Herpes Virus: इजराइल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 2 हफ्ते के नवजात बच्चे को हरपीज (Herpes) नाम का गंभीर बीमारी हो गई है। बताया जा रहा है कि एक धार्मिक रस्म के दौरान हुई छोटी सी चूक की वजह से बच्चा इस खतरनाक वायरस की चपेट में आ गया। हालत इतनी खराब है कि यह इन्फेक्शन बच्चे के दिमाग तक फैल गया है और वह फिलहाल अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। डॉक्टरों ने इस घटना के बाद नवजात बच्चों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया है।
क्या है पूरा मामला?
इजराइल के तेल अवीव में ‘वुल्फसन मेडिकल सेंटर’ में इन दिनों एक नन्हीं सी जान के लिए हर कोई दुआ कर रहा है। यहां एक पारंपरिक रीति-रिवाज ब्रिट मिलाह (खतना) के दौरान एक बच्चे को इन्फेक्शन हो गया। दरअसल, कुछ पुरानी परंपराओं में खतना करने के बाद घाव को साफ करने के लिए मुंह (ओरल सक्शन) का इस्तेमाल किया जाता है। डॉक्टरों का मानना है कि इसी प्रक्रिया के दौरान बच्चे को हरपीज सिंप्लेक्स वायरस (HSV-1) लग गया। डॉक्टर डायना ताशेर ने बताया कि जब बच्चा अस्पताल लाया गया, तो उसके शरीर पर छाले थे। जांच करने पर पता चला कि वायरस उसके दिमाग की नसों (सेंट्रल नर्वस सिस्टम) तक पहुंच चुका है।
छोटे बच्चों के लिए क्यों है बड़ा खतरा?
डॉक्टरों के अनुसार, बड़ों के लिए हरपीज शायद ज्यादा खतरनाक न हो, लेकिन नवजात बच्चों के लिए यह जानलेवा साबित होता है। छोटे बच्चों का शरीर बीमारियों से लड़ने के लिए तैयार नहीं होता। अगर इन्फेक्शन दिमाग या शरीर के अंगों में फैल जाए, तो इससे बच्चे की मौत भी हो सकती है।
बच्चों में ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सावधान
- शरीर या चेहरे पर छोटे-छोटे छाले होना।
- बच्चे को बहुत तेज बुखार आना।
- दूध पीने में परेशानी या बहुत ज्यादा कमजोरी।
- सांस लेने में दिक्कत होना।
क्या है इसका बचाव और इलाज?
हरपीज का कोई इलाज तो नहीं है, लेकिन सही समय पर एंटी-वायरल दवाओं से इसे कंट्रोल किया जा सकता है। नवजात बच्चों के मामले में बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है। डॉक्टरों का कहना है कि जब तक बच्चा कम से कम 2-3 महीने का न हो जाए, उसे बाहरी लोगों के संपर्क से बचाना चाहिए और घाव वाली जगह पर गंदगी नहीं होने देनी चाहिए।
इन 5 तरीकों से बच्चों में फैलता है यह जानलेवा वायरस
- बीमार व्यक्ति के थूक या लार का बच्चे के घाव या कोमल त्वचा पर लगने से यह फैलता है।
- अगर किसी को होंठ के पास फुंसी है और उसने बच्चे को गले लगाया या किस किया, तो संक्रमण हो सकता है।
- कई बार सामने वाले के चेहरे पर कोई घाव नहीं दिखता, फिर भी उसके अंदर मौजूद वायरस बच्चे को लग सकता है।
- अगर किसी ने अपने मुंह को छूकर बिना हाथ धोए बच्चे को गोद में लिया या खिलाया, तो भी खतरा रहता है।
- नवजात बच्चों का शरीर बीमारियों से लड़ने में सक्षम नहीं होता, इसलिए यह वायरस तुरंत उनके दिमाग तक पहुंच जाता है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


