बिहार में IAS अफसरों की कमी दूर होने जा रही है। अप्रैल में नए अधिकारी मिलने वाले हैं। इससे काम के दबाव से दबे अफसरों को राहत मिलेगी। सरकार के काम तेजी से निपटाए जाएंगे। राज्य को 2025 बैच के 11 युवा IAS (ट्रेनी) अफसर मिलने वाले हैं। इनमें बिहार के 4, राजस्थान के 2, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के 1-1 हैं। इन्होंने 2025 में UPSC की परीक्षा पास की थी। फिलहाल सभी अफसरों को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में ट्रेनिंग दी रही है। दैनिक भास्कर की स्पेशल रिपोर्ट में जानिए, बिहार आने वाले आईएएस अधिकारी कौन हैं? कहां के हैं?
कौन से अधिकारी आ रहे हैं बिहार? 1.आईएएस राज कृष्ण झा- 2025 बैच के IAS अधिकारी राज कृष्ण झा ने बीटेक की पढ़ाई की है। वह बिहार के सीतामढ़ी जिले के रहने वाले हैं। 31 जुलाई 2057 को रिटायर होंगे। 2. आईएएस सौरभ सिन्हा- 2025 बैच के आईएएस अधिकारी सौरभ सिन्हा मूल रूप से झारखंड के दुमका जिले के हैं। 31 मार्च 2057 को रिटायर होंगे। 3. आईएएस फरखंदा कुरैशी- 2025 बैच की IAS अधिकारी फरखंदा कुरैशी मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले की हैं। फरखंदा ने अपने जिले की पहली मुस्लिम महिला आईएएस (IAS) अधिकारी बनकर इतिहास रचा था। 31 मार्च 2058 तक देश की सेवा करेंगी। फरखंदा ने भूगर्भ शास्त्र में ग्रेजुएशन के बाद 2019 से UPSC की तैयारी शुरू की थी। कोरोना महामारी से पहले दिल्ली में 6 महीने कोचिंग की। महामारी के दौरान घर लौट आईं और ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखा। रोज 8 घंटे पढ़ाई करती थीं। तीसरे प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंची। चौथे प्रयास में सफलता हासिल की। 4.आईएएस कुमुद मिश्रा- 2025 बैच की आईएएस कुमुद मिश्रा ने राजनीति शास्त्र की पढ़ाई की है। मूल रूप से बिहार के रोहतास की रहने वाली हैं। 31 जुलाई 2061 तक सेवाएं देंगी। कुमुद ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। उनका इंटरव्यू जनवरी में था। उन्हें बहुत ठंड होने के चलते घबराहट होने लगी थी। 30 मिनट तक चला इंटरव्यू काफी अच्छा रहा था। 5. आईएएस केतन शुक्ला- 2025 बैच के आईएएस अफसर केतन शुक्ला ने इंजीनियरिंग की है। उत्तराखंड के रहने वाले हैं। 30 नवंबर 2059 तक सेवा देंगे। 6. आईएएस कल्पना रावत- 2025 बैच की आईएएस अधिकारी कल्पना रावत राजनीति शास्त्र में ग्रेजुएट हैं। दिल्ली की हैं। कल्पना का विवाह बिहार के रोहतास में एसडीएम के पद पर तैनात सूर्य प्रताप सिंह से दिसंबर 2024 में हुआ था। सूर्य प्रताप 2021 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। 7. आईएएस निलेश गोयल- निलेश गोयल 2025 बैच के आईएएस अफसर हैं। राजस्थान के रहने वाले हैं। 30 सितंबर 2057 तक देश की सेवा करेंगे। 8. आईएएस प्रिंस राज- बिहार के रहने वाले प्रिंस राज 2025 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। बी टेक की पढ़ाई की है। 31 दिसंबर 2060 तक सेवा देंगे। 9. आईएएस अमित मीणा- राजस्थान के रहने वाले अमित मीणा 2025 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। बी टेक की पढ़ाई की है। 