कुरुक्षेत्र अनाज मंडियों का ACS ने किया निरीक्षण:जी अनुपमा बोलीं- किसान बिना परेशानी बेचें अपनी फसल, बारदाना पूरा करने के निर्देश

कुरुक्षेत्र अनाज मंडियों का ACS ने किया निरीक्षण:जी अनुपमा बोलीं- किसान बिना परेशानी बेचें अपनी फसल, बारदाना पूरा करने के निर्देश

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में आज अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) एवं प्रशासनिक सचिव जी अनुपमा ने शाहाबाद और पिपली अनाज मंडी का अचानक निरीक्षण किया। उन्होंने खुद जाकर मंडी में किसानों, व्यापारियों और मजदूरों के लिए की गई सारी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रदेश में आज से गेहूं खरीद का काम शुरू हो चुका है। ACS जी अनुपमा ने सबसे पहले मंडी के गेट पास और बायोमेट्रिक सिस्टम के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने किसानों और व्यापारियों से सीधे बातचीत की और उनको मिल रही सुविधाओं के बारे में पूछताछ की। व्यापारियों ने बारदाना और लिफ्टिंग पर खास ध्यान देने की मांग रखी। बारदाने में कहीं कमी ना हो- जी अनुपमा
ACS अनुपमा ने साफ कहा कि सरकार की तरफ से तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास किया गया है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बारदाने की व्यवस्था में कहीं कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। साथ ही अधिकारी नियमित रूप से फील्ड में रहकर काम करें। पूरी प्रक्रिया एंड-टू-एंड हो ACS अनुपमा ने कहा कि उनका मुख्य मकसद यही है कि जो भी किसान मंडी में आए, उसे हर तरह की सुविधा मिले। किसान यहां आकर आसानी से अपनी फसल की रजिस्ट्री करा सके, क्वालिटी चेक हो, उसके बाद लिफ्टिंग हो और पूरा प्रोसेस बिना किसी बाधा या रुकावट के पूरा हो। पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से सीमलेस और एंड-टू-एंड हो। किसानों के लिए बनाया नया एप कहा कि इस पूरी प्रक्रिया के लिए प्रशासनिक स्तर पर एक नया एप बनाया गया है। इससे किसानों को बहुत सुविधा मिलेगी और सरकार को भी फायदा होगा। सबसे बड़ा फायदा ये है कि पूरे सिस्टम में पारदर्शिता बहुत बढ़ जाएगी। किसान पहले से ही ऑनलाइन गेट पास रजिस्टर करा सकते हैं या मंडी पहुंचकर भी काट सकते हैं। पहचान देते ही मिलेगा डेटा अपनी पहचान देते ही उनका सारा डेटा (खेती का एरिया और फसल) डेटाबेस में पहले से मौजूद होता है। इससे पता चल जाता है कि कितना गेहूं आने वाला है और कितना बिकेगा। किसान को बस अपनी फसल यहां डिक्लेयर करके आगे बढ़ना होता है। ये पहली बार लागू हो रहा है, इसलिए किसानों को आसानी से समझ आए, इसके लिए जगह-जगह बड़े-बड़े बोर्ड लगवाए जाएंगे। टर्मिनल्स बढ़ाने के निर्देश उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नंबर ऑफ टर्मिनल्स बढ़ाए जाएं। कम से कम 5-6 टर्मिनल्स लगाए जाएं ताकि किसानों को वेटिंग टाइम न लगे। इस प्रक्रिया पहली बार थोड़ा समय लग सकता है, लेकिन उसके बाद सारा काम फटाफट हो जाएगा। उनका फोकस यही है कि किसान बिना किसी परेशानी के अपनी फसल बेच सकें

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