नीतीश कुमार के बाद बिहार अब नए मुख्यमंत्री की तलाश में है। पटना से दिल्ली तक सियासी गलियारों में खूब चहल-पहल है और हर रोज नया नाम, नई अटकलें उड़ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, 25 मार्च को दिल्ली में भाजपा और RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के टॉप लीडरों के बीच बैठक हुई। इसमें RSS ने अपनी पहली पसंद खाटी भाजपाई और दलित चेहरा बताया है। दूसरी पसंद EBC (अति पिछड़ा वर्ग) चेहरा है। एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में जानिए, बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन हो सकता है। सम्राट चौधरी और फॉरवर्ड नेताओं का क्या होगा। CM फेस पर RSS-BJP के बीच दिल्ली में हुई 2 मीटिंग सूत्रों के मुताबिक, CM फेस सहित बिहार की नई सरकार को लेकर RSS और भाजपा नेताओं के बीच दो दौर की बैठक हो चुकी है। इसमें संघ ने साफ शब्दों में कहा है कि बिहार में पहली बार मुख्यमंत्री बनाने का मौका मिल रहा है, इसलिए सोच-समझकर नेता चुनने की जरूरत है। पहली पसंद: दलित CM, UP-बंगाल-पंजाब भी सधेगा बीते 20 दिनों से अंदरखाने CM पद को लेकर गहमा-गहमी है। अब राज्य में धीरे-धीरे दलित CM बनने की संभावान बढ़ती जा रही है। बिहार में 19.65% आबादी दलित है। इनके पक्ष में खास बात है कि भाजपा का फिलहाल किसी भी राज्य में दलित समाज का मुख्यमंत्री नहीं है। राहुल गांधी सहित पूरा विपक्ष दलित उत्पीड़न का आरोप लगाता रहता है। दलित CM फेस में 2 नाम चर्चा में… जनक रामः पूर्व मंत्री जनक राम गोपालगंज जिले से आते हैं। अभी MLC हैं। MA-LLB जनक राम पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) में थे। 2014 लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में आए और गोपालगंज से सांसद चुन लिए गए। डॉ. गुरु प्रकाश पासवानः वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे डॉ. संजय पासवान के बेटे डॉ. गुरु प्रकाश पासवान भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। वे पार्टी के दलित चेहरे और युवा, आर्टिकुलेट स्पोक्सपर्सन के रूप में जाने जाते हैं। दूसरी पसंद- EBC आबादी सबसे ज्यादा, नीतीश के जाने से नाराजगी कम होगी बिहार में सबसे ज्यादा आबादी EBC (अत्यंत पिछड़ा वर्ग) की है। 36.01%। भाजपा का देश के किसी भी राज्य में बिहार की EBC वर्ग में आने वाली 112 जातियों में से मुख्यमंत्री नहीं है। इसलिए पार्टी EBC से मुख्यमंत्री बना सकती है। EBC CM फेस में 3 नाम चर्चा में… तीसरी पसंद- महिला CM, देशभर की महिलाओं को मैसेज सूत्रों के मुताबिक, RSS ने महिला मुख्यमंत्री बनाने का भी प्रस्ताव दिया है। महिला CM संघ की तीसरी पसंद है। भाजपा किसी महिला को मुख्यमंत्री बना सकती है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि बिहार में महिला वोटर नीतीश कुमार से जुड़ाव रखती हैं। NDA का बड़ा वोटबैंक महिला ही है। भाजपा महिलाओं को 33% रिजर्वेशन देने के लिए कानून में संशोधन की तैयारी कर रही है। इसलिए बिहार में महिला मुख्यमंत्री को बनाकर देश की महिलाओं को मैसेज दे सकती है। दिल्ली में अभी महिला मुख्यमंत्री