दरभंगा में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन:शहर से गांव तक दुर्गा स्थानों पर उमड़े भक्त, भंडारे में 5000 श्रद्धालुओं ने लिया प्रसाद

दरभंगा में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन:शहर से गांव तक दुर्गा स्थानों पर उमड़े भक्त, भंडारे में 5000 श्रद्धालुओं ने लिया प्रसाद

दरभंगा में चैती नवरात्रा संपन्न हो गया। शनिवार देर रात तक मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। पूरे जिले में श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे, जयकारों और भक्ति गीतों के बीच माता रानी को विदाई दी।
मां के अंतिम दर्शन के लिए शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के दुर्गा स्थानों पर भीड़ रही। विसर्जन यात्रा में हजारों की संख्या में महिलाएं, पुरुष, युवा और बच्चे शामिल हुए। पूरे रास्ते ‘जय माता दी’ के जयकारे लगाते रहे।
मां दुर्गा की आकर्षक प्रतिमाएं विभिन्न पूजा पंडालों में बैठाई गई थी, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महिलाएं-बुजुर्ग मां के चरणों में फूल अर्पित कर भावुक हो उठे, वहीं कई लोग भजन-कीर्तन में लीन होकर माता को अंतिम विदाई देते नजर आए।
विसर्जन यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए निर्धारित घाटों और तालाबों तक पहुंची। इस दौरान प्रशासन भी तैनात रहा। जगह-जगह पुलिस पदाधिकारी रहे कमतौल थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर चैती दुर्गा मां का विसर्जन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी ने बताया कि सभी पूजा स्थलों पर सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई थी।
टेकटार गांव में भी विधि-विधान के साथ मां दुर्गा का विसर्जन किया गया। इस दौरान अपर थाना अध्यक्ष राहुल कुमार और एसआई सुभाष प्रसाद सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे और पूरे कार्यक्रम की निगरानी करते रहे।
केवटी प्रखंड में भंडारा और भजन संध्या का आयोजन केवटी प्रखंड के बनवारी स्थान में महंत बाबा रतन दास के नेतृत्व में आयोजित भंडारे में करीब 5000 लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद रात्रि में भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें मिथिलांचल के स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। दरभंगा में चैती नवरात्रा संपन्न हो गया। शनिवार देर रात तक मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। पूरे जिले में श्रद्धालुओं ने गाजे-बाजे, जयकारों और भक्ति गीतों के बीच माता रानी को विदाई दी।
मां के अंतिम दर्शन के लिए शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के दुर्गा स्थानों पर भीड़ रही। विसर्जन यात्रा में हजारों की संख्या में महिलाएं, पुरुष, युवा और बच्चे शामिल हुए। पूरे रास्ते ‘जय माता दी’ के जयकारे लगाते रहे।
मां दुर्गा की आकर्षक प्रतिमाएं विभिन्न पूजा पंडालों में बैठाई गई थी, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। महिलाएं-बुजुर्ग मां के चरणों में फूल अर्पित कर भावुक हो उठे, वहीं कई लोग भजन-कीर्तन में लीन होकर माता को अंतिम विदाई देते नजर आए।
विसर्जन यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए निर्धारित घाटों और तालाबों तक पहुंची। इस दौरान प्रशासन भी तैनात रहा। जगह-जगह पुलिस पदाधिकारी रहे कमतौल थाना क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर चैती दुर्गा मां का विसर्जन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी ने बताया कि सभी पूजा स्थलों पर सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई थी।
टेकटार गांव में भी विधि-विधान के साथ मां दुर्गा का विसर्जन किया गया। इस दौरान अपर थाना अध्यक्ष राहुल कुमार और एसआई सुभाष प्रसाद सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद रहे और पूरे कार्यक्रम की निगरानी करते रहे।
केवटी प्रखंड में भंडारा और भजन संध्या का आयोजन केवटी प्रखंड के बनवारी स्थान में महंत बाबा रतन दास के नेतृत्व में आयोजित भंडारे में करीब 5000 लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद रात्रि में भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें मिथिलांचल के स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।  

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