10. आईएएस दीपक कुमार- बिहार के रहने वाले दीपक कुमार 2025 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। 31 मार्च 2056 तक सेवा में रहेंगे। 11. आईएएस अंकुर त्रिपाठी- उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के रहने वाले अंकुर त्रिपाठी 2025 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उनकी पत्नी कृतिका मिश्रा बिहार कैडर की अधिकारी हैं। पत्नी के आधार पर इनका कैडर चेंज किया गया है। 17 अप्रैल को बिहार आएंगे नए IAS अधिकारी सभी 11 नए आईएएस अधिकारी बिहार सरकार को 17 अप्रैल को योगदान देंगे। राज्य सरकार इन्हें जिलों में भेजेगी। यहां वे डीएम के अंडर काम करेंगे। इनका काम ब्लॉक लेवल से लेकर कलेक्ट्रेट तक रहेगा। इस दौरान सभी आईएएस फाइल निपटाने, लोगों से मिलने, फाइल की भाषा समेत अन्य कामकाज समझेंगे। सहायक डीएम के बाद असिस्टेंट सेक्रेटरी के रूप में लेंगे ट्रेनिंग ये सभी 11 आईएएस अफसर जिले के सहायक जिलाधिकारी बनेंगे। जिलों में जिलाधिकारी के साथ रहकर उनसे काम करने के तरीके सीखेंगे। ब्लॉक में वे बीडीओ, सीओ, जबकि अनुमंडल में एसडीओ के काम की ट्रेनिंग लेंगे। इसके बाद दिल्ली में सेक्रेटरी के साथ रहेंगे। असिस्टेंट सेक्रेटरी के रूप में ट्रेनिंग लेंगे। अगले साल अप्रैल में एक बार फिर सभी आईएएस आगे की ट्रेनिंग के लिए लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी भेजे जाएंगे। बिहार में तय है IAS के 359 पद बिहार में आईएएस अधिकारी के कुल सेंक्शन पोस्ट 359 हैं। कुल सेक्शन पोस्ट में से 29 आईएएस अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर गए हुए हैं। मौजूदा वक्त में 280 पदों पर ही अधिकारी तैनात हैं। इन 11 अफसरों को पोस्टिंग मिलने के बाद काम करने वाले अधिकारियों की संख्या 291 तक पहुंच जाएगी। ये IAS अधिकारी छोड़ना चाहते हैं बिहार बिहार में मुख्यमंत्री बदलने से पहले कई आईएएस अफसर राज्य छोड़ने की भी तैयारी कर रहे हैं। दिल्ली जाने की जुगाड़ बैठा रहे हैं। ये हैं.. 1- डॉ. बी राजेंद्र: 1995 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के एससीएस हैं। इसके अलावा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग में 28 मार्च 2022 से तैनात हैं। इनके पास बिपार्ड डीजी, बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी और जन शिकायत सचिव जैसे अहम जिम्मेदारी भी है। बी राजेंद्र मूल रूप से तेलंगाना के हैं। केंद्र सरकार ने इन्हें सेक्रेटरी लेवल में इनपैनल किया है। पिछले महीने इनका इनपैनलमेंट हुआ है। लिहाजा, दिल्ली जाने की इच्छा रखते हैं। 2- डॉ. गोपाल सिंह: 2003 बैच के वन सेवा के अधिकारी हैं। मुख्यमंत्री के ओएसडी के रूप में लंबे समय से काम कर रहें हैं। इनके पास क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक और वन संरक्षक की जिम्मेदारी भी है। वह 26 नवंबर 2021 से इस पद पर तैनात हैं। बिहार सरकार ने इन्हें पिछले साल ही केंद्र सरकार की सेवा में जाने की अनुमति दी थी। 3. डॉ सफीना एन: बिहार कैडर की 1997 बैच की आईएएस अधिकारी सफीना मौजूदा वक्त में बिहार के मगध डिवीजन की कमिश्नर हैं। बिपार्ड गया के अपर महानिदेशक का एडिशनल चार्ज भी इनके पास है। वह कृषि में पीएचडी की डिग्रीधारी हैं। मूल रूप से केरल की रहने वाली हैं। मगध कमिश्नर के पद पर 13 अप्रैल 2025 से तैनात हैं। 