Nuclear Attack on Iran: मध्य पूर्व में अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। संयुक्त राष्ट्र से जुड़े एक डिप्लोमेट मोहम्मद सफा ने दावा किया है कि यूएन तेहरान पर संभावित परमाणु हमले की तैयारी कर रहा है। उन्होंने इस आरोप के साथ अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। सफा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तेहरान की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि लोग स्थिति की गंभीरता नहीं समझ रहे हैं।
‘मानवता के खिलाफ अपराध का गवाह नहीं बनूंगा’
मोहम्मद सफा, जो पैट्रियटिक विजन एसोसिएशन (PVA) के मुख्य प्रतिनिधि के रूप में यूएन से जुड़े थे, ने कहा कि यूएन के कुछ वरिष्ठ अधिकारी किसी शक्तिशाली लॉबी (अमेरिका-इजरायल के हितों) की सेवा कर रहे हैं, न कि संगठन के मूल सिद्धांतों की। उन्होंने लिखा, ‘मैं अच्छे विवेक से इस अपराध का हिस्सा या गवाह नहीं बन सकता। मैंने अपना राजनयिक करियर त्याग दिया है ताकि न्यूक्लियर विंटर को बहुत देर होने से पहले रोका जा सके।’
सफा ने तेहरान को याद दिलाते हुए कहा कि यह कोई खाली रेगिस्तान नहीं है। यहां एक करोड़ लोगों के परिवार, बच्चे, पालतू जानवर और सपने देखने वाले आम नागरिक रहते हैं। उन्होंने वाशिंगटन, लंदन या पेरिस जैसे शहरों पर परमाणु हमले की कल्पना करने को कहा। सफा ने अपील की कि दुनिया भर में यह संदेश फैलाएं, सड़कों पर उतरें और प्रदर्शन करें। केवल जनता ही इस आपदा को रोक सकती है।
2023 से चिंतित थे, अब इस्तीफा
सफा ने बताया कि वे 2023 से इस्तीफा देना चाहते थे लेकिन तीन साल तक धैर्य रखा। अक्टूबर 2023 में हमास के इजरायल हमले के बाद जब उन्होंने अपनी चिंताएं जताईं तो उन्हें आलोचना और धमकियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि यूएन के कुछ अधिकारी इजरायल और अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानून उल्लंघन के आरोप लगाने से बचते रहे। इस्तीफे के बाद उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां मिली हैं।
संयुक्त राष्ट्र की चुप्पी
अभी तक संयुक्त राष्ट्र ने मोहम्मद सफा के इन गंभीर आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और इजरायल ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले कर चुके हैं और ट्रंप प्रशासन ईरान को सख्त चेतावनी दे रहा है। ईरान ने इन हमलों की निंदा की है और परमाणु समझौते से बाहर निकलने की मांग उठ रही है।


