हरियाणा की सियासत में इन दिनों मेवात का पुनहाना क्षेत्र सुर्खियों में है। विधायक मोहम्मद इलियास की क्रॉस वोटिंग के बाद संभावित उपचुनाव की अटकलें तेज हैं। इसी बीच पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना ने मेवात के कई गांवों का दौरा किया। भड़ाना ने इसे ‘धार्मिक और निजी यात्रा’ बताया, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे उनकी सक्रियता बढ़ाने की कवायद माना जा रहा है। दौरे की शुरुआत में भड़ाना गांव चोखा की प्रसिद्ध दरगाह पहुंचे, जहां उन्होंने चादर चढ़ाई और अमन-चैन की दुआ मांगी। उन्होंने कहा कि मेवात उनके लिए परिवार जैसा है और यहां के लोगों से उनका रिश्ता रूहानी है। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए स्थानीय लोगों से संवाद किया। प्रमुख गांवों में जनसंपर्क, पुराने समर्थकों से मुलाकात भड़ाना ने पुनहाना विधानसभा के लीहींगा, जमालगढ़, नई और सिंगार जैसे प्रभावशाली गांवों का दौरा किया। उन्होंने गांवों के मौजिज लोगों और पुराने समर्थकों से मुलाकात कर क्षेत्र की समस्याओं और मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा की। सिंगार की ‘बाईसी’ पर खास ध्यान दौरे का सबसे अहम पड़ाव सिंगार गांव रहा, जिसे भड़ाना का पारंपरिक गढ़ माना जाता है। सिंगार की ‘बाईसी’ यानी 22 गांवों का समूह मेवात की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाता है। भड़ाना ने यहां लोगों से मुलाकात कर अपने पुराने जनाधार को मजबूत करने की कोशिश की। उपचुनाव की अटकलों के बीच सियासी संदेश इलियास की क्रॉस वोटिंग के बाद पुनहाना सीट पर उपचुनाव की चर्चाएं तेज हैं। ऐसे में भड़ाना का यह दौरा शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। कई जगहों पर मस्जिदों से उनके आगमन की घोषणा की गई, जिससे बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने पहुंचे। भड़ाना का संकेत: मेवात से दूरी नहीं चोखा से सिंगार तक के इस दौरे ने साफ कर दिया कि अवतार सिंह भड़ाना मेवात की राजनीति से दूरी नहीं बनाना चाहते। उन्होंने अपने पुराने रिश्तों को फिर से मजबूत करने और आने वाले समय में पुनहाना की सियासी बिसात पर सक्रिय भूमिका निभाने का संकेत दिया है।


