अररिया में जिलाधिकारी विनोद दूहन ने ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के तहत आयोजित जनता दरबार में आम लोगों की फरियादें सुनीं। इस दौरान कुल 57 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें भूमि विवाद से जुड़े कई मामले प्रमुख रहे। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘सात निश्चय-3’ के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान – जीवन आसान’ के अंतर्गत यह जनता दरबार समाहरणालय स्थित परमान सभागार में आयोजित किया गया। जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। निजी जमीन के एक हिस्से पर अवैध कब्जे का मामला उठाया जनता दरबार में कई गंभीर शिकायतें सामने आईं। विमल कुमार मेहता ने भूमाफियाओं द्वारा फर्जी कागजात बनाकर मारपीट करने की शिकायत दर्ज कराई। मनीष कुमार ने अपनी निजी जमीन के एक हिस्से पर अवैध कब्जे का मामला उठाया। इसी तरह, धर्मेंद्र कुमार बहरदार एवं अन्य लोगों ने मछली पट्टी में अवैध वसूली की शिकायत करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। महिला शिकायतकर्ता रुकमणि देवी ने राशन कार्ड में अपना नाम जोड़ने संबंधी समस्या रखी, जबकि मुकेश कुमार ने अपने क्षेत्र में सोलर लाइट लगवाने की मांग प्रस्तुत की। अधिकारियों को तुरंत जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश सभी आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए जिलाधिकारी विनोद दूहन ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी समाधान करना है। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि मामलों का निष्पादन समयबद्ध तरीके से हो और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने शिकायतों के निस्तारण में सहयोग किया। बिहार सरकार की ‘सबका सम्मान – जीवन आसान’ पहल का हिस्सा यह जनता दरबार बिहार सरकार की ‘सबका सम्मान – जीवन आसान’ पहल का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य नागरिकों के जीवन को सरल बनाना और प्रशासन को जन-केंद्रित बनाना है। अररिया जिले में ऐसे आयोजनों से लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ रहा है और समस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही समाधान संभव हो रहा है। अररिया में जिलाधिकारी विनोद दूहन ने ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के तहत आयोजित जनता दरबार में आम लोगों की फरियादें सुनीं। इस दौरान कुल 57 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें भूमि विवाद से जुड़े कई मामले प्रमुख रहे। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘सात निश्चय-3’ के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान – जीवन आसान’ के अंतर्गत यह जनता दरबार समाहरणालय स्थित परमान सभागार में आयोजित किया गया। जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए फरियादियों ने अपनी समस्याएं सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। निजी जमीन के एक हिस्से पर अवैध कब्जे का मामला उठाया जनता दरबार में कई गंभीर शिकायतें सामने आईं। विमल कुमार मेहता ने भूमाफियाओं द्वारा फर्जी कागजात बनाकर मारपीट करने की शिकायत दर्ज कराई। मनीष कुमार ने अपनी निजी जमीन के एक हिस्से पर अवैध कब्जे का मामला उठाया। इसी तरह, धर्मेंद्र कुमार बहरदार एवं अन्य लोगों ने मछली पट्टी में अवैध वसूली की शिकायत करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। महिला शिकायतकर्ता रुकमणि देवी ने राशन कार्ड में अपना नाम जोड़ने संबंधी समस्या रखी, जबकि मुकेश कुमार ने अपने क्षेत्र में सोलर लाइट लगवाने की मांग प्रस्तुत की। अधिकारियों को तुरंत जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश सभी आवेदनों को गंभीरता से सुनते हुए जिलाधिकारी विनोद दूहन ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता दरबार का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं का शीघ्र और प्रभावी समाधान करना है। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि मामलों का निष्पादन समयबद्ध तरीके से हो और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने शिकायतों के निस्तारण में सहयोग किया। बिहार सरकार की ‘सबका सम्मान – जीवन आसान’ पहल का हिस्सा यह जनता दरबार बिहार सरकार की ‘सबका सम्मान – जीवन आसान’ पहल का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य नागरिकों के जीवन को सरल बनाना और प्रशासन को जन-केंद्रित बनाना है। अररिया जिले में ऐसे आयोजनों से लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ रहा है और समस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही समाधान संभव हो रहा है।


