मां बोली- हिंदू लड़के के साथ नहीं रहने दूंगी:दरभंगा में नाबालिग बेटी के अपहरण का आरोप; SSP से कहा- पुलिस FIR दर्ज नहीं कर रही

मां बोली- हिंदू लड़के के साथ नहीं रहने दूंगी:दरभंगा में नाबालिग बेटी के अपहरण का आरोप; SSP से कहा- पुलिस FIR दर्ज नहीं कर रही

‘मैं अपनी बेटी को हिंदू लड़के के हाथों में नहीं सौंपना चाहती हूं। मेरी बेटी को लड़का 26 जनवरी को भगाकर ले गया था। इससे पहले मेरी बेटी ने घर से जेवरात और कैश चुराया था। लड़का मेरी बेटी को लेकर पंजाब में है। मुझे वीडियो बनाकर भेजता है, जिसमें वो कैश गिनता है, मोबाइल खरीदता है, बेटी का वीडियो बनाकर भेजता है, जिसमें मेरी बेटी के मांग में सिंदूर, पैरों में पायल वगैरह दिख रहा है।’ ‘मैंने हायाघाट थाना के SHO से मदद मांगी, लेकिन उन्होंने कोई मदद नहीं की। मैंने अब तक तीन बार एसपी से मुलाकात की है, डीएम से एक बार मिली हूं, डीआईजी से भी मदद की अपील की है, लेकिन मेरी बेटी अब तक बरामद नहीं हो पाई है। मेरी बेटी नाबालिग है, उसे लड़का जो सिखाता है, वही बोलती है, मैं मुस्लिम हूं तो अपनी बेटी की शादी हिंदू से कैसे करा सकती हूं।’ दरभंगा की एक महिला ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में ये बातें कही। महिला ने बताया कि आज एसएसपी से मुलाकात की है और पूरी घटना की जानकारी दी है। महिला की शिकायत के बाद एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने जांच पड़ताल कर आवश्यक कार्रवाई की बात कही है। नाबालिग के गायब होने का मामला क्या है? नाबालिग की मां का क्या कहना है? नाबालिग की मां ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए हैं? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले पढ़िए, नाबालिग के गायब होने की कहानी महिला ने बताया कि मेरी बेटी के गायब होने की घटना 2 महीने पुरानी है। 2 महीने से पुलिस से प्राथमिकी दर्ज कर बेटी को बरामद करने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही हूं, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मेरी बेटी 10वीं की छात्रा है। रजौली गांव के रहने वाले शंकर सहनी का बेटा महेश सहनी (20) अपने दोस्त अरुण के साथ 2 जनवरी 2026 की रात करीब 11 बजे मेरी बेटी को मेरे घर से भगा ले गया। महिला ने बताया कि मेरा घर झोपड़ीनुमा है, जहां से दीवार (टाट) तोड़कर लड़की को निकाला गया। इस दौरान आवाज हुई तो मैंने देखा कि महेश अपने दोस्त अरुण के साथ मेरी बेटी को लेकर जा रहा है। देर रात को ही मैंने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बेटी की काफी खोजबीन की। नाबालिग की मां बोली- लड़के को पहचानती हूं, इसलिए उसके घर गई नाबालिग की मां ने बताया कि महेश सहनी और उसके दोस्त अरुण को मैं पहचानती हूं, चूंकि हम दोनों का घर आसपास ही है, इसलिए महेश अपने दोस्त अरुण के साथ मेरे घर की ओर आता जाता था। मुझे महेश पर पहले से शक था। इसलिए जब बेटी के बारे में कुछ पता नहीं चला तो मैं देर रात 2 बजे महेश के घर गई। उन्होंने बताया कि महेश के घरवालों ने मुझे बताया कि वो 2 जनवरी की शाम से ही गायब है। देर रात तक घर नहीं आया है। इसके बाद मैंने कहा कि आप अपने बेटे को कॉल कीजिए। जब महेश के घरवालों ने अपने बेटे को कॉल किया तो उसने कॉल नहीं उठाया। इसके बाद हम लोग 3 जनवरी को अरुण के घर गए। अरुण ने बताया कि मैंने लड़की को और महेश को समस्तीपुर पहुंचा दिया है। इसके बाद मैंने हायाघाट थाना को आवेदन दिया। नाबालिग की मां ने बताया कि 8 दिन के बाद पुलिस का कॉल आया कि आपकी बेटी कोर्ट मैरिज करने के लिए गई है। बेटी को वापस सौंपने के लिए पुलिस ने 3000 रुपए लिए लड़की की मां ने बताया कि एक रात थाना में रखने के बाद मुझे मेरी बेटी को सौंप दिया गया। मां का आरोप है कि बेटी को वापस देने के नाम