4. गोपाल मीणा: 2007 बैच के आईएएस अधिकारी गोपाल मीणा मौजूदा वक्त में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव हैं। 31 मई 2025 से सचिव के पद पर तैनात हैं। सरकार ने इन्हें सामान्य प्रशासन विभाग के जांच आयुक्त का एडिशनल चार्ज सौंप रखा है। मूल रूप से राजस्थान के निवासी हैं। कम्प्यूटर साइंस से मास्टर डिग्री हासिल की है। 5. डॉ. प्रतिमा एस वर्मा: 2002 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। साइंस, टेक्नोलॉजी एंड टेक्निकल एजुकेशन विभाग की सचिव हैं। सरकार ने इन्हें दिल्ली निवास में भी तैनात कर रखा है। 31 अगस्त 2024 को इन्हें मौजूदा पद पर तैनात किया गया था। मूल रूप से कर्नाटक की हैं। मेडिसिन से एमबीबीएस हैं। अब जानिए, दिल्ली डेपुटेशन का फार्मूला क्या है? बिहार कैडर के 70 आईएएस ही दिल्ली डेप्यूट हो सकते हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के मुताबिक मौजूदा वक्त में बिहार कैडर के 30 आईएएस दिल्ली में हैं। दिल्ली गए आईएएस अधिकारियों को सामान्य तौर पर 5 साल का टर्म पूरा करने के बाद बिहार (अपने गृह कैडर) लौटना होता है। हालांकि, कई आईएएस अधिकारी केंद्र सरकार से तालमेल कर कई साल दिल्ली में बने रहते हैं। उप सचिव स्तर तक पहुंचने के बाद आईएएस अधिकारियों को दिल्ली जाना होता है। यदि इस स्तर में नहीं जाते हैं तो बाद में जाने के लिए हाई लेवल के जुगाड़ की जरूरत होती है। सेक्रेटरी लेवल में जुड़ने के बाद परिस्थितियां बदल जाती हैं। बिहार में IAS अफसरों की कमी दूर होने जा रही है। अप्रैल में नए अधिकारी मिलने वाले हैं। इससे काम के दबाव से दबे अफसरों को राहत मिलेगी। सरकार के काम तेजी से निपटाए जाएंगे। राज्य को 2025 बैच के 11 युवा IAS (ट्रेनी) अफसर मिलने वाले हैं। इनमें बिहार के 4, राजस्थान के 2, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के 1-1 हैं। इन्होंने 2025 में UPSC की परीक्षा पास की थी। फिलहाल सभी अफसरों को लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में ट्रेनिंग दी रही है। दैनिक भास्कर की स्पेशल रिपोर्ट में जानिए, बिहार आने वाले आईएएस अधिकारी कौन हैं? कहां के हैं?
कौन से अधिकारी आ रहे हैं बिहार? 1.आईएएस राज कृष्ण झा- 2025 बैच के IAS अधिकारी राज कृष्ण झा ने बीटेक की पढ़ाई की है। वह बिहार के सीतामढ़ी जिले के रहने वाले हैं। 31 जुलाई 2057 को रिटायर होंगे। 2. आईएएस सौरभ सिन्हा- 2025 बैच के आईएएस अधिकारी सौरभ सिन्हा मूल रूप से झारखंड के दुमका जिले के हैं। 31 मार्च 2057 को रिटायर होंगे। 3. आईएएस फरखंदा कुरैशी- 2025 बैच की IAS अधिकारी फरखंदा कुरैशी मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले की हैं। फरखंदा ने अपने जिले की पहली मुस्लिम महिला आईएएस (IAS) अधिकारी बनकर इतिहास रचा था। 31 मार्च 2058 तक देश की सेवा करेंगी। फरखंदा ने भूगर्भ शास्त्र में ग्रेजुएशन के बाद 2019 से UPSC की तैयारी शुरू की थी। कोरोना महामारी से पहले दिल्ली में 6 महीने कोचिंग की। महामारी के दौरान घर लौट आईं और ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखा। रोज 8 घंटे पढ़ाई करती थीं। तीसरे प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंची। चौथे प्रयास में सफलता हासिल की। 