मोतिहारी के चिरैया थाना क्षेत्र के डीह महुआवा गांव में देर रात भीषण आग लगने से चार परिवार बेघर हो गए। इस घटना में चार घर पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग की चपेट में आने से चार बकरियों की मौत हो गई, जबकि कई भैंसें झुलस गईं। घरों में रखा नकद, अनाज, कपड़े और अन्य आवश्यक सामान भी जलकर नष्ट हो गया। पीड़ितों ने बताया कि रात में सभी लोग खाना खाकर सो गए थे। खाना बनाने के बाद चूल्हे की आग बुझा दी गई थी। देर रात अचानक घर में आग लग गई। आग की लपटें तेज होने और गर्मी महसूस होने पर परिवार के सदस्यों की नींद खुली। बाहर निकलने पर उन्होंने देखा कि आग ने विकराल रूप ले लिया था। किसी तरह सभी ने घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, लेकिन देखते ही देखते उनका सब कुछ जलकर राख हो गया। घर में रखा कैश भी जला पीड़ितों ने यह भी बताया कि घर में रखा नकद पैसा भी जल गया। यह राशि उन्होंने स्वयं सहायता समूह से किस्त पर ली थी। अब उनके सामने कर्ज चुकाने की बड़ी समस्या है, क्योंकि उनकी सारी जमा पूंजी आग में नष्ट हो गई है। इस अचानक आई आपदा ने परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है। जनप्रतिनिधि ने पीड़ित को मदद का दिया आश्वासन घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय मुखिया, सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। कुछ लोगों ने तत्काल आर्थिक मदद भी प्रदान की। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ितों को शीघ्र राहत सामग्री और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रभावित परिवार फिर से अपना जीवन पटरी पर ला सकें। मोतिहारी के चिरैया थाना क्षेत्र के डीह महुआवा गांव में देर रात भीषण आग लगने से चार परिवार बेघर हो गए। इस घटना में चार घर पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग की चपेट में आने से चार बकरियों की मौत हो गई, जबकि कई भैंसें झुलस गईं। घरों में रखा नकद, अनाज, कपड़े और अन्य आवश्यक सामान भी जलकर नष्ट हो गया। पीड़ितों ने बताया कि रात में सभी लोग खाना खाकर सो गए थे। खाना बनाने के बाद चूल्हे की आग बुझा दी गई थी। देर रात अचानक घर में आग लग गई। आग की लपटें तेज होने और गर्मी महसूस होने पर परिवार के सदस्यों की नींद खुली। बाहर निकलने पर उन्होंने देखा कि आग ने विकराल रूप ले लिया था। किसी तरह सभी ने घर से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, लेकिन देखते ही देखते उनका सब कुछ जलकर राख हो गया। घर में रखा कैश भी जला पीड़ितों ने यह भी बताया कि घर में रखा नकद पैसा भी जल गया। यह राशि उन्होंने स्वयं सहायता समूह से किस्त पर ली थी। अब उनके सामने कर्ज चुकाने की बड़ी समस्या है, क्योंकि उनकी सारी जमा पूंजी आग में नष्ट हो गई है। इस अचानक आई आपदा ने परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है। जनप्रतिनिधि ने पीड़ित को मदद का दिया आश्वासन घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय मुखिया, सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। कुछ लोगों ने तत्काल आर्थिक मदद भी प्रदान की। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ितों को शीघ्र राहत सामग्री और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रभावित परिवार फिर से अपना जीवन पटरी पर ला सकें।


