रेवदर के ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को एक निजी अस्पताल की जांच के बाद जान से मारने की धमकी मिली है। इस मामले में CMO ने सिरोही एसपी को पत्र लिखकर पुलिस सुरक्षा और आत्मरक्षा के लिए रिवाल्वर/पिस्टल के लाइसेंस की अनुमति मांगी है। जानकारी के अनुसार, रेवदर के ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. समर सिंह भाटी ने कलेक्टर को लिखे पत्र में बताया कि उन्होंने 16 मार्च को रेवदर के जीरावल चौराहा मंडार रोड पर संचालित एक निजी अस्पताल की जांच की थी। जांच के दौरान अस्पताल में कोई स्त्री रोग विशेषज्ञ या अन्य डॉक्टर मौजूद नहीं थे। पूरा अस्पताल केवल मोहिनी नामक एक एएनएम द्वारा संचालित किया जा रहा था। टीम को देखते ही मौके से मरीजों को भगा दिया गया। अस्पताल में लेबोरेटरी थी, लेकिन लैब टेक्नीशियन गैरमौजूद था, और मेडिकल स्टोर में भी फार्मासिस्ट मौजूद नहीं था। जांच के दौरान, उक्त नर्स ने बिना किसी वजह के बहस की और सरकारी कार्य में बाधा डालने की कोशिश की। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने अस्पताल को सीज कर दिया। 16 मार्च की शाम करीब 5 बजे जब डॉ. भाटी अपने ऑफिस में बैठे थे, तभी एक व्यक्ति आया जिसने अपना नाम देवेंद्र बिश्नोई बताया। उसने कहा कि जिस रेवदर अस्पताल को सीज किया गया है, वह उसके रिश्तेदार का है। देवेंद्र बिश्नोई ने खुद को शराब तस्कर बताते हुए धमकी दी कि मोहिनी बिश्नोई एएनएम ही उक्त अस्पताल में डिलीवरी, डीएनसी और सोनोग्राफी का काम करेगी। उसने कहा, “हम सांचौर वालों के लिए इंसान को मारना मामूली बात है।” उसने आगे धमकी दी कि यदि भविष्य में अस्पताल के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की गई, तो उन्हें किसी भी केस में फंसा दिया जाएगा या अपनी जान से हाथ धोना पड़ेगा। डॉ. भाटी ने अपने पत्र में पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने और अपनी सुरक्षा के लिए रिवाल्वर/पिस्टल के लाइसेंस की अनुमति प्रदान करने का अनुरोध किया है।


