प्रयागराज कोल्ड स्टोरेज हादसा, सहरसा के 2 मजदूर की मौत:छत गिरने से गई जान, रेस्क्यू ऑपरेशन में निकाले गए 10 घायल

प्रयागराज कोल्ड स्टोरेज हादसा, सहरसा के 2 मजदूर की मौत:छत गिरने से गई जान, रेस्क्यू ऑपरेशन में निकाले गए 10 घायल

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सोमवार को हुए एक दर्दनाक हादसे ने बिहार के सहरसा जिले को शोक में डुबो दिया। फाफामऊ थाना क्षेत्र स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज की छत अचानक भरभरा कर गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। इस हादसे में सहरसा जिले के सलखुआ प्रखंड के दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। काम के दौरान हुआ हादसा, मची अफरा-तफरी मिली जानकारी के अनुसार कोल्ड स्टोरेज में उस समय सैकड़ों मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें बड़ी संख्या सहरसा के सलखुआ प्रखंड के विभिन्न गांवों से गई थी। अचानक छत गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चारों ओर चीख-पुकार गूंजने लगी। हादसे के बाद मजदूरों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। रेस्क्यू ऑपरेशन में निकाले गए घायल घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। मलबे में दबे मजदूरों को निकालकर अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। मृतकों की पहचान, कई मजदूर घायल हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान मसिंद्र सदा (25 वर्ष), पिता सक्को सदा, निवासी बलियार और ज्योतिष कुमार (21 वर्ष), पिता नुनुलाल सदा, निवासी बलियार वार्ड के रूप में हुई है। वहीं पप्पू यादव, शिंकू यादव, अंकित कुमार, शिबू यादव, साहुल चौधरी, अमित चौधरी और आशू चौधरी सहित कई मजदूर घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। गांवों में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल जैसे ही हादसे की खबर सहरसा जिले के सलखुआ प्रखंड के पिपरा, खरहुरिया और बलियार गांव पहुंची, पूरे इलाके में मातम छा गया। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले हैं और गांव का माहौल गमगीन बना हुआ है। लापता मजदूरों को लेकर परिजन चिंतित कुछ मजदूरों की स्थिति को लेकर अब तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है, जिससे उनके परिजन बेहद चिंतित हैं। परिजन लगातार संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पूरी जानकारी नहीं मिलने से उनकी बेचैनी बढ़ती जा रही है। मुआवजा और बेहतर इलाज की मांग घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया है। साथ ही प्रशासन से मांग की गई है कि घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए, मृतकों के शव जल्द गांव पहुंचाए जाएं और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में सोमवार को हुए एक दर्दनाक हादसे ने बिहार के सहरसा जिले को शोक में डुबो दिया। फाफामऊ थाना क्षेत्र स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज की छत अचानक भरभरा कर गिर गई, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। इस हादसे में सहरसा जिले के सलखुआ प्रखंड के दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। काम के दौरान हुआ हादसा, मची अफरा-तफरी मिली जानकारी के अनुसार कोल्ड स्टोरेज में उस समय सैकड़ों मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें बड़ी संख्या सहरसा के सलखुआ प्रखंड के विभिन्न गांवों से गई थी। अचानक छत गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चारों ओर चीख-पुकार गूंजने लगी। हादसे के बाद मजदूरों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। रेस्क्यू ऑपरेशन में निकाले गए घायल घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। मलबे में दबे मजदूरों को निकालकर अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। मृतकों की पहचान, कई मजदूर घायल हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान मसिंद्र सदा (25 वर्ष), पिता सक्को सदा, निवासी बलियार और ज्योतिष कुमार (21 वर्ष), पिता नुनुलाल सदा, निवासी बलियार वार्ड के रूप में हुई है। वहीं पप्पू यादव, शिंकू यादव, अंकित कुमार, शिबू यादव, साहुल चौधरी, अमित चौधरी और आशू चौधरी सहित कई मजदूर घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है। गांवों में पसरा मातम, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल जैसे ही हादसे की खबर सहरसा जिले के सलखुआ प्रखंड के पिपरा, खरहुरिया और बलियार गांव पहुंची, पूरे इलाके में मातम छा गया। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले हैं और गांव का माहौल गमगीन बना हुआ है। लापता मजदूरों को लेकर परिजन चिंतित कुछ मजदूरों की स्थिति को लेकर अब तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है, जिससे उनके परिजन बेहद चिंतित हैं। परिजन लगातार संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पूरी जानकारी नहीं मिलने से उनकी बेचैनी बढ़ती जा रही है। मुआवजा और बेहतर इलाज की मांग घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया है। साथ ही प्रशासन से मांग की गई है कि घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए, मृतकों के शव जल्द गांव पहुंचाए जाएं और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।  

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