Fever in India : भारत में बुखार सिर्फ फीवर नहीं, 5 गंभीर बीमारियों का कारण, 1 लाख लोगों की बुखार की रिपोर्ट से खुलासा

Fever in India : भारत में बुखार सिर्फ फीवर नहीं, 5 गंभीर बीमारियों का कारण, 1 लाख लोगों की बुखार की रिपोर्ट से खुलासा

Fever in India 2026: बुखार को अधिकतर लोग हल्के में लेते हैं। हमें लगता है कि हर बार वायरल बुखार ही है। पर, एक शोध में बताया गया है कि 3 में से 1 भारतीय जिसको बुखार आया वो सिर्फ लक्षण था। जबकि, असल बीमारी कुछ और निकलती है। ऐसे में बुखार को हल्के में लेने वालों को सावधान होने की जरुरत है। 1 लाख लोगों पर किए गए सर्वे में ये बात सामने आई कि बुखार का लक्षण 5 गंभीर संक्रमित बीमारियों का है।

1 लाख लोगों की बुखार की रिपोर्ट से खुलासा

थायरोकेयर की ओर से एक सर्वे किया गया। इसके लिए पूरे भारत से 1 लाख लोगों के रिपोर्ट लिए गए जो बुखार जांच कराए आए और निकली कुछ गंभीर बीमारियां। इसके लिए साल 2023 से 2025 तक के आंकड़े लिए गए।

बुखार है इन 5 गंभीर बीमारियों का लक्षण

डेंगू
टाइफाइड
मलेरिया
चिकनगुनिया
लेप्टोस्पायरोसिस

टाइफाइड और डेंगू सबसे अधिक

इस सर्वे के मुताबिक, टाइफाइड सबसे आम संक्रमण के रूप में उभरा, जो लगभग 18.1% मरीजों में पाया गया। वहीं, डेंगू लगभग 14.4% मरीजों में और लगभग 10% संक्रमित व्यक्तियों में एक साथ दो बीमारियां पाई गईं, जिनमें सबसे आम संयोजन डेंगू और टाइफाइड का दिखा।

Fever in India survey 2026

लिंग और मौसम के आधार पर भी दिखा अंतर

महिलाओं में संक्रमण की दर थोड़ी अधिक (32%) पाई गई, जिसका मुख्य कारण टाइफाइड (21%) रहा। इसके उलट, पुरुषों में मलेरिया होने की संभावना महिलाओं की तुलना में दोगुनी देखी गई।

मई में मलेरिया और अक्टूबर में डेंगू अधिक

डेंगू आमतौर पर अक्टूबर के आसपास अपने चरम पर होता है। मलेरिया मई से सितंबर के बीच मानसून के महीनों में सबसे ज्यादा फैलता है। पिछले तीन वर्षों में मलेरिया की दर 0.5% से बढ़कर 1.1% हो गई है। वहीं, चिकनगुनिया साल 2024 में अधिक देखा गया था, जो 2025 में कुछ कम हुआ।

शरीर के अंगों पर बुखार का बुरा प्रभाव

अध्ययन से पता चला है कि बुखार बुखार वाले 27% मरीजों में प्लेटलेट्स की कमी देखी गई। मलेरिया के 10 में से 8 मरीजों के प्लेटलेट्स गिरे। डेंगू के 37% मरीजों में प्लेटलेट्स की भारी कमी पाई गई।

बुखार का लिवर पर बुरा असर

56% बुखार के मरीजों में SGOT और 37% में SGPT (लिवर एंजाइम्स) का स्तर बढ़ा हुआ मिला। यह दर्शाता है कि संक्रमण के दौरान लिवर अत्यधिक तनाव में रहता है।

बुखार के सर्वे का निष्कर्ष समझिए

बुखार को लेकर हुए सर्वे का निष्कर्ष यह है कि बुखार को हल्के में ना लें। इसका इलाज खुद से करने से बचें। अगर 3 दिन से अधिक बुखार रहता है तो बिना देरी किए डॉक्टर को दिखाएं। क्योंकि, वायरल समझा जाने वाला ये बुखार गंभीर बीमारियों का लक्षण हो सकता है।

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