एक अप्रेल से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बन चुका है, लेकिन शारीरिक शिक्षक भर्ती 2022 के तहत नियुक्त हजारों शिक्षक आज भी अनिश्चितता और आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
प्रदेश भर में चयनित 4189 शारीरिक शिक्षक अढ़ाई साल बाद भी स्थायीकरण का इंतजार कर रहे हैं। पोस्टिंग पूरी होने और परिवीक्षा अवधि समाप्त होने के बावजूद अब तक नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार कुल 5546 पदों में से 4189 शिक्षकों का चयन किया गया, जबकि 1357 पद अभी भी रिक्त हैं। जैसलमेर जिले में 104 शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। इनकी पहली पोस्टिंग सितंबर 2023 में हुई और नियमानुसार सितंबर 2025 तक स्थायीकरण होना था, लेकिन मार्च 2026 तक भी इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
14 अगस्त 2025 को शिक्षा विभाग ने सभी नौ मंडलों में शारीरिक शिक्षकों के दस्तावेजों का पुनः सत्यापन कराने के निर्देश दिए थे। तय समयसीमा में 24 अगस्त 2025 तक सभी जांच प्रक्रियाएं पूरी कर फाइलें विभाग को भेज दी गईं, लेकिन इसके बाद से प्रक्रिया ठप पड़ी है। शिक्षकों का आरोप है कि बार-बार जांच के नाम पर केवल देरी की जा रही है, जबकि जिला शिक्षा अधिकारी स्तर पर दो से तीन बार दस्तावेज पहले ही लिए जा चुके हैं और तीन से चार बार सत्यापन पूरा हो चुका है। नियमों के अनुसार परिवीक्षा काल पूर्ण होने के छह माह के भीतर स्थायीकरण अनिवार्य है। स्थायीकरण के बाद ही पूर्ण वेतन, महंगाई भत्ता और अन्य सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन वर्तमान में शिक्षकों को केवल बेसिक वेतन मिल रहा है। महंगाई के दौर में सीमित आय के कारण परिवार का खर्च, किराया और बच्चों की पढ़ाई चलाना चुनौती बन गया है।
पीड़ा : बढ़ रहा आर्थिक और मानसिक दबाव
दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत कई शिक्षक घर से दूर रहकर सेवाएं दे रहे हैं, जिससे आर्थिक और मानसिक दबाव और बढ़ गया है। इसका असर शिक्षण गुणवत्ता पर भी पड़ने लगा है, क्योंकि आर्थिक असुरक्षा में शिक्षक पूरी क्षमता से कार्य नहीं कर पा रहे हैं।
शिक्षक संघों ने आरोप लगाया है कि अनावश्यक रूप से प्रक्रिया लटकाई जा रही है। उनका कहना है कि संबंधित संस्थानों से ऑनलाइन सत्यापन आसानी से किया जा सकता था, लेकिन इसके बावजूद देरी हो रही है।
राजस्थान पंचायतीराज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश बिश्नोई खारा ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र स्थायीकरण के आदेश जारी नहीं किए गए तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। संघ ने आशंका जताई है कि प्रक्रिया को और आगे बढ़ाया जा सकता है।