हैं, लेकिन वह छोटा राज्य है। CM रेस में OBC-जनरल कास्ट पीछे CM रेस की तेज हुई कवायद में अब धीरे-धीरे OBC और जनरल कास्ट दावेदारी में पीछे छूट रही है। सिलसिलेवार तरीके से जानिए क्यों पिछड़ रहे… OBC: राज्य में 35 साल से राज, सम्राट के खिलाफ समीकरण बिहार में बीते 35 साल से OBC राज है। यादव-कुर्मी का शासन है। लालू यादव 15 साल तो नीतीश कुमार लव-कुश (कुर्मी-कुशवाहा) समीकरण के सहारे सत्ता में हैं। भाजपा के 15 राज्यों में चल रही सरकारों को देखें तो 4 मुख्यमंत्री, 7 राज्यपाल OBC हैं। मोदी सरकार के 71 मंत्रियों में 29 मंत्री OBC समाज से आते हैं। मतलब 40%। OBC से CM रेस में 2 नाम चर्चा में… सम्राट चौधरीः वह कोइरी/कुशवाहा समाज से आते हैं। राज्य में इनकी आबादी 4.2% है। इसे नीतीश कुमार का कोर वोटर माना जाता है। हाल के दिनों में भाजपा ने इस समाज को साधने का भरपूर प्रयास किया है। सम्राट चौधरी गृह मंत्री के साथ डिप्टी CM हैं। उन्हीं के समाज के विनोद तावड़े के प्रदेश प्रभारी बनने के बाद भाजपा की टॉप लीडरशिप का सम्राट चौधरी पर भरोसा बढ़ा है। पार्टी में उनको ज्यादा तव्वजो भी मिली है। सम्राट की दावेदारी को 3 बातें कमजोर कर सकती हैं… नित्यानंद रायः यह यादव समाज से आते हैं। इनकी राज्य में 14.27% आबादी है। नित्यानंद राय का नाम CM कैंडिडेट के तौर पर चल रहा है। राय को अमित शाह का करीबी माना जाता है। ये खाटी भाजपाई हैं। भूपेंद्र यादव के प्रभारी बनने के बाद राय का कद पार्टी में तेजी से बढ़ा। उनको प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। फिलहाल केंद्र में गृह राज्यमंत्री हैं। राय की दावेदारी को 3 बातें कमजोर कर सकती हैं… जनरलः संभावना बहुत कम, मंगल पांडेय–विजय सिन्हा रेस में बिहार में हिन्दू सवर्ण में 4 जातियां ब्राह्मण, भूमिहार, राजपूत और कायस्थ। ब्राह्मणः बिहार में जातीय सर्वे के मुताबिक, 3.65% आबादी है। इन्हें भाजपा का कोर वोटर माना जाता है। फिलहाल भाजपा ने ब्राह्मण समाज से असम, महाराष्ट्र, राजस्थान और त्रिपुरा में मुख्यमंत्री बनाया है। इसके अलावा 28 में से 7 राज्यों में इसी समाज से राज्यपाल हैं। राजपूतः 3.45% आबादी है। बगल के राज्य UP में इसी समाज से योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं। केंद्र में पीएम मोदी के बाद दूसरे नंबर पर राजनाथ सिंह हैं। 3 राज्यों में इसी समाज के राज्यपाल हैं। हालांकि, बिहार में सबसे ज्यादा विधायक और सांसद इसी समाज के हैं। लेकिन मोदी सरकार में इस समाज से कोई केंद्रीय मंत्री नहीं है। भूमिहारः आबादी 2.86% है। इसे भाजपा का कोर वोटर माना जाता है। फिलहाल डिप्टी सीएम विजय सिन्हा इसी समाज से हैं। केंद्र में भाजपा कोटे से एक मंत्री गिरिराज सिंह हैं। 28 राज्यों में से सिर्फ एक राज्यपाल पश्चिम बंगाल के एन रवि हैं। देश के किसी राज्य में भाजपा ने इस समाज का मुख्यमंत्री नहीं बनाया है। कायस्थः आबादी एक फीसदी से कम सिर्फ 0.66% है। सिर्फ 2 विधायक हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इसी समाज से हैं। 