Divya Bhadu: बाड़मेर से पढ़ाई के लिए सीकर गई दिव्या भादू, आए 500 में 499 नंबर; बनना चाहती है आईएएस

Divya Bhadu: बाड़मेर से पढ़ाई के लिए सीकर गई दिव्या भादू, आए 500 में 499 नंबर; बनना चाहती है आईएएस

RBSE 12th Topper Divya Bhadu: यदि मन में कुछ करने का जुनून हो तो तमाम मुसीबतों को मात देकर भी इतिहास रचा जा सकता है। कुछ ऐसी ही संघर्षभरी कहानी है राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित बारहवीं विज्ञान संकाय के परिणाम में 500 में से 499 अंक हासिल करने वाली होनहार दिव्या भादू की।

बाड़मेर जिले की​ निवासी है दिव्या भादू

लोसल स्थित शेखावाटी स्कूल की छात्रा ने बताया कि दसवी में 82 प्रतिशत अंक थे जिन्हें भूलकर मैंने एक लक्ष्य बनाया। इसके बाद जुटी सफलता की नई कहानी लिखने। दिव्या भादू मूलत: बाड़मेर जिले की धनाऊ तहसील के गांव कृष्ण का तला की निवासी है।

ग्राम सेवक के पद पर कार्यरत हैं पिता

दिव्या के पिता सुजाराम ग्राम सेवक के पद पर कार्यरत हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद दिव्या ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। पिछले दो वर्षों से दिव्या लोसल स्थित शेखावटी स्कूल के हॉस्टल में रहकर पढ़ाई में जुटी थी।

सीकर पढ़ाई के लिए क्यों गई दिव्या भादू

दिव्या भादू ने बताया कि उसके गांव में शिक्षा के अवसर और सुविधाएं सीमित हैं। इसलिए वह सीकर पढ़ने के लिए गई। दिव्या ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित दिनचर्या, अनुशासन और निरंतर अभ्यास को दिया। स्कूल की पढ़ाई के अलावा वह रोजाना 6 से 7 घंटे अतिरिक्त अध्ययन करती थीं।

गांव कृष्ण का तला में जश्न का माहौल

खास बात यह रही कि छुट्टियों में घर जाने पर भी उन्होंने अपनी पढ़ाई में कभी ढील नहीं दी। दिव्या का सपना आगे चलकर आईएएस अधिकारी बनने का है। होनहार ने बताया कि संस्था निदेशक बीएल रणवा के मागदर्शन में 99.80 फीसदी अंक हासिल किए है।

राज्य स्तर पर दिव्या की प्रथम रैंक के कारण उसके गांव कृष्ण का तला में जश्न का माहौल है। रिश्तेदार, पड़ोसी और स्कूल के दोस्त सभी उसके घर बधाई देने पहुंच रहे हैं। बोर्ड के अधिकारियों, स्थानीय अधिकारियों और राजनेताओं ने भी उसकी सफलता पर बधाई संदेश भेजे हैं।

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