एलपीजी गैस की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में कथित किल्लत को लेकर सियासत तेज हो गई है। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के असर का हवाला देते हुए पूर्व मंत्री और मधेपुरा से राजद विधायक प्रो. चंद्रशेखर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। मधेपुरा सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि देश में एलपीजी गैस की किल्लत अब साफ तौर पर दिखाई देने लगी है, लेकिन इसके बावजूद सरकार और जिला प्रशासन इस समस्या से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने इसे सरकार की नीतिगत विफलता करार देते हुए कहा कि जमीनी हकीकत और सरकारी दावों में बड़ा अंतर है। आम लोग रसोई गैस की उपलब्धता और बढ़ती कीमतों से जूझ रहे हैं, जिससे घरेलू बजट पर भारी असर पड़ रहा है। ‘कभी गटर से गैस बनाने की बात कही गई थी’ इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पुराने बयान पर कटाक्ष करते हुए व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ’56 इंच वाले चौकीदार’ द्वारा कभी गटर से गैस बनाने की बात कही गई थी, ऐसे में अब देशवासियों को उसी तकनीक का इस्तेमाल करने की सलाह दी जानी चाहिए। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने मौजूदा स्थिति पर सरकार को घेरने की कोशिश की। ‘आवश्यक वस्तुओं की कमी ने आम लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया’ प्रो. चंद्रशेखर ने आगे कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और आवश्यक वस्तुओं की कमी ने आम लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है। बावजूद इसके केंद्र सरकार जमीनी समस्याओं से दूर नजर आ रही है और ठोस समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते स्थिति को नहीं संभाला गया, तो जनता का आक्रोश और बढ़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि एलपीजी गैस की आपूर्ति को जल्द से जल्द सुचारू बनाया जाए और कीमतों पर नियंत्रण के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात में सुधार नहीं हुआ, तो राजद इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगा और आंदोलन तेज करेगा। प्रेस वार्ता में राजद जिलाध्यक्ष जयकांत यादव, प्रमोद प्रभाकर, रामचंद्र दास, निशांत यादव सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। एलपीजी गैस की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में कथित किल्लत को लेकर सियासत तेज हो गई है। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के असर का हवाला देते हुए पूर्व मंत्री और मधेपुरा से राजद विधायक प्रो. चंद्रशेखर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। मधेपुरा सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि देश में एलपीजी गैस की किल्लत अब साफ तौर पर दिखाई देने लगी है, लेकिन इसके बावजूद सरकार और जिला प्रशासन इस समस्या से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने इसे सरकार की नीतिगत विफलता करार देते हुए कहा कि जमीनी हकीकत और सरकारी दावों में बड़ा अंतर है। आम लोग रसोई गैस की उपलब्धता और बढ़ती कीमतों से जूझ रहे हैं, जिससे घरेलू बजट पर भारी असर पड़ रहा है। ‘कभी गटर से गैस बनाने की बात कही गई थी’ इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पुराने बयान पर कटाक्ष करते हुए व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ’56 इंच वाले चौकीदार’ द्वारा कभी गटर से गैस बनाने की बात कही गई थी, ऐसे में अब देशवासियों को उसी तकनीक का इस्तेमाल करने की सलाह दी जानी चाहिए। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने मौजूदा स्थिति पर सरकार को घेरने की कोशिश की। ‘आवश्यक वस्तुओं की कमी ने आम लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया’ प्रो. चंद्रशेखर ने आगे कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और आवश्यक वस्तुओं की कमी ने आम लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है। बावजूद इसके केंद्र सरकार जमीनी समस्याओं से दूर नजर आ रही है और ठोस समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते स्थिति को नहीं संभाला गया, तो जनता का आक्रोश और बढ़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि एलपीजी गैस की आपूर्ति को जल्द से जल्द सुचारू बनाया जाए और कीमतों पर नियंत्रण के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात में सुधार नहीं हुआ, तो राजद इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगा और आंदोलन तेज करेगा। प्रेस वार्ता में राजद जिलाध्यक्ष जयकांत यादव, प्रमोद प्रभाकर, रामचंद्र दास, निशांत यादव सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।


