मंदसौर के सीतामऊ में एक स्कूल संचालक ने सोमवार देर शाम चूहे मारने की दवाई खा ली। जिसके बाद हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीतामऊ पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने देर रात उन्हें मंदसौर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल उनका इलाज इमरजेंसी वार्ड में जारी है और डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत नियंत्रण में बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि पैसों के लेन-देन को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद और मानसिक तनाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। लेन-देन के विवाद ने बढ़ाई परेशानी पीड़ित जीतेन्द्र जैन, पिता मनोहर लाल जैन, निवासी नीमा मोहल्ला सीतामऊ, ब्राइट मून हाई सेकेंडरी स्कूल के संचालक हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में उनके विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका पूजा भट्ट द्वारा स्कूल भवन निर्माण को लेकर एक प्रस्ताव दिया गया था। प्रस्ताव के अनुसार पूजा भट्ट के ससुर नंदकिशोर भट्ट की महिंद्रा शोरूम के सामने स्थित जमीन पर भवन निर्माण कर उसे स्कूल को किराए पर देने की बात तय हुई थी। इस दौरान पूजा भट्ट, उनके पति प्रशांत भट्ट, ससुर नंदकिशोर भट्ट, सास रेखा देवी और भाई रवि मोड़ की मौजूदगी में चर्चा हुई, जिसमें 60 हजार रुपए प्रतिमाह किराया तय किया गया। निर्माण में लगाए 42 लाख, लौटाने में टालमटोल जीतेन्द्र जैन का कहना है कि भवन निर्माण के दौरान जब भी पैसे की जरूरत पड़ी, उन्होंने अपने पास की राशि के साथ-साथ बाजार से ब्याज पर पैसे लेकर कुल करीब 42 लाख रुपए निर्माण में लगाए। उन्होंने बताया कि इस दौरान हर जानकारी पूजा भट्ट को दी जाती रही और इसके प्रमाण उनके पास व्हाट्सएप मैसेज और ऑडियो रिकॉर्डिंग के रूप में मौजूद हैं। जब उन्होंने अपनी राशि वापस मांगी और लिखित समझौते की बात कही, तो उन्हें 15 जनवरी 2026 तक भुगतान का आश्वासन दिया गया, लेकिन बाद में लगातार टालमटोल शुरू हो गई। हिसाब को लेकर बढ़ा विवाद पूजा भट्ट ने अपने रिश्तेदार राहुल शर्मा के माध्यम से हिसाब कराने की बात कही। जब राहुल शर्मा से संपर्क किया गया तो उन्होंने निर्माण सामग्री के पक्के बिल मांगते हुए मौखिक हिसाब को मानने से इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद और बढ़ गया और मामला लगातार उलझता चला गया। धमकी और दबाव के आरोप जीतेन्द्र जैन ने आरोप लगाया कि इस दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। उनसे कहा गया कि वे कोई राशि न मांगें और भवन खाली कर दें। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास पांच वर्ष का रजिस्टर्ड किरायानामा है, इसके बावजूद लगातार उन पर स्कूल खाली करने का दबाव बनाया जा रहा था। मानसिक तनाव में उठाया खतरनाक कदम लगातार बढ़ते विवाद, आर्थिक बोझ और कथित प्रताड़ना से परेशान होकर जीतेन्द्र जैन ने सोमवार देर शाम चूहे मारने की दवाई खा ली। परिजनों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार समय पर इलाज मिलने से उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। पांच लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पीड़ित ने नंदकिशोर भट्ट, पूजा भट्ट, प्रशांत भट्ट, रवि मोड़ और राहुल शर्मा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके साथ धोखा हुआ है और उन्हें उनका बकाया दिलाया जाए। कर्ज और आर्थिक बोझ से बढ़ी परेशानी जीतेन्द्र जैन ने बताया कि इस पूरे मामले के चलते उन पर बाजार का कर्ज और ब्याज का बोझ काफी बढ़ गया है। स्थिति इतनी खराब हो गई है कि उन्हें अपनी दुकान बेचने की नौबत आ गई है। उन्होंने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। पुलिस में पहले भी दिया था आवेदन पीड़ित ने बताया कि 7 फरवरी 2026 को उन्होंने सीतामऊ थाने में आवेदन दिया था। पुलिस ने सामने वाले पक्ष को बुलाकर हिसाब दिखाने को कहा था, लेकिन वह लोग थाने नहीं पहुंचे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।