पर थाना में पदस्थापित काजल नाम की एक महिला दरोगा ने 3000 रुपए ‘गाड़ी के तेल’ के नाम पर लिए। नाबालिग की मां के अनुसार, 26 जनवरी 2026 को आरोपी महेश दोबारा मेरी बेटी को लेकर फरार हो गया। इसके बाद जब वे थाना में आवेदन देने पहुंचीं तो पुलिस ने आवेदन लेने से इनकार कर दिया और कहा कि लड़की पंजाब में है, मामला वहां दर्ज होगा। जबकि मां का कहना है कि उनकी बेटी यहीं से भगाई गई है, इसलिए स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए। नाबालिग की मां बोली- बेटी घर से जेवरात लेकर भागी पीड़िता की मां ने बताया कि उनकी बेटी पिछले 1 महीना 19 दिन से लापता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बेटी घर से करीब ₹70,000 नगद और जेवरात लेकर गई है। आरोपी युवक ने बेटी के साथ वीडियो बनाकर भेजा हैं, जिसमें उसे शादीशुदा दिखाने की कोशिश की जा रही है। मामले में मां ने एसएसपी, डीएम और डीआईजी सहित वरीय अधिकारियों से मिलकर लिखित आवेदन दिया है और बेटी की शीघ्र बरामदगी की मांग की है। मां ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि उनकी बेटी नाबालिग है, उसे जल्द से जल्द बरामद कर सुरक्षित घर वापस लाया जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। ‘होली के पहले लड़की को लेकर महेश आया था, पुलिस ने बयान लिया था’ नाबालिग की मां ने कहा कि किसी भी हाल में पुलिस मुझे मेरी बेटी को सौंप दे। उन्होंने बताया कि होली से कुछ दिन पहले आरोपी महेश मेरी बेटी को लेकर अपने घर आया था। जब हम लोगों को इसकी जानकारी हुई तो हायाघाट पुलिस को इसकी सूचना दी। जानकारी के बाद पुलिस ने मेरी बेटी का बयान दर्ज किया और उसे छोड़ दिया। नाबालिग की मां ने कहा कि पुलिस ने मेरी बेटी से क्या पूछताछ की, मेरी बेटी ने क्या कहा, मुझे नहीं पता है। पुलिस को मेरी बेटी को मुझे सौंपना चाहिए थे, लेकिन ऐसा न कर लड़की को लड़के के हवाले कर दिया, जिसकी वजह से होली से दो दिन पहले महेश मेरी बेटी को लेकर पंजाब चला गया। ‘मैं अपनी बेटी को हिंदू लड़के के हाथों में नहीं सौंपना चाहती हूं। मेरी बेटी को लड़का 26 जनवरी को भगाकर ले गया था। इससे पहले मेरी बेटी ने घर से जेवरात और कैश चुराया था। लड़का मेरी बेटी को लेकर पंजाब में है। मुझे वीडियो बनाकर भेजता है, जिसमें वो कैश गिनता है, मोबाइल खरीदता है, बेटी का वीडियो बनाकर भेजता है, जिसमें मेरी बेटी के मांग में सिंदूर, पैरों में पायल वगैरह दिख रहा है।’ ‘मैंने हायाघाट थाना के SHO से मदद मांगी, लेकिन उन्होंने कोई मदद नहीं की। मैंने अब तक तीन बार एसपी से मुलाकात की है, डीएम से एक बार मिली हूं, डीआईजी से भी मदद की अपील की है, लेकिन मेरी बेटी अब तक बरामद नहीं हो पाई है। मेरी बेटी नाबालिग है, उसे लड़का जो सिखाता है, वही बोलती है, मैं मुस्लिम हूं तो अपनी बेटी की शादी हिंदू से कैसे करा सकती हूं।’ दरभंगा की एक महिला ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में ये बातें कही। महिला ने बताया कि आज एसएसपी से मुलाकात की है और पूरी घटना की जानकारी दी है। महिला की शिकायत के बाद एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने जांच पड़ताल कर आवश्यक कार्रवाई की बात कही है। नाबालिग के गायब होने का मामला क्या है? नाबालिग की मां का क्या कहना है? नाबालिग की मां ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए हैं? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले पढ़िए, नाबालिग के गायब होने की कहानी महिला ने बताया कि मेरी बेटी के गायब होने की घटना 2 महीने पुरानी है। 