4.आईएएस कुमुद मिश्रा- 2025 बैच की आईएएस कुमुद मिश्रा ने राजनीति शास्त्र की पढ़ाई की है। मूल रूप से बिहार के रोहतास की रहने वाली हैं। 31 जुलाई 2061 तक सेवाएं देंगी। कुमुद ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। उनका इंटरव्यू जनवरी में था। उन्हें बहुत ठंड होने के चलते घबराहट होने लगी थी। 30 मिनट तक चला इंटरव्यू काफी अच्छा रहा था। 5. आईएएस केतन शुक्ला- 2025 बैच के आईएएस अफसर केतन शुक्ला ने इंजीनियरिंग की है। उत्तराखंड के रहने वाले हैं। 30 नवंबर 2059 तक सेवा देंगे। 6. आईएएस कल्पना रावत- 2025 बैच की आईएएस अधिकारी कल्पना रावत राजनीति शास्त्र में ग्रेजुएट हैं। दिल्ली की हैं। कल्पना का विवाह बिहार के रोहतास में एसडीएम के पद पर तैनात सूर्य प्रताप सिंह से दिसंबर 2024 में हुआ था। सूर्य प्रताप 2021 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। 7. आईएएस निलेश गोयल- निलेश गोयल 2025 बैच के आईएएस अफसर हैं। राजस्थान के रहने वाले हैं। 30 सितंबर 2057 तक देश की सेवा करेंगे। 8. आईएएस प्रिंस राज- बिहार के रहने वाले प्रिंस राज 2025 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। बी टेक की पढ़ाई की है। 31 दिसंबर 2060 तक सेवा देंगे। 9. आईएएस अमित मीणा- राजस्थान के रहने वाले अमित मीणा 2025 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। बी टेक की पढ़ाई की है। 10. आईएएस दीपक कुमार- बिहार के रहने वाले दीपक कुमार 2025 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। 31 मार्च 2056 तक सेवा में रहेंगे। 11. आईएएस अंकुर त्रिपाठी- उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के रहने वाले अंकुर त्रिपाठी 2025 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उनकी पत्नी कृतिका मिश्रा बिहार कैडर की अधिकारी हैं। पत्नी के आधार पर इनका कैडर चेंज किया गया है। 17 अप्रैल को बिहार आएंगे नए IAS अधिकारी सभी 11 नए आईएएस अधिकारी बिहार सरकार को 17 अप्रैल को योगदान देंगे। राज्य सरकार इन्हें जिलों में भेजेगी। यहां वे डीएम के अंडर काम करेंगे। इनका काम ब्लॉक लेवल से लेकर कलेक्ट्रेट तक रहेगा। इस दौरान सभी आईएएस फाइल निपटाने, लोगों से मिलने, फाइल की भाषा समेत अन्य कामकाज समझेंगे। सहायक डीएम के बाद असिस्टेंट सेक्रेटरी के रूप में लेंगे ट्रेनिंग ये सभी 11 आईएएस अफसर जिले के सहायक जिलाधिकारी बनेंगे। जिलों में जिलाधिकारी के साथ रहकर उनसे काम करने के तरीके सीखेंगे। ब्लॉक में वे बीडीओ, सीओ, जबकि अनुमंडल में एसडीओ के काम की ट्रेनिंग लेंगे। इसके बाद दिल्ली में सेक्रेटरी के साथ रहेंगे। असिस्टेंट सेक्रेटरी के रूप में ट्रेनिंग लेंगे। अगले साल अप्रैल में एक बार फिर सभी आईएएस आगे की ट्रेनिंग के लिए लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी भेजे जाएंगे। बिहार में तय है IAS के 359 पद बिहार में आईएएस अधिकारी के कुल सेंक्शन पोस्ट 359 हैं। कुल सेक्शन पोस्ट में से 29 आईएएस अधिकारी प्रतिनियुक्ति पर गए हुए हैं। मौजूदा वक्त में 280 पदों पर ही अधिकारी तैनात हैं। इन 11 अफसरों को पोस्टिंग मिलने के बाद काम करने वाले अधिकारियों की संख्या 291 तक पहुंच जाएगी। ये IAS अधिकारी छोड़ना चाहते हैं बिहार बिहार में मुख्यमंत्री बदलने से पहले कई आईएएस अफसर राज्य छोड़ने की भी तैयारी कर रहे हैं। दिल्ली जाने की जुगाड़ बैठा रहे हैं। ये हैं.. 