औरंगाबाद में IPS बनकर कारोबारी से ठगी का आरोपी गिरफ्तार:शक होने पर पीड़ित ने पकड़कर पुलिस को सौंपा, आरोपी बोला- मैं यूपी कैडर का अफसर

औरंगाबाद में IPS बनकर कारोबारी से ठगी का आरोपी गिरफ्तार:शक होने पर पीड़ित ने पकड़कर पुलिस को सौंपा, आरोपी बोला- मैं यूपी कैडर का अफसर

औरंगाबाद के दाउदनगर थाना क्षेत्र में फर्जी आईपीएस बनकर ठगी और धमकी देने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित व्यवसायी ने थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, दाउदनगर के कपड़ा कारोबारी उत्तर दरवाजा मोहल्ला, वार्ड संख्या-10 के रहने वाले राकेश कुमार ने आरोप लगाया है कि 19 फरवरी को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम राजेश शुक्ला बताते हुए खुद को उत्तर प्रदेश कैडर का आईपीएस अधिकारी बताया। बाद में मुलाकात के दौरान उसने अपना आई-कार्ड भी दिखाया, जिससे प्रभावित होकर व्यवसायी ने उस पर विश्वास कर लिया। कारोबारी ने दो किस्तों में 47 हजार रुपए ट्रांसफर किए आरोप है कि परिचय बढ़ने के बाद उक्त व्यक्ति ने किसी जरूरी काम का हवाला देते हुए पैसों की मांग की। उसके पद के प्रभाव में आकर राकेश कुमार ने 15 मार्च को दो किश्तों में 37,000 और 10,000 रुपए, कुल 47,000 रुपए ऑनलाइन माध्यम से उसके खाते में भेज दिए। दोबारा अफसर होने का रौब दिखाते हुए मांगे 1.20 लाख रुपए मामले का खुलासा तब हुआ जब 2 अप्रैल 2026 को आरोपित अचानक राकेश कुमार की दुकान पर पहुंच गया और दोबारा आईपीएस अधिकारी होने का रौब दिखाते हुए 1 लाख 20 हजार रुपये की अवैध मांग करने लगा। जब व्यवसायी ने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपित ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। दुकान पर हो रहे हंगामे को सुनकर आसपास के लोग और दुकान के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। लोगों को शक होने पर आरोपी के बैग की तलाशी ली गई, जिसमें से एनआईए, सीआईए समेत विभिन्न सरकारी विभागों के नाम लिखी 4-5 टी-शर्ट और करीब 20-25 फर्जी पहचान पत्र बरामद किए गए। लोगों के दबाव में आरोपित ने स्वीकार किया कि वह कोई आईपीएस अधिकारी नहीं है और उसने ठगी करने के उद्देश्य से यह फर्जी पहचान अपनाई थी। फिलहाल आरोपी को पुलिस की निगरानी में रखा गया है। इस मामले को लेकर पीड़ित ने दाउदनगर थाना में लिखित आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी देने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि आवेदन के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। औरंगाबाद के दाउदनगर थाना क्षेत्र में फर्जी आईपीएस बनकर ठगी और धमकी देने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित व्यवसायी ने थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, दाउदनगर के कपड़ा कारोबारी उत्तर दरवाजा मोहल्ला, वार्ड संख्या-10 के रहने वाले राकेश कुमार ने आरोप लगाया है कि 19 फरवरी को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम राजेश शुक्ला बताते हुए खुद को उत्तर प्रदेश कैडर का आईपीएस अधिकारी बताया। बाद में मुलाकात के दौरान उसने अपना आई-कार्ड भी दिखाया, जिससे प्रभावित होकर व्यवसायी ने उस पर विश्वास कर लिया। कारोबारी ने दो किस्तों में 47 हजार रुपए ट्रांसफर किए आरोप है कि परिचय बढ़ने के बाद उक्त व्यक्ति ने किसी जरूरी काम का हवाला देते हुए पैसों की मांग की। उसके पद के प्रभाव में आकर राकेश कुमार ने 15 मार्च को दो किश्तों में 37,000 और 10,000 रुपए, कुल 47,000 रुपए ऑनलाइन माध्यम से उसके खाते में भेज दिए। दोबारा अफसर होने का रौब दिखाते हुए मांगे 1.20 लाख रुपए मामले का खुलासा तब हुआ जब 2 अप्रैल 2026 को आरोपित अचानक राकेश कुमार की दुकान पर पहुंच गया और दोबारा आईपीएस अधिकारी होने का रौब दिखाते हुए 1 लाख 20 हजार रुपये की अवैध मांग करने लगा। जब व्यवसायी ने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपित ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। दुकान पर हो रहे हंगामे को सुनकर आसपास के लोग और दुकान के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। लोगों को शक होने पर आरोपी के बैग की तलाशी ली गई, जिसमें से एनआईए, सीआईए समेत विभिन्न सरकारी विभागों के नाम लिखी 4-5 टी-शर्ट और करीब 20-25 फर्जी पहचान पत्र बरामद किए गए। लोगों के दबाव में आरोपित ने स्वीकार किया कि वह कोई आईपीएस अधिकारी नहीं है और उसने ठगी करने के उद्देश्य से यह फर्जी पहचान अपनाई थी। फिलहाल आरोपी को पुलिस की निगरानी में रखा गया है। इस मामले को लेकर पीड़ित ने दाउदनगर थाना में लिखित आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी देने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि आवेदन के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  

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