2 महीने से पुलिस से प्राथमिकी दर्ज कर बेटी को बरामद करने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही हूं, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मेरी बेटी 10वीं की छात्रा है। रजौली गांव के रहने वाले शंकर सहनी का बेटा महेश सहनी (20) अपने दोस्त अरुण के साथ 2 जनवरी 2026 की रात करीब 11 बजे मेरी बेटी को मेरे घर से भगा ले गया। महिला ने बताया कि मेरा घर झोपड़ीनुमा है, जहां से दीवार (टाट) तोड़कर लड़की को निकाला गया। इस दौरान आवाज हुई तो मैंने देखा कि महेश अपने दोस्त अरुण के साथ मेरी बेटी को लेकर जा रहा है। देर रात को ही मैंने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ बेटी की काफी खोजबीन की। नाबालिग की मां बोली- लड़के को पहचानती हूं, इसलिए उसके घर गई नाबालिग की मां ने बताया कि महेश सहनी और उसके दोस्त अरुण को मैं पहचानती हूं, चूंकि हम दोनों का घर आसपास ही है, इसलिए महेश अपने दोस्त अरुण के साथ मेरे घर की ओर आता जाता था। मुझे महेश पर पहले से शक था। इसलिए जब बेटी के बारे में कुछ पता नहीं चला तो मैं देर रात 2 बजे महेश के घर गई। उन्होंने बताया कि महेश के घरवालों ने मुझे बताया कि वो 2 जनवरी की शाम से ही गायब है। देर रात तक घर नहीं आया है। इसके बाद मैंने कहा कि आप अपने बेटे को कॉल कीजिए। जब महेश के घरवालों ने अपने बेटे को कॉल किया तो उसने कॉल नहीं उठाया। इसके बाद हम लोग 3 जनवरी को अरुण के घर गए। अरुण ने बताया कि मैंने लड़की को और महेश को समस्तीपुर पहुंचा दिया है। इसके बाद मैंने हायाघाट थाना को आवेदन दिया। नाबालिग की मां ने बताया कि 8 दिन के बाद पुलिस का कॉल आया कि आपकी बेटी कोर्ट मैरिज करने के लिए गई है। बेटी को वापस सौंपने के लिए पुलिस ने 3000 रुपए लिए लड़की की मां ने बताया कि एक रात थाना में रखने के बाद मुझे मेरी बेटी को सौंप दिया गया। मां का आरोप है कि बेटी को वापस देने के नाम पर थाना में पदस्थापित काजल नाम की एक महिला दरोगा ने 3000 रुपए ‘गाड़ी के तेल’ के नाम पर लिए। नाबालिग की मां के अनुसार, 26 जनवरी 2026 को आरोपी महेश दोबारा मेरी बेटी को लेकर फरार हो गया। इसके बाद जब वे थाना में आवेदन देने पहुंचीं तो पुलिस ने आवेदन लेने से इनकार कर दिया और कहा कि लड़की पंजाब में है, मामला वहां दर्ज होगा। जबकि मां का कहना है कि उनकी बेटी यहीं से भगाई गई है, इसलिए स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए। नाबालिग की मां बोली- बेटी घर से जेवरात लेकर भागी पीड़िता की मां ने बताया कि उनकी बेटी पिछले 1 महीना 19 दिन से लापता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बेटी घर से करीब ₹70,000 नगद और जेवरात लेकर गई है। आरोपी युवक ने बेटी के साथ वीडियो बनाकर भेजा हैं, जिसमें उसे शादीशुदा दिखाने की कोशिश की जा रही है। मामले में मां ने एसएसपी, डीएम और डीआईजी सहित वरीय अधिकारियों से मिलकर लिखित आवेदन दिया है और बेटी की शीघ्र बरामदगी की मांग की है। मां ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा कि उनकी बेटी नाबालिग है, उसे जल्द से जल्द बरामद कर सुरक्षित घर वापस लाया जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। ‘होली के पहले लड़की को लेकर महेश आया था, पुलिस ने बयान लिया था’ नाबालिग की मां ने कहा कि किसी भी हाल में पुलिस मुझे मेरी बेटी को सौंप दे। उन्होंने बताया कि होली से कुछ दिन पहले आरोपी महेश मेरी बेटी को लेकर अपने घर आया था। जब हम लोगों को इसकी जानकारी हुई तो हायाघाट पुलिस को इसकी सूचना दी। जानकारी के बाद पुलिस ने मेरी बेटी का बयान दर्ज किया और उसे छोड़ दिया। नाबालिग की मां ने कहा कि पुलिस ने मेरी बेटी से क्या पूछताछ की, मेरी बेटी ने क्या कहा, मुझे नहीं पता है। पुलिस को मेरी बेटी को मुझे सौंपना चाहिए थे, लेकिन ऐसा न कर लड़की को लड़के के हवाले कर दिया, जिसकी वजह से होली से दो दिन पहले महेश मेरी बेटी को लेकर पंजाब चला गया।  

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