दिल्ली दंगे के आरोपी शरजील इमाम करीब 6 साल बाद जेल से बाहर आकर पटना पहुंचे हैं। कोर्ट ने उन्हें 20 मार्च से 30 मार्च तक 10 दिनों के पेरोल की अनुमति दी है। इस दौरान वे अपने छोटे भाई की शादी में शामिल होंगे। जानकारी के अनुसार, शरजील इमाम पटना पहुंचने के बाद सीधे जहानाबाद के लिए रवाना हो गए, जहां उनका पैतृक घर है। उनके छोटे भाई मुजम्मिल इमाम की शादी 25 मार्च को तय है। इसी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उन्होंने कोर्ट से पेरोल की मांग की थी, जिसे मंजूरी मिल गई। मां की तबीयत भी बनी वजह पेरोल दिए जाने की एक वजह उनकी मां की खराब सेहत भी बताई जा रही है। परिवार ने कोर्ट से आग्रह किया था कि शादी और पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें अस्थायी राहत दी जाए। कोर्ट ने इन मानवीय आधारों पर 10 दिन की पेरोल स्वीकृत की। 30 मार्च को करना होगा सरेंडर कोर्ट के आदेश के अनुसार, शरजील इमाम को 30 मार्च तक वापस जेल में सरेंडर करना होगा। फिलहाल वे पैरोल की शर्तों के तहत अपने परिवार के साथ समय बिता रहे हैं और शादी की तैयारियों में शामिल होंगे। पेरोल मिलने के बाद उनके छोटे भाई मुजम्मिल इमाम ने कोर्ट का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि परिवार के लिए यह समय महत्वपूर्ण है और इस फैसले से उन्हें बड़ी राहत मिली है। शरजील पर पुलिस की नजर गौरतलब है कि शरजील इमाम का नाम 2020 दिल्ली दंगे के मुख्य आरोपियों में शामिल रहा है। इन दंगों में 50 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। तब से वे न्यायिक हिरासत में थे। शरजील इमाम के पटना और जहानाबाद आने को लेकर स्थानीय प्रशासन भी सतर्क है। पेरोल अवधि के दौरान उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न हो। अंतरिम जमानत पर कोर्ट की शर्तें जानिए 2020 दिल्ली दंगा केस में कब क्या हुआ… दिल्ली दंगे के आरोपी शरजील इमाम करीब 6 साल बाद जेल से बाहर आकर पटना पहुंचे हैं। कोर्ट ने उन्हें 20 मार्च से 30 मार्च तक 10 दिनों के पेरोल की अनुमति दी है। इस दौरान वे अपने छोटे भाई की शादी में शामिल होंगे। जानकारी के अनुसार, शरजील इमाम पटना पहुंचने के बाद सीधे जहानाबाद के लिए रवाना हो गए, जहां उनका पैतृक घर है। उनके छोटे भाई मुजम्मिल इमाम की शादी 25 मार्च को तय है। इसी पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उन्होंने कोर्ट से पेरोल की मांग की थी, जिसे मंजूरी मिल गई। मां की तबीयत भी बनी वजह पेरोल दिए जाने की एक वजह उनकी मां की खराब सेहत भी बताई जा रही है। परिवार ने कोर्ट से आग्रह किया था कि शादी और पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें अस्थायी राहत दी जाए। कोर्ट ने इन मानवीय आधारों पर 10 दिन की पेरोल स्वीकृत की। 30 मार्च को करना होगा सरेंडर कोर्ट के आदेश के अनुसार, शरजील इमाम को 30 मार्च तक वापस जेल में सरेंडर करना होगा। फिलहाल वे पैरोल की शर्तों के तहत अपने परिवार के साथ समय बिता रहे हैं और शादी की तैयारियों में शामिल होंगे। पेरोल मिलने के बाद उनके छोटे भाई मुजम्मिल इमाम ने कोर्ट का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि परिवार के लिए यह समय महत्वपूर्ण है और इस फैसले से उन्हें बड़ी राहत मिली है। शरजील पर पुलिस की नजर गौरतलब है कि शरजील इमाम का नाम 2020 दिल्ली दंगे के मुख्य आरोपियों में शामिल रहा है। इन दंगों में 50 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। तब से वे न्यायिक हिरासत में थे। शरजील इमाम के पटना और जहानाबाद आने को लेकर स्थानीय प्रशासन भी सतर्क है। पेरोल अवधि के दौरान उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न हो। अंतरिम जमानत पर कोर्ट की शर्तें जानिए 2020 दिल्ली दंगा केस में कब क्या हुआ…


