और उप अधीक्षक धरम पूनिया के सुपरविजन में कोतवाली थानाधिकारी वेदपाल शिवराण के नेतृत्व में टीम ने यह कार्रवाई की।
किराए के मकान से चला रहे थे ठगी का खेल
थानाधिकारी शिवराण ने बताया कि 2 अप्रेल को गश्त के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि शहर के पुराने हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में कुछ युवक किराए का मकान लेकर ऑनलाइन ऐप के माध्यम से सट्टा खिलाकर लोगों से ठगी कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जहां दो युवक भागने का प्रयास करते हुए पकड़े गए। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम सुनील (24) निवासी ढावा, थाना कुचेरा और सुखवीर (22) निवासी सुवादिया बास, जायल बताया। मकान की तलाशी लेने पर दो लैपटॉप और नौ मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस कार्रवाई में विशेष रूप से हेड कांस्टेबल पूनाराम और कांस्टेबल राकेश सांगवा का योगदान सराहनीय रहा।
रोलेक्स फायर प्ले ऐप से फंसाते थे लोगों को
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी रोलेक्स फायर प्ले ऐप के माध्यम से ऑनलाइन गेम्स में सट्टा खिलवाते थे और लोगों को लालच देकर बड़ी रकम हड़प लेते थे। आरोपी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए पैसे का लेन-देन करते थे और संगठित तरीके से ठगी को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
पुलिस की अपील
नागौर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी लालच में आकर अपना बैंक खाता किसी को उपयोग के लिए न दें। ऑनलाइन गेम्स खेलना या खिलवाना कानूनन अपराध है। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