2 राज्यों में राज्यपाल हैं। जनरल कास्ट से CM रेस में 2 नाम… नीतीश कुमार के बाद बिहार अब नए मुख्यमंत्री की तलाश में है। पटना से दिल्ली तक सियासी गलियारों में खूब चहल-पहल है और हर रोज नया नाम, नई अटकलें उड़ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, 25 मार्च को दिल्ली में भाजपा और RSS (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के टॉप लीडरों के बीच बैठक हुई। इसमें RSS ने अपनी पहली पसंद खाटी भाजपाई और दलित चेहरा बताया है। दूसरी पसंद EBC (अति पिछड़ा वर्ग) चेहरा है। एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में जानिए, बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन हो सकता है। सम्राट चौधरी और फॉरवर्ड नेताओं का क्या होगा। CM फेस पर RSS-BJP के बीच दिल्ली में हुई 2 मीटिंग सूत्रों के मुताबिक, CM फेस सहित बिहार की नई सरकार को लेकर RSS और भाजपा नेताओं के बीच दो दौर की बैठक हो चुकी है। इसमें संघ ने साफ शब्दों में कहा है कि बिहार में पहली बार मुख्यमंत्री बनाने का मौका मिल रहा है, इसलिए सोच-समझकर नेता चुनने की जरूरत है। पहली पसंद: दलित CM, UP-बंगाल-पंजाब भी सधेगा बीते 20 दिनों से अंदरखाने CM पद को लेकर गहमा-गहमी है। अब राज्य में धीरे-धीरे दलित CM बनने की संभावान बढ़ती जा रही है। बिहार में 19.65% आबादी दलित है। इनके पक्ष में खास बात है कि भाजपा का फिलहाल किसी भी राज्य में दलित समाज का मुख्यमंत्री नहीं है। राहुल गांधी सहित पूरा विपक्ष दलित उत्पीड़न का आरोप लगाता रहता है। दलित CM फेस में 2 नाम चर्चा में… जनक रामः पूर्व मंत्री जनक राम गोपालगंज जिले से आते हैं। अभी MLC हैं। MA-LLB जनक राम पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) में थे। 2014 लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में आए और गोपालगंज से सांसद चुन लिए गए। डॉ. गुरु प्रकाश पासवानः वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे डॉ. संजय पासवान के बेटे डॉ. गुरु प्रकाश पासवान भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं। वे पार्टी के दलित चेहरे और युवा, आर्टिकुलेट स्पोक्सपर्सन के रूप में जाने जाते हैं। दूसरी पसंद- EBC आबादी सबसे ज्यादा, नीतीश के जाने से नाराजगी कम होगी बिहार में सबसे ज्यादा आबादी EBC (अत्यंत पिछड़ा वर्ग) की है। 36.01%। भाजपा का देश के किसी भी राज्य में बिहार की EBC वर्ग में आने वाली 112 जातियों में से मुख्यमंत्री नहीं है। इसलिए पार्टी EBC से मुख्यमंत्री बना सकती है। EBC CM फेस में 3 नाम चर्चा में… तीसरी पसंद- महिला CM, देशभर की महिलाओं को मैसेज सूत्रों के मुताबिक, RSS ने महिला मुख्यमंत्री बनाने का भी प्रस्ताव दिया है। महिला CM संघ की तीसरी पसंद है। भाजपा किसी महिला को मुख्यमंत्री बना सकती है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि बिहार में महिला वोटर नीतीश कुमार से जुड़ाव रखती हैं। NDA का बड़ा वोटबैंक महिला ही है। भाजपा महिलाओं को 33% रिजर्वेशन देने के लिए कानून में संशोधन की तैयारी कर रही है। इसलिए बिहार में महिला मुख्यमंत्री को बनाकर देश की महिलाओं को मैसेज दे सकती है। दिल्ली में अभी महिला मुख्यमंत्री