Middle East War Update: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब एक बड़े युद्ध का रूप लेता जा रहा है, हालात हर दिन और गंभीर होते दिख रहे हैं। इस बीच सऊदी अरब की चेतावनी ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है। सऊदी अरब का कहना है कि उसके दो रिफाइनरियों पर हमला हुआ है। तेल टैंकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। रिहायशी इलाके में बमबारी की जा रही है, इसलिए उसे मिलिट्री एक्शन लेने का पूरा अधिकार है। ये चेतावनी उसने ईरान को दी है।
सऊदी अरब ने आगे ये भी कहा कि ईरान पर जो थोड़ा बहुत भरोसा बचा था, वह पूरी तरह से टूट गया है। अब वह जवाबी कार्रवाई करेगा। उधर ईरान का मानना है कि जो भी देश यूएस और इजरायल का साथ देगा। उसे वह बख्शा नहीं जायेगा।
बता दें 28 फरवरी से शुरू हुआ यह संघर्ष गैस, तेल बाजार, समुद्री रास्ते को प्रभावित कर रहा है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव ने पूरी दुनिया की नजरें इस युद्ध पर टिका दी हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को दी खुलमखुल्ला धमकी
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी ने माहौल को और गरमा दिया है। ट्रंप का कहना है कि अगर ईरान ने कतर और बाकी के देशों पर फिर से हमला किया तो US जवाबी कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने ये भी कहा कि इजराइल, ईरान के बड़े पार्स गैस फील्ड (South Pars Gas Field) पर और कोई हमला नहीं करेगा, लेकिन अगर ईरान ने कतर पर फिर से हमला किया, तो U.S. जवाबी कार्रवाई करेगा और उस फील्ड के पूरे हिस्से को उड़ा देगा।
गैस फील्ड पर हमले की साइड स्टोरी समझिए
दरअसल, युद्ध के 19वें दिन 18 मार्च को इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया था। इसके जवाब में ईरान ने कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट ‘रास लफान’ पर हमला किया था, जिसे दुनिया के कई देश गलत मान रहे हैं। वहीं, 12 मुस्लिम देशों ने खुलकर इसकी आलोचना की। सऊदी की राजधानी रियाद में हुई बैठक के बाद बयान जारी किया गया, जिसमें सऊदी अरब, कतर और यूएई समेत कई देश शामिल हुए।
इन देशों ने कहा कि रियाहशी इलाकों पर ईरान का हमला बिल्कुल गलत है और इसे किसी भी हालत में सही नहीं ठहराया जा सकता।
वहीं, सऊदी ने भी ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। सऊदी के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद ने दावा किया कि उनका देश ईरान को जवाब देने की पूरी ताकत रखता है। ईरान हमारे सब्र का इम्तिहान न लें।