1- डॉ. बी राजेंद्र: 1995 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के एससीएस हैं। इसके अलावा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सामान्य प्रशासन विभाग में 28 मार्च 2022 से तैनात हैं। इनके पास बिपार्ड डीजी, बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी और जन शिकायत सचिव जैसे अहम जिम्मेदारी भी है। बी राजेंद्र मूल रूप से तेलंगाना के हैं। केंद्र सरकार ने इन्हें सेक्रेटरी लेवल में इनपैनल किया है। पिछले महीने इनका इनपैनलमेंट हुआ है। लिहाजा, दिल्ली जाने की इच्छा रखते हैं। 2- डॉ. गोपाल सिंह: 2003 बैच के वन सेवा के अधिकारी हैं। मुख्यमंत्री के ओएसडी के रूप में लंबे समय से काम कर रहें हैं। इनके पास क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक और वन संरक्षक की जिम्मेदारी भी है। वह 26 नवंबर 2021 से इस पद पर तैनात हैं। बिहार सरकार ने इन्हें पिछले साल ही केंद्र सरकार की सेवा में जाने की अनुमति दी थी। 3. डॉ सफीना एन: बिहार कैडर की 1997 बैच की आईएएस अधिकारी सफीना मौजूदा वक्त में बिहार के मगध डिवीजन की कमिश्नर हैं। बिपार्ड गया के अपर महानिदेशक का एडिशनल चार्ज भी इनके पास है। वह कृषि में पीएचडी की डिग्रीधारी हैं। मूल रूप से केरल की रहने वाली हैं। मगध कमिश्नर के पद पर 13 अप्रैल 2025 से तैनात हैं। 4. गोपाल मीणा: 2007 बैच के आईएएस अधिकारी गोपाल मीणा मौजूदा वक्त में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव हैं। 31 मई 2025 से सचिव के पद पर तैनात हैं। सरकार ने इन्हें सामान्य प्रशासन विभाग के जांच आयुक्त का एडिशनल चार्ज सौंप रखा है। मूल रूप से राजस्थान के निवासी हैं। कम्प्यूटर साइंस से मास्टर डिग्री हासिल की है। 5. डॉ. प्रतिमा एस वर्मा: 2002 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। साइंस, टेक्नोलॉजी एंड टेक्निकल एजुकेशन विभाग की सचिव हैं। सरकार ने इन्हें दिल्ली निवास में भी तैनात कर रखा है। 31 अगस्त 2024 को इन्हें मौजूदा पद पर तैनात किया गया था। मूल रूप से कर्नाटक की हैं। मेडिसिन से एमबीबीएस हैं। अब जानिए, दिल्ली डेपुटेशन का फार्मूला क्या है? बिहार कैडर के 70 आईएएस ही दिल्ली डेप्यूट हो सकते हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के मुताबिक मौजूदा वक्त में बिहार कैडर के 30 आईएएस दिल्ली में हैं। दिल्ली गए आईएएस अधिकारियों को सामान्य तौर पर 5 साल का टर्म पूरा करने के बाद बिहार (अपने गृह कैडर) लौटना होता है। हालांकि, कई आईएएस अधिकारी केंद्र सरकार से तालमेल कर कई साल दिल्ली में बने रहते हैं। उप सचिव स्तर तक पहुंचने के बाद आईएएस अधिकारियों को दिल्ली जाना होता है। यदि इस स्तर में नहीं जाते हैं तो बाद में जाने के लिए हाई लेवल के जुगाड़ की जरूरत होती है। सेक्रेटरी लेवल में जुड़ने के बाद परिस्थितियां बदल जाती हैं।