हैं, लेकिन वह छोटा राज्य है। CM रेस में OBC-जनरल कास्ट पीछे CM रेस की तेज हुई कवायद में अब धीरे-धीरे OBC और जनरल कास्ट दावेदारी में पीछे छूट रही है। सिलसिलेवार तरीके से जानिए क्यों पिछड़ रहे… OBC: राज्य में 35 साल से राज, सम्राट के खिलाफ समीकरण बिहार में बीते 35 साल से OBC राज है। यादव-कुर्मी का शासन है। लालू यादव 15 साल तो नीतीश कुमार लव-कुश (कुर्मी-कुशवाहा) समीकरण के सहारे सत्ता में हैं। भाजपा के 15 राज्यों में चल रही सरकारों को देखें तो 4 मुख्यमंत्री, 7 राज्यपाल OBC हैं। मोदी सरकार के 71 मंत्रियों में 29 मंत्री OBC समाज से आते हैं। मतलब 40%। OBC से CM रेस में 2 नाम चर्चा में… सम्राट चौधरीः वह कोइरी/कुशवाहा समाज से आते हैं। राज्य में इनकी आबादी 4.2% है। इसे नीतीश कुमार का कोर वोटर माना जाता है। हाल के दिनों में भाजपा ने इस समाज को साधने का भरपूर प्रयास किया है। सम्राट चौधरी गृह मंत्री के साथ डिप्टी CM हैं। उन्हीं के समाज के विनोद तावड़े के प्रदेश प्रभारी बनने के बाद भाजपा की टॉप लीडरशिप का सम्राट चौधरी पर भरोसा बढ़ा है। पार्टी में उनको ज्यादा तव्वजो भी मिली है। सम्राट की दावेदारी को 3 बातें कमजोर कर सकती हैं… नित्यानंद रायः यह यादव समाज से आते हैं। इनकी राज्य में 14.27% आबादी है। नित्यानंद राय का नाम CM कैंडिडेट के तौर पर चल रहा है। राय को अमित शाह का करीबी माना जाता है। ये खाटी भाजपाई हैं। भूपेंद्र यादव के प्रभारी बनने के बाद राय का कद पार्टी में तेजी से बढ़ा। उनको प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। फिलहाल केंद्र में गृह राज्यमंत्री हैं। राय की दावेदारी को 3 बातें कमजोर कर सकती हैं… जनरलः संभावना बहुत कम, मंगल पांडेय–विजय सिन्हा रेस में बिहार में हिन्दू सवर्ण में 4 जातियां ब्राह्मण, भूमिहार, राजपूत और कायस्थ। ब्राह्मणः बिहार में जातीय सर्वे के मुताबिक, 3.65% आबादी है। इन्हें भाजपा का कोर वोटर माना जाता है। फिलहाल भाजपा ने ब्राह्मण समाज से असम, महाराष्ट्र, राजस्थान और त्रिपुरा में मुख्यमंत्री बनाया है। इसके अलावा 28 में से 7 राज्यों में इसी समाज से राज्यपाल हैं। राजपूतः 3.45% आबादी है। बगल के राज्य UP में इसी समाज से योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं। केंद्र में पीएम मोदी के बाद दूसरे नंबर पर राजनाथ सिंह हैं। 3 राज्यों में इसी समाज के राज्यपाल हैं। हालांकि, बिहार में सबसे ज्यादा विधायक और सांसद इसी समाज के हैं। लेकिन मोदी सरकार में इस समाज से कोई केंद्रीय मंत्री नहीं है। भूमिहारः आबादी 2.86% है। इसे भाजपा का कोर वोटर माना जाता है। फिलहाल डिप्टी सीएम विजय सिन्हा इसी समाज से हैं। केंद्र में भाजपा कोटे से एक मंत्री गिरिराज सिंह हैं। 28 राज्यों में से सिर्फ एक राज्यपाल पश्चिम बंगाल के एन रवि हैं। देश के किसी राज्य में भाजपा ने इस समाज का मुख्यमंत्री नहीं बनाया है। कायस्थः आबादी एक फीसदी से कम सिर्फ 0.66% है। सिर्फ 2 विधायक हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इसी समाज से हैं। 2 राज्यों में राज्यपाल हैं। जनरल कास्ट से CM रेस में 2 नाम…


