औरंगाबाद के युवक की दिल्ली में मौत हो गई। आग लगने के बाद 4 मंजिला बिल्डिंग से छलांग लगाई थी। सफदरगंज में इलाज चल रहा था मृतक की पहचान नरहर अंबा टोला कुम्हार बिगहा निवासी धरमु प्रजापति के पुत्र शंभू प्रजापति(25) के तौर पर हुई है। नोएडा सेक्टर-4 में काम करता था। एक महीना पहले ही घर से काम पर गया था। जानकारी के मुताबिक बुधवार(18 मार्च 2026) को बिल्डिंग में आग लगी थी। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते चार मंजिला इमारत के बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर को अपनी चपेट में ले लिया। चारों ओर धुआं फैल गया। अंदर मौजूद लोगों को कहीं बाहर निकलने का रास्ता नहीं दिख रहा था। दिल्ली से गांव लाया गया शव परिजनों का कहना है कि हादसे में करीब 10 लोगों की मौत हुई थी। शंभू को बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं दिखा, तो जान बचाने के छत से नीचे छलांग लगा दी। चोट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कंपनी प्रबंधन से हादसे की सूचना मिली। जिसके बाद परिवार के सदस्य दिल्ली पहुंचे। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दिल्ली पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार के लिए शव परिजनों को सौंप दिया। शुक्रवार को शव दिल्ली से गांव लाया गया। शनिवार को अंतिम संस्कार किया गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल शंभू एक महीना पहले दिल्ली गया था। पुरानी कंपनी छोड़कर नई कंपनी में ज्वॉइन किया था। चार भाइयों में सबसे छोटा था। अभी उसकी शादी नहीं हुई थी। उसकी असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। औरंगाबाद के युवक की दिल्ली में मौत हो गई। आग लगने के बाद 4 मंजिला बिल्डिंग से छलांग लगाई थी। सफदरगंज में इलाज चल रहा था मृतक की पहचान नरहर अंबा टोला कुम्हार बिगहा निवासी धरमु प्रजापति के पुत्र शंभू प्रजापति(25) के तौर पर हुई है। नोएडा सेक्टर-4 में काम करता था। एक महीना पहले ही घर से काम पर गया था। जानकारी के मुताबिक बुधवार(18 मार्च 2026) को बिल्डिंग में आग लगी थी। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते चार मंजिला इमारत के बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर को अपनी चपेट में ले लिया। चारों ओर धुआं फैल गया। अंदर मौजूद लोगों को कहीं बाहर निकलने का रास्ता नहीं दिख रहा था। दिल्ली से गांव लाया गया शव परिजनों का कहना है कि हादसे में करीब 10 लोगों की मौत हुई थी। शंभू को बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं दिखा, तो जान बचाने के छत से नीचे छलांग लगा दी। चोट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कंपनी प्रबंधन से हादसे की सूचना मिली। जिसके बाद परिवार के सदस्य दिल्ली पहुंचे। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दिल्ली पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार के लिए शव परिजनों को सौंप दिया। शुक्रवार को शव दिल्ली से गांव लाया गया। शनिवार को अंतिम संस्कार किया गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल शंभू एक महीना पहले दिल्ली गया था। पुरानी कंपनी छोड़कर नई कंपनी में ज्वॉइन किया था। चार भाइयों में सबसे छोटा था। अभी उसकी शादी नहीं हुई थी। उसकी असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।


