मधेपुरा में मोदी-ट्रंप का पुतला दहन:भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस पर प्रतिरोध मार्च; ईरान हमले की निंदा

मधेपुरा में मोदी-ट्रंप का पुतला दहन:भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस पर प्रतिरोध मार्च; ईरान हमले की निंदा

मधेपुरा में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस पर सोमवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा साम्राज्यवाद विरोधी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रतिरोध मार्च निकाला और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तथा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। युद्ध नहीं, शांति चाहिए के लगे नारे कला भवन मैदान से शुरू हुआ मार्च अमेरिकी साम्राज्यवाद मुर्दाबाद और युद्ध नहीं, शांति चाहिए जैसे नारों के बीच बीपी मंडल चौक होते हुए समाहरणालय मार्ग तक पहुंचा। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य एवं किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रमोद प्रभाकर ने अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और साम्राज्यवादी आक्रमण बताते हुए कहा कि इस संघर्ष ने पूरे पश्चिम एशिया को युद्ध की आग में झोंक दिया है। उनका कहना था कि यह युद्ध केवल दो देशों के बीच नहीं, बल्कि वैश्विक शांति, अर्थव्यवस्था और मानवता के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। शांति, न्याय और संप्रभुता की रक्षा को आंदोलन उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका की नजर ईरान के तेल भंडार पर है, जिससे हालात और भी गंभीर हो रहे हैं। इसके प्रभाव से भारत में रसोई गैस, पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि और आपूर्ति संकट की स्थिति बन रही है। भाकपा के जिला मंत्री विद्याधर मुखिया ने कहा कि साम्राज्यवाद के खिलाफ शांति, न्याय और संप्रभुता की रक्षा के लिए व्यापक जनआंदोलन जरूरी है। किसान सभा के जिला अध्यक्ष रमण कुमार ने भी अमेरिका की नीतियों की आलोचना करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसके विरोध की आवश्यकता बताई। अन्य वक्ताओं शैलेंद्र कुमार, उमाकांत सिंह, रमेश कुमार शर्मा और मुकुंद प्रसाद यादव ने कहा कि ईरान अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है और विश्व के शांतिप्रिय देशों को उसके समर्थन में आगे आना चाहिए। कार्यक्रम में कई किसान एवं युवा नेताओं ने भी भाग लिया और साम्राज्यवादी नीतियों तथा युद्ध के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद करने का आह्वान किया। मधेपुरा में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस पर सोमवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा साम्राज्यवाद विरोधी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रतिरोध मार्च निकाला और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तथा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। युद्ध नहीं, शांति चाहिए के लगे नारे कला भवन मैदान से शुरू हुआ मार्च अमेरिकी साम्राज्यवाद मुर्दाबाद और युद्ध नहीं, शांति चाहिए जैसे नारों के बीच बीपी मंडल चौक होते हुए समाहरणालय मार्ग तक पहुंचा। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य एवं किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रमोद प्रभाकर ने अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और साम्राज्यवादी आक्रमण बताते हुए कहा कि इस संघर्ष ने पूरे पश्चिम एशिया को युद्ध की आग में झोंक दिया है। उनका कहना था कि यह युद्ध केवल दो देशों के बीच नहीं, बल्कि वैश्विक शांति, अर्थव्यवस्था और मानवता के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। शांति, न्याय और संप्रभुता की रक्षा को आंदोलन उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका की नजर ईरान के तेल भंडार पर है, जिससे हालात और भी गंभीर हो रहे हैं। इसके प्रभाव से भारत में रसोई गैस, पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि और आपूर्ति संकट की स्थिति बन रही है। भाकपा के जिला मंत्री विद्याधर मुखिया ने कहा कि साम्राज्यवाद के खिलाफ शांति, न्याय और संप्रभुता की रक्षा के लिए व्यापक जनआंदोलन जरूरी है। किसान सभा के जिला अध्यक्ष रमण कुमार ने भी अमेरिका की नीतियों की आलोचना करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसके विरोध की आवश्यकता बताई। अन्य वक्ताओं शैलेंद्र कुमार, उमाकांत सिंह, रमेश कुमार शर्मा और मुकुंद प्रसाद यादव ने कहा कि ईरान अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है और विश्व के शांतिप्रिय देशों को उसके समर्थन में आगे आना चाहिए। कार्यक्रम में कई किसान एवं युवा नेताओं ने भी भाग लिया और साम्राज्यवादी नीतियों तथा युद्ध के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